दुर्घटना में घायल छात्रा को नहीं मिला स्ट्रेचर तो आरक्षक ने गोद में उठाकर पहुंचाया


सड़क हादसे में पिता और बेटी घायल, गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में हुआ एक्सीडेंट

By: Dharmendra Singh

Published: 11 Oct 2021, 06:34 PM IST


छतरपुर। पुलिस का मानवीय चेहरा जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां सड़क दुर्घटना में घायल छात्रा को चार पहिया गाड़ी से इमरजेंसी तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर न मिलने पर डायल 100 के आरक्षण ने छात्रा को गोदी में लेकर पहुंचाया। वहीं एक टैक्सी ड्राइवर ने भी मानवता का उदाहरण पेश किया, जब गढ़ीमलहरा के पास हादसे में घायल पिता बेटी सड़क पर पड़े थे, तो टैक्सी ड्राइवर अजय चौरसिया ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।

छतरपुर से अपने गांव सूपा जिला महोबा जाते समय गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के अटरा सरकर मंदिर के सामने ब्रेकर पर एक्सीडेंट में बाइक सवार 48 वर्षीय महेश राजपूत और उनकी 18 वर्षीय बेटी आकांक्षा राजपूत घायल हो गए। हादसे में घायल लोगों को पड़ा देख टैक्सी चालक अजय चौरसिया ने अपनी गाड़ी रोक ली। उसने देखा कि बेटी मदद की मदद की गुहार लगा रहीं थी, लेकिन कोई मदद करने वाला नहीं था, सब फोटो वीडियो बनाने में लगे थे। टैक्सी चालक ने लोगों से सहयोग करने को कहा और अपनी टेक्सी में बैठाकर दोनों घायलों को छतरपुर जिला अस्पताल लाए।

लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद टैक्सी से ओटी तक जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिल सका। वहां मौजूद 100 डायल के पुलिस आरक्षक भजनलाल ने देखा कि छात्रा चल नहीं पा रही है, वहीं स्ट्रेचर भी उपलब्ध नहीं हो पाया है, ऐसे में छात्रा की तकलीफ उनसे देखी नहीं गई और घायल छात्रा आकांक्षा राजपूत को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक पहुंचाया। जहां उसका इलाज किया गया। घायल की साथी अनुराधा रैकवार और गीता प्रजापति ने कहा कि हमें स्ट्रेचर नहीं मिल रहा था तो हम उसे पैदल ही लेकर चलने लगे उसे बहुत तकलीफ हो रही थी, चलते नहीं बन रहा था तो अस्पताल पहुंचाने आए पुलिस वाले अंकल ने गोद में उठाकर मदद की और इमरजेंसी और ओटी तक पहुंचाया।

Dharmendra Singh
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