स्व चिकित्सा उत्सव 7 से, भोजन से बेहतर स्वास्थ्य के अनोखे प्रयोग मिलेंगे देखने

- 7 से 10 मार्च तक चलेगा उत्सव, देश-विदेश के विशेषज्ञ होंगे शामिल

By: Neeraj soni

Published: 02 Mar 2019, 07:00 AM IST

छतरपुर। शहर के गांधी आश्रम में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला स्वचिकित्सा उत्सव इस बार 7 से 10 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। भोजन से बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त करने और भारतीय जीवन शैली के अनुरूप भोजन के चयन से लेकर उसके बनाने के तरीके इस उत्सव में लोगों के लिए खास आकर्षण होंगे। वहीं भारतीय चिकित्सा के विविध आयामों पर भी यहां पर प्रयोग किए जाएंगे।
मप्र गांधी स्मारक निधि की ओर से गांधी आश्रम छतरपुर में आयोजित किए जाने वाले स्व चिकित्सा शिविर में इस बार भी बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कई प्रयोग होंगे। शिविर के संयोजक दमयंती पाणी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य उपचार के कई रूपों को पहचानना है, उन्हें हमारे स्वयं के जीवन और संभवत: परिवारों और समुदायों में पुनर्जीवित करने में मदद करना है। ताकि हमारे स्वास्थ्य को अपने हाथों में लेने में सक्षम होने के अंतिम उद्देश्य के साथ, दवा कंपनियों को चुनौती दें। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किए गए चिकित्सक ऐसे विशेषज्ञ हैं जो विभिन्न प्रकार के उपचार (एलोपैथिक के विकल्प) का अभ्यास कर रहे हैं। जैसे कि हर्बल प्लांट-आधारित हीलिंग, प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, रेकी, प्राणिक हीलिंग, योग, प्राणायाम, फुट रिफ्लेक्सोलॉजी, प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, खाद्य-आधारित हीलिंग, मूत्र चिकित्सा, मालिश, पंचगव्य उपचार, हँसी योग, हर्बल गार्डन, सूर्य चिकित्सा आदि। मप्र गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष दुर्गाप्रसाद आर्य ने बताया कि सभी व्यावहारिक कार्यशालाओं और संवादों के माध्यम से चिकित्सा के इन विभिन्न रूपों को साझा करने से हमारा यह आयोजन युक्त होगा। हमें उम्मीद है कि यह आत्म-चिकित्सा की हमारी सभी समझ और प्रथाओं का विस्तार करने का अवसर होगा। खुले शिक्षण आदान-प्रदान में हमारे अन्य कौशल और प्रतिभाओं को साझा करने के लिए भी जगह होगी।
यह होगा शिविर में खास :
स्व चिकित्सा उत्सव शिविर में एक स्वस्थ वातावरण बनाने का प्रयास किया जाएगा। जो आत्म-चिकित्सा के सिद्धांतों के प्रतीक स्वरूप सभी प्रतिभागी समुदाय में एक साथ रहेंगे। अपने आप को साफ करेंगे, अपने स्वयं के भोजन को तैयार करने में मदद भी करेंगे, जिसमें स्वस्थ भोजन शामिल होंगे। यहां की रसोई में बनने वाला भोजन भी खास होगा जो स्थानीय अनाज, कच्चे और उबले हुए शाकाहारी उत्पादों से बनेगा। इसमें कोई तेल और डेयरी उत्पाद भी नहीं होगा। इसके साथही प्रतिभागियों को रोज़ाना बॉडीवर्क के अवसर भी दिए जाएंगे, जिसमें खेती करना, हर्बल गार्डन लगाना, खाद तैयार करना, खेल खेलना, गायन, योग करना आदि शामिल रहेगा। आयोजकों के अनुसार इस साल स्वचिकित्सा उत्सव में ऑर्गेनिक लिविंग पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें ऑर्गेनिक फार्मिंग, हेल्दी कुकिंग और फिजिकल लेबर शामिल रहेगा।

Neeraj soni Reporting
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