महाराजपुर में भाजपा के लिए अपनों तो कांग्रेस के लिए बसपा बनेगी फिर चुनौती

महाराजपुर में भाजपा के लिए अपनों तो कांग्रेस के लिए बसपा बनेगी फिर चुनौती

Neeraj Soni | Publish: Sep, 06 2018 12:04:46 PM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

बिजावर और महाराजपुर विधानसभा रिपोर्ट :

नीरज सोनी/बजीर खान@छतरपुर. जिले के महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार भाजपा और कांग्रेस से टिकट के लिए कई दावेदार सामने आ रहे हैं। परंपरागत चेहरों से हटकर नए चेहरे दोनों ही दलों से अपनी मजबूत दावेदारी जता रहे हैं। इस सीट पर भाजपा से दावेदारी करने वालों की संख्या कांग्रेस की तुलना में ज्यादा है। दावेदारों की यही संख्या भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस के लिए इस बार भी बहुजन समाज पार्टी मुश्किलें बढ़ाएगी। पिछले चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी। इस बार भी कांग्रेस के पास कोई मजबूत चेहरा नहीं है जो भाजपा से यह सीट छीन सके। भाजपा का सीधा मुकाबला बसपा से हुआ था। इस बार भी बसपा से वही चेहरा मैदान में है।
ऐसा है परफॉर्मेंस
मानवेंद्र सिंह भंवर राजा, विधायक
1. लोगों के क्षेत्र में काम कराएं, पार्टी संगठन से भी समन्वय बनाकर रखा।
2. क्षेत्र में कम ही सक्रियता कम रही।
3. रेत के कारोबार को लेकर समर्थकों में ही असंतोष बना रहा।
राकेश पाठक, निकटतम प्रतिद्वंदी
1. चुनाव हारने के बाद क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे।
2. पार्टी के कार्यक्रमों के अलावा भी क्षेत्रीय जनता से संपर्क बनाए रखा।
3. पांच सालों से गांव-गांव जाकर लोगों के बीच संपर्क किया।
चुनौतियां :
भाजपा : दावेदारों में से किसी एक सर्वमान्य को टिकट देना और बगावत रोकना।
कांग्रेस : एक प्रत्याशी के लिए दावेदारों में सहमति बनाना। बगावत रोकना।
बसपा : दलित वोट बैंक में सेंध लगाने से कांग्रेस-भाजपा को रोकना।
महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र के दावेदार :
भाजपा :
मानवेंद्र सिंह भंवर राजा विधायक : क्षेत्र में मजबूत पकड़, भाजपा संगठन में ऊपर तक पैठ, चार बार के विधायक, जनता के बीच लोकप्रियता।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष सूरजदेव मिश्रा : भाजपा जिला उपाध्यक्ष, दो बार से बार संघ अध्यक्ष, संघ में मजबूत पकड़, पूरे क्षेत्र के लोगों से संपर्क। ब्राह्मण चेहरा और तेजतर्रार छवि।
मानिक चौरसिया : भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, पिछड़ा वर्ग का चेहरा, चौरसिया समाज के जिला अध्यक्ष।
महेश मातौल : पंचायतीराज प्रकोष्ठ जिला संयोजक, संगठन में पकड़, ब्राह्मण चेहरा, लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय।
अंजुल सक्सेना : पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, बेदाग और अच्छी छवि।
हरिश्चंद्र द्विवेदी हरषू महाराज : भाजपा जिला मंत्री, वरिष्ठ कार्यकर्ता।
अभिलाषा शिवहरे : नगरपालिका अध्यक्ष। महिला चेहरा।
कांग्रेस :
चंद्रिकाप्रसाद द्विवेदी : पूर्व संगठन मंत्री, पार्टी में ऊपर तक मजबूत पैठ।
नीरज दीक्षित : नौगांव जनपद उपाध्यक्ष, कांग्रेस परिवार से ताल्लुकात, युवा चेहरा।
अजय दौलत तिवारी : कांग्रेस परिवार से संबंध, युवा नेता।
संजय अग्निहोत्री : वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, व्यवसायी।
गगन यादव : ब्लाक कांग्रेस उपाध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग चेहरा।
राजेश महतो : सेवादल के नेता, वरिष्ठ कांग्रेस परिवार से संबद्ध।
लल्ला महेंद्र सिंह : सत्यव्रत चतुर्वेदी के करीबी, वरिष्ठ कांग्रेसी परिवार से संबद्ध।
अनबरी सिद्दीकी : मुस्लिम चेहरा, महिला कांग्रेस में लंबे समय से सक्रिय।
जितेंद्र सिंह चौहान : बिजनेस मैन, कांग्रेस नेताओं से करीबी।
बसपा : राकेश पाठक : ब्राह्मण चेहरा, क्षेत्र में मजबूत पकड़, पिछले चुनाव में कांग्रेस से सीधा मुकाबला हुआ।
बृजेश द्विवेदी : किसान नेता, क्षेत्र में पकड़।
अन्य :
समाजवादी पार्टी : प्रीतम यादव : जिला पंचायत सदस्य, यादव जाति में पकड़।
आमआदमी पार्टी : सैय्यद बसीम : बिजनेसमैन, विजय प्रताप सिंह मनकारी, किसान नेता।
हारजीत का अंतर
मानवेंद्र सिंह, भाजपा : 45816
राकेश पाठक, बसपा : 30095
लल्ला महेंद्र सिंह, कांग्रेस : 19442
हारजीत का अंतर - 15,721
भाजपा के गढ़ को भेदना होगी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती
बिजावर विधानसभा क्षेत्र में इस बार भाजपा और कांग्रेस से कई नए दावेदार निकलकर सामने आए हैं। भाजपा के लिए जहां अपने गढ़ को सुरक्षित रखने की चुनौती इस चुनाव में होगी, वहीं कांग्रेस को यह गढ़ भेदकर अपनी बिखरी ताकत को समेटकर सीट पर कब्जा करने की बड़ी चुनौती है। परिसीमन के बाद से इस सीट से भाजपा के ही पास है। परिसीमन के पहले भी बिजावर क्षेत्र के एक बड़े भाग से भाजपा ही जीतती थी। परसीमन के बाद भाजपा इस सीट पर और भी ज्यादा मजबूत होती चली गई। लेकिन इस बार बिजावर सीट का मिजाज बदलाव की ओर है। भाजपा में ही एक से अधिक कई दावेदार निकलकर आए हैं। वहीं कांग्रेस में भी मजबूत दावेदारों के आने से भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस बार वर्तमान विधायक पुष्पेंद्रनाथ पाठक गुड्डन के अलावा भाजपा की ओर से इसी सीट के पूर्व विधायक और खजुराहो सांसद जितेंद्र सिंह बुंदेला भी दावेदारी कर रहे हैं। उधर कांग्रेस से पूर्व विधायक शंकरप्रताप सिंह बुंदेला मुन्ना राजा मजबूत दावेदार हैं।
ऐसा है परफार्मेंस
पुष्पेंद्रनाथ पाठक, गुड्डन
1. सोशल मीडिया और माइक्रो मैनेजमेंट में पकड़ बनाई।
2. गांव-गांव जाकर समस्याओं को उठाया।
3. स्कूलों का उन्नयन, सड़क निर्माण और भवन निर्माण कराए।
4. उदासीनता के आरोप भी लगते रहे
राजेश शुक्ला बबलू
1. चुनाव हारने के बाद जनता से दूरी बनाई।
2. गांव-गांव में शराब के कारोबार के कारण छवि खराब हुई।
3. लगातार दो बार चुनाव हारने के बाद कार्यकर्ता कम होते चले गए।
4. चुनाव के पहले सक्रिय हुए।
चुनौतियां
भाजपा : क्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक विकास कार्य नहीं होना।
कांग्रेस : गुटों में बटे कांग्रेस नेताओं को एकजुट करना।
बिजावर विधानसभा क्षेत्र दावेदार
भाजपा
पुष्पेंद्रनाथ पाठक : वर्तमान विधायक, संगठन और संघ में मजबूत पकड़।
जीतेंद्र सिंह बुंदेला : पूर्व सांसद-विधायक, संगठन से करीबी, जनआशीर्वाद यात्रा से संभाग प्रभारी।
इंद्रर सिंह बुंदेला : संगठन में पकड़, क्षेत्र में एक साल से सक्रिय, गांव-गांव संपर्क।
अरविंद अग्रवाल : जटाशंकर ट्रस्ट कमेटी अध्यक्ष, पूर्व जनभागीदारी समिति अध्यक्ष, युवा चेहरा।
भूपेंद्र गुप्ता: नगरपंचायत अध्यक्ष
कांग्रेस :
शंकरप्रताप सिंह बुंदेला मुन्ना राजा : पूर्व विधायक, बुंदेली उत्सव के संस्थापक, प्रतिष्ठित छवि। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता:
राजेश बबलू शुक्ला : दो बार कांग्रेस के प्रत्याशी रहे, आबकारी ठेकेदार, कांग्रेसी परिवार से संबंध।
राजेंद्र सिंह चौका : युवा चेहरा
राजेश शर्मा : किसान नेता
राजेंश सिंह पायक : कुर्रा सरपंच
आम आदमी पार्टी : अमित भटनागर : जुझारू नेता की छवि, पांच साल से किसान-आदिवासियों के बीच सक्रिय।
बसपा : अनुपमा यादव : यादव समाज में प्रभावशाली छवि।
सपा : ऋषिराज सिंह यादव : यादव समाज का युवा चेहरा।
हारजीत का अंतर :
पुष्पेंद्रनाथ पाठक, भाजपा : 50576
राजेश शुक्ला, बबलू :40179
हारजीत का अंतर - 10,397

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