पूरे दिन खुली किराना-सब्जी व फल की दुकानें तो घट गई भीड़

छूट के बावजूद गांव- गलियों में नहीं खुली अन्य दुकानें
खरीददारी की आपाधापी नहीं होने से बाजार में घटी भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग का हुआ पालन
गली मोहल्ले में पहले दिन नहीं खुली सभी दुकानें, सार्वजनिक परिवहन भी नहीं हुआ शुरु

By: Dharmendra Singh

Published: 05 May 2020, 08:00 AM IST

छतरपुर। ग्रीन जोन में शामिल छतरपुर में पहली बार लॉक डाउन 3.0 में पूरे दिन किराना, सब्जी और फल की दुकानें खोली गई। पूरे दिन दुकानें खुलने से लोगों को सामान खरीदने की आपाधापी नहीं रही, जिससे बाजार में अन्य दिनों की अपेक्षा कम भीड़ उमड़ी। जो लोग बाजार में खरीददारी करने आए, वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए हैं। छूट के बावजूद शहरी इलाके की गली-मोहल्ले की आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानें अभी भी नहीं खुलीं। इसके साथ ही 50 फीसदी यात्रियों के साथ सार्वजनिक परिवहन के वाहनों के संचालन की छूट के वाबजूद जिले में पहले दिन सार्वजनिक परिवहन शुरु नहीं हो सका है। इधर गांव में भी अभी सभी तरह की दुकानों को खोलने की छूट के वाबजूद पहले दिन ज्यादातर इलाके में दुकानें बंद ही रही। उद्योग -फैक्ट्रियों को शुरु करने की छूट मिलने पर दाल मिल, आटा मिल का कामकाज शुरु किया गया है।
आवश्यक वस्तुओं की दुकानें रोज खुलने से मिली राहत
किराना सामग्री, सब्जी- फल की दुकानें रोजाना पूरे दिन खोले जाने की छूट मिलने से लोगों ने राहत महसूस की है। यहीं वजह है कि बाजार जाने और सामान खरीदने की आपाधापी नहीं रही। लॉकडाउन 1 और लॉकडाउन 2.0 की तरह बाजार में लोगों की भीड़ नहीं उमड़ी, लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया। आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि अब आवश्यक वस्तुओं की दुकानें पूरे दिन रोजाना खोलने की छूट मिलने से सामान खरीदने की आपाधापी नहीं है। ये समस्या नहीं है कि एक साथ दो दिन का दूध- सब्जी या राशन खरीदना है। वहीं, मोनू पाठक ने बताया कि दुकान खोलने का समय बढ़ा देने से दुकान जाने और सामान खरीदने की जल्दबाजी नहीं है। इसलिए लोग भीड़ के रुप में बाजार नहीं आए।
अभी शुरु नहीं होगा बसों का संचालन
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने जिले के अंदर सीट क्षमता का 50 फीसदी सवारी लेकर सार्वजनिक परिवहन शुरु करने की अनुमति दे दी है। लेकिन छूट के पहले दिन बसों का संचालन नहीं हो सका। बस संचालक जावेद अख्तर ने बताया कि जब तक लॉक डाउन पूरी तरह से नहीं खुल जाता, लोग आम दिनों की तरह आवगमन शुरु नहीं करते, तब तक बसों का संचालन नहीं हो पाएगा। 50 फीसदी सवारी भी नहीं मिलेंगी अभी। वैसे भी 50 फीसदी सवारी से बस संचालन का खर्च नहीं निकल पाएगा। ऐसे में बस संचालकों ने बसों का संचालन अभी शुरु नहीं करने का फै सला लिया है।
टैक्सियों का संचालन भी नहीं
लॉक डाउन 3.0 में मिली सशर्त छूट के वाबजूद पहले दिन टैक्सियों का संचालन शुरु नहीं हो सका। एक्का-दुक्का टैक्सियां ही सड़कों पर नजर आईं। टैक्सी चालक वसीम ने बताया कि लोग अभी आना-जाना नहीं कर रहे हैं। बसें-ट्रेनें नहीं चल रही हैं। ऐसे में टैक्सियों को भी सवारी नहीं मिल पाने से टैक्सियों का संचालन अभी शुरु नहीं हो रहा है। टैक्सी चालक दयाराम रैकवार ने बताया कि जब तक दिनचर्या आम दिनों की तरह पटरी पर नहीं आ जाती, तब तक परिवहन सेवा भी शुरु नहीं हो पा रही है।
गली-मोहल्ले में खुली सिर्फ किराना दुकानें
शहर की कॉलोनियों व गलियों में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खोलने की छूट के बावजूद पहले दिन रेडीमेट गारमेंट, फुटवियर, इलेक्ट्रिकल सामान समेत अन्य तरह की दुकानें नहीं खुलीं। इन इलाकों में भी केवल किराना-दूध की दुकानें खुलीं। अपने घर पर कपड़ा की दुकान चलाने वाले आलोक चतुर्वेदी ने बताया कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं न ही शादी विवाह व अन्य आयोजन हो रहे हैं। ऐसे में दुकान खोलने का फायदा नहीं है। जब सबकुछ नॉर्मल हो जाएगा। तभी दुकानें खोली जाएंगी। वैसे भी अभी डिमांड ही नहीं है।
शुरु हुए सिर्फ फूड प्रोडक्ट से जुड़े उद्योग
उद्योगों व फैक्ट्री शुरु करने की अनुमति दे दी गई है। लेकिन जिले में अभी सिर्फ दाल व आटा मिल का संचालन ही शुरु हुआ है। मिल का संचालन लॉक डाउन 2 से ही शुरु हो गया था। लेकिन जो मिल अभी तक शुरु नहीं हो सकी या जिनके संचालन में किसी भी प्रकार की परेशानी जा रही है , उनके संचालन की व्यवस्था करने के लिए जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र द्वारा उद्योग संचालकों के संपर्क कर परेशानियों का चिंहांकन किया जा रहा है। ताकि सभी मिल का संचालन शुरु कराया जा सके।

Dharmendra Singh
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