जिले के दो स्थानों में हुई पांच कौवों की मौत

जांच के लिए भोपाल भेजे गए सैंपल
जांच में लगेगा पता ठंड या फ्लू से हुई मौत

By: Dharmendra Singh

Published: 11 Jan 2021, 07:58 PM IST

छतरपुर। कोरोना संक्रमण के बाद अब बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है। देश के कई राज्यों में इसका खासा असर भी देखने को मिल रहा है। जिले में अभी तक प्रारंभिक जांच में कोई मामला सामने नहीं आया लेकिन रविवार और सोमवार को जिले के दो क्षेत्रों में पांच कौवों की मौत होने से बर्ड फ्लू की आशंका दस्तक दे गई। मृत हुए कौवों का सैंपल जांच के लिए भोपाल भिजवाया जा रहा है।
हरपालपुर के स्टेशन मोहल्ला में प्राथमिक शाला की छत पर एक कौआ मृत अवस्था में मिला था। अध्यापक ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी है वहीं स्टेशन मोहल्ला में स्थित मजार के पास एक कौआ मृत मिला है। लहचूरा रोड में भी एक कौआ की मौत होने की सूचना पशुपालन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही विभाग द्वारा संबंधित स्थानों पर जाकर मृत कौओं के सैंपल लेते हुए उन्हें दफना दिया गया। सैंपल जांच के लिए भोपाल लैब भेजे जा रहे हैं।
वहीं शाम के समय छतरपुर में भी कबूतर के मरने की सूचना मिली है। पशु चिकित्सक हरपालपुर मेघ सिंह आर्य ने बताया कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती तब तक कुछ नहीं का जा सकता। ठंड से भी पक्षियों की मौत हो जाती है। उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. विमल तिवारी ने बताया कि राजनगर क्षेत्र के ग्राम हकीमपुरा में रविवार को एक कौआ की मौत होने की खबर मिली थी जिसका सैंपल लिया गया है।
पक्षियों की मौत पर यह रखें सावधानी
उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. विमल तिवारी ने बताया कि यदि पक्षी मृत अवस्था में मिलता है तो उसे छूने के दौरान हाथों में पॉलीथिन का इस्तेमाल करना चाहिए और तुरंत विभाग को सूचना देना चाहिए। उन्होंने बताया कि एआर सोनी को नोडल अधिकारी बनाया गया है जिनका मोबाइल नंबर 9893367713 है। उन्होंने साबुन से हाथ धोने और सैनेटाइजर का उपयोग करने की भी सलाह दी।
एच-5 एन-8 वायरस करता है पक्षियों पर हमला
डॉ. विमल तिवारी के मुताबिक पूर्व के अनुभवों के आधार पर बर्ड फ्लू से इंसानों को ज्यादा खतरा नहीं है फिर भी सावधानी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि 9 जनवरी को कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक हुई थी और बीमारी से सचेत रहने के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय बनाया गया था। एच-5 एन-8 नाम का वायरस बर्ड फ्लू के दौरान पक्षियों के शरीर में प्रवेश करता है और यह वायरस पूरे शरीर में फैल जाता है। उन्होंने बताया कि जंगली पक्षियों में इस वायरस का ज्यादा असर देखने को मिलता है। मुर्गी फार्म संचालकों को विशेष सुरक्षा बरतने की जरूरत है।

Dharmendra Singh
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