गलघोंटू का प्रकोप, मवेशियों की हो रही मौत

गलघोंटू का प्रकोप, मवेशियों की हो रही मौत
Galgontu outbreak, death of cattle

Hamid Khan | Updated: 18 Aug 2019, 09:15:19 AM (IST) Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

नहीं लगाया टीका

छतरपुर. बारिश के मौसम पशुओं को गलघोंटू बीमारी का खतरा बढ़ गया है। राजनगर तहसील इलाके के कई गांवों में गलघोंटू बीमारी से पालूत मवेशियों की जान जा रही है। ग्रामीण इलाके में पशु औषाधालय समय से और रोजाना नहीं खुलने से टीकाकरण नहीं हो रहा है, जिससे पशुआ की मौत हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक पशुओं को गलघोंटू बीमारी का टीका लगवाना जरूरी है, क्योंकि इस बीमारी की चपेट में आने के बाद 80 प्रतिशत से अधिक जानवरों की मौत हो जाती है, बहुत कम जानवर इस बीमारी से लड़कर बच पाते हैं।
इन गांवों में ज्यादा परेशानी: राजनगर तहसील इलाके के झमटुली, श्यामरा, बरद्वाहा, सलैया, कावर, करौंदया, सीलोन, गंगवाहा, रमपुरा आदि गांव में पिछले 15 दिन से पालतु मवेशियों में गलघोंटू की बीमारी फैली हुई है। हर रोज किसी न किसी ग्रामीण का पालतू जानवर दम तोड़ रहा है। कित्तू पाल ने बताया कि भैंस के बछड़ा को पहले बुखार आया और फिर खाना पीना छोड़ दिया और उसके बाद उसने दम तोड़ दिया। शंकर पाल ने बताया कि, झमटुली में पशु औषधालय नहीं खुलने से टीकाकरण नहीं हो पाया, जिससे जानवर मर गए।
जमुना पटेल, श्याम लाल, जानकी रजक, कौशल किशोर, रोशन पाल,शेख लाल, भोले पटेल, रामस्वरुप पटेल ने बताया कि झमटुली और आसपास के ग्रामीण पालतू जानवरों में फै ली गलघोंटू बीमारी से परेशान हैं। रोजाना एक जानवर मर रहा है। हर किसान का कोई न कोई जानवर बीमार है। मरने वालों में सबसे ज्यादा भैंस के बछड़े हैं। बछड़ों की मौत से भैंस का दूध उत्पादन प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक ङ्क्षचता सता रही है।
ये हैं रोग के लक्षण
गलघोटू से ग्रस्त पशु को अचानक तेज बुखार हो जाता है। जिसकी चपेट में आने से रोगी पशु सुस्त रहने लगता है तथा खाना-पीना छोड़ देता है। पशु की आंखें भी लाल रहने लगती हैं। उसे सांस लेने में भी दिक्कत होती है। उसके मुंह से लार गिरने लगती है। नाक से स्राव बहना तथा गर्दन व छाती पर दर्द के साथ फसूकर आना मुख्य लक्षण है।
टीम भेजेंगे
झमटुली पशु औषधालय में फील्ड स्टाफ की पदस्थापना काफी समय से नहीं है, इससे परेशानी हो रही है, पदस्थापना की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल एक टीम भेजकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
डॉ. वीके तिवारी, उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned