किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर दोगुना दाम वसूल रहे हार्वेस्टर संचालक

प्रशासन की तय दरों पर नहीं हो रही फसलों की कटाई

By: Sanket Shrivastava

Published: 07 Apr 2020, 01:11 PM IST

बड़ामलहरा. हार्वेस्टर संचालकों की मनमानी से क्षेत्र में फसल कटाई कार्य पिछड रहा है। कोरोना महामारी संक्रमण को काबू में रखनें के उद्देश्य से सरकार ने हार्वेस्टर से फसल कटाई कराने का आदेश जारी किया है। साथ ही मशीन से फसल कटाई की दर भी तय की है लेकनि आदेश व निर्देशो को दर किनार कर मौका का फायदा उठाकर किसानों को खुलेआम ठगा जा रहा है। हार्वेस्टर संचालक पिछले वर्ष की अपेक्षा वह इस सीजन में दोगुनी दर पर कटाई कर रहे है। महंगी दर से क्षेत्र में फसल कटाई कार्य पिछड रहा है।
विकासखंड क्षेत्र में अभी-तक 25 प्रतिशत ही फसल कटाई हो पाई है। दरगुवां, सूरजपुराखुर्द, मैलवार, सेंधपा, भगवां, घुवारा, रामटौरिया, बीरों बरेठी, महाराजगंज, प्रतापपुरा सहित अनेक गांव के किसान बताते है कि, कोरोना वायरस से बचाव हेतु प्रशासन ने लोगों से घरों से बाहर न निकलने और सोशल डिस्टेंस बनाए रखने की अपील की है। ऐसी स्थिति मे फसल कटाई कार्य प्रभावित होनें से क्षेत्रीय किसानों की मांग पर हार्वेस्टर मशीन से फसल कटाई का आदेश जारी किया है साथ ही कटाई की दरें भी तय की गईं है। परतुं हार्वेस्टर संचालकों द्वारा प्रशानिक आदेश व निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा बल्कि, मजबूरी का फायदा लिया जा रहा है। पिछले वर्ष रबी सीजन में हार्वेस्टर द्वारा 1 हजार से 12 सौ रुपये प्रति एकड फसल कटाई की गई जिससे किसान को 15 से 18 क्विंटल यानि एक टैंक अनाज प्राप्त हुआ है जबकि, इस साल 18 सौ से 2 हजार रुपए तक वसूले जा रहे है। किसान कहते है कि, कटाई कार्य पिछडनें से पकी फसल के अनाज के दानें खेत में बिखरने लगे है।
इन का कहना है
किसान धीरज रखें व हार्वेस्टर संचालकों को फसल कटाई का ज्यादा दाम न दें, संचालक कृषि अभियांत्रिकी भोपाल द्वारा कम्बाइन हार्वेस्टर की दरे 12 सौ रुपए प्रति एकड़ अथवा 2 हजार रुपए प्रति घंटे निर्धारित की है। ज्यादा दाम वसूलने वाले हार्वेस्टर संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसपी त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि विकास विस्तार, बडामलहरा

Sanket Shrivastava Desk/Reporting
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