फल-सब्जी प्रशिक्षण कार्यशाला में खाद प्रसंस्करण का दे रहे प्रशिक्षण

स्वसहायता समूह की महिलाओं को सिखाई फू्ट जेम, सॉस बनाने की कला

By: Dharmendra Singh

Published: 12 Feb 2021, 05:52 PM IST

छतरपुर। दो दिवसीय फल एवं सब्जी प्रशिक्षण की आर्थिकोपार्जन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। महोबा रोड स्थित सहायक संचालक उद्यान के प्रशिक्षण में ग्रामीण आजीविका मिशन की स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण में दक्ष बनाने के लिए इंदौर विशेषज्ञ प्रशिक्षक ललित कुमार भटनागर, मिलन कुमार पाल द्वारा स्केवेश बेजिटेविल अचार, फ्रूट जेम, टोमेटो सॉस एवं टोमेटो केचअप, आंवला केचअप, च्वयवनप्राश, आंवला मुरब्बा प्रसंस्करण तैयार करने पर जानकारी देते हुए प्रशिक्षुक महिलाओं के समक्ष तैयार चीजों का प्रदर्शन किया गया।

स्वसहायता समूह से बढ़ेगी आमदनी
कलेक्टर शीलेन्द्र सिहं ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जहां कृषि एवं सब्जियों के लिए जमीन नहीं हैं, उन क्षेत्रों के लोगों के आर्थिकोपार्जन के लिए एनआरएलएम सशक्त माध्यम है। कलेक्टर ने कहा कि एसएचजी और एनआरएलएम समूह की महिलाएं ईमानदारी से प्रशिक्षण सीखें और फिर गुणवत्तायुक्त खाद्य प्रसंस्करण का स्वयं उत्पाद करें। इसके लिए उन्हें हरसंभव मदद दी जाएगी। साथ ही उत्पादित सामग्री के विक्रय के लिए मार्केटिंग की सुविधा भी मुहैया कराएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की मदद से आमदानी कैसे बड़े उसका बेहतर उदाहरण है एसएचजी स्वसहायता समूह। उन्होंने बताया कि लवकुशनगर के लाल कठिया गेहूं के उत्पादकों महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से विस्तारित करने के लिए 40 लाख तथा राजनगर में मिट्टी के खिलौने के विस्तार के लिए 25 लाख की राशि भवन निर्माण के लिए स्वीकृत की गई है। जहां से गुणवत्तायुक्त दलिया एवं खिलौन प्रदेश एवं देश के साथ-साथ विदेशों में भी भेजे जाएंगे।

विशेषज्ञ ललित भटनागर ने कहा कि देश के कृषकगण मेहनत एवं सृजन से अधिक उत्पाद पैदा करते हैं लेकिन तकनीकी ज्ञान के अभाव में 2 से 4 प्रतिशत तक उत्पादित बेजिटेविल्स का नुकसान होता है। इस हानि को बचाने के लिए प्रसंस्करण की ओर जाना होगा। हमें समूह बनाकर महिलाओं को जमीनी तौर पर ऊपर उठाने के लिए आगे लाना होगा। जिले में पहली बार टमाटर सॉस का प्रशिक्षण दिया गया है। सहायक संचालक उद्यान महेन्द्र मोहन भटट ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि फल एवं सब्जी कृषकों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने से गृह एवं कुटीर उद्योग विकसित करने तथा आमदानी में वृद्धि करने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला में सेवानिवृत्त सहायक संचालक उद्यान एमपीएस बुंदेला, आजीविका मिशन के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित थी।

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