लॉकडाउन के संकट में गरीबों के लिए सरकार ने खोले भण्डार

अब तक 2.60 लाख को पात्रता पर्ची व कोविड-१९ योजना में मिला राशन

छतरपुर. कोरोना महामारी के कारण चल रहे लॉकडाउन में गरीबों और असहायों को भोजन का संकट न हो इसके लिए सरकार ने अपने भण्डार खोल दिए हैं। सिर्फ छतरपुर जिले में ही अब तक 2 लाख से अधिक पात्र हितग्राहियों को तीन-तीन महीने का अनाज और चावल वितरित किया गया है, जबकि लगभग 60 हजार हितग्राहियों को कोविड 19 के तहत बनाई गई 25 श्रेणियों के अंतर्गत चिन्हित करते हुए 1 करोड़ 45 लाख किलो गेहूं एवं 24 लाख किलो चावल वितरित किया गया है। अगर दोनों तरह के परिवारों को जोड़ा जाए तो लगभग 14 लाख क्विंटल गेहूं जिले में वितरित किया किया गया है। हालांकि जिले में 25 श्रेणियों के अंतर्गत लगभग 80 हजार से अधिक हितग्राहियों को चिन्हित किया गया है लेकिन फिलहाल 60 हजार से अधिक हितग्राहियों को ही राशन पहुंचाया जा सका है।
जिले में ऐसे लोगों को ग्राम पंचायत और वार्ड के स्तर पर चिन्हित किया गया जिनके पास बीपीएल अथवा मजदूरी कार्ड नहीं है फिर भी वे गरीब और असहाय हैं। इन हितग्राहियों में से 60687 हितग्राहियों को 32 लाख किलोग्राम गेहूं एवं 80 हजार किलोग्राम चावल वितरित किया गया। यानि एक व्यक्ति को पांच किलो गेहूं और एक किलो चावल मिलने से परिवार में 40 दिन के लॉकडाउन को गुजारने के लिए अनाज दिया गया। इसी तरह जिले में 20 हजार से अधिक राशन के पात्र 2 लाख से अधिक व्यक्तियों को मार्च, अप्रेल और मई तीन महीने का राशन एक साथ वितरित किया गया। मार्च में 2 लाख 13 हजार, अप्रेल में 2 लाख 18 हजार एवं मई में 2 लाख 18 हजार हितग्राहियों को कुल एक करोड़ 45 लाख किलोग्राम गेहूं एवं 24 लाख किलोग्राम चावल वितरित किया गया।
&लॉकडाउन के संकट में सरकार गरीबों और असहाय परिवारों को राशन वितरण का काम प्राथमिकता के आधार पर कर रही है। अब तक बड़े पैमाने पर वितरण हो चुका है। अभी भी लगभग 20 हजार व्यक्तियों के लिए हमारे पास स्टॉक मौजूद है।
ऋषि शर्मा, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, छतरपुर

हामिद खान Desk
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