लॉकडाउन में हैडमास्टर और शिक्षक को बच्चों के घर-घर जाकर

खाद्यान्न बांटने का था आदेश आपत्ति के बाद शिक्षकों के लिए दिया अनुमति पत्र

By: Sanket Shrivastava

Published: 29 Mar 2020, 05:15 PM IST

छतरपुर. कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए भारत में इस समय लॉकडाउन चल रहा हैं। इसी बीच सरकार ने आदेश जारी करते हुए शिक्षकों की ड्यूटी बच्चों के घर-घर जाकर खाद्यान्न बांटने लगा दी गई, लेकिन व्यवस्थाएं नहीं होने की स्थिति में शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ा हैं। जिससे कुछ स्कूलों में शुक्रवार को खाद्यान्न वितरण भी नहीं सका हैं। वितरण के एक पहले शिक्षक संघ ने इस प्रक्रिया पर कुछ बिंदुओं पर आपत्ति लगाई थी, जिस पर विचार करते हुए प्रशासन ने शिक्षकों को परमीशन लेटर जारी कर दिया हैं। जिसे दिखाते हुए शनिवार को शिक्षक स्कूल पहुंचे और खाद्यान्न वितरण के शेष कार्य को पूरा किया।
शासन स्तर पर जारी आदेश के बाद अपर कलेक्टर प्रेमसिंह चौहान ने भी एक आदेश जारी करते हुए हर स्कूल प्रभारी को २७ मार्च तक यह कार्य संपादित करने के निर्देश दिए थे। इस आदेश के प्राप्त होने के बाद शिक्षकों ने इस पर आपत्ति व्यक्त की थी। इस संबंध में एक ज्ञापन भी डीपीसी को सौंपा गया था, जिसमें कुछ बिंदुओं को दर्शाते हुए शिक्षकों ने अपनी समस्या को उल्लेखित किया था। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया था कि शुक्रवार तक वितरण केंद्रों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचा था, ऐसे में शुक्रवार को खाद्यान्न का उठाव करेंगे या घर-घर पहुंचकर खाद्यान्न थैली का वितरण करेंगे।

इसके अलावा परिवहन के लिए टैक्सी उपलब्ध नहीं होने पर शाला तक खाद्यान्न ले जाने, लॉकडाउन के चलते पुलिस के रोके जाने और अपमानित किए जाने के डर और सोशल डिस्टेंस के लिए क्या करना हैं जैसी समस्याओं का उल्लेख किया था। जिस पर डीपीसी ने सभी बीआरसी को व्यवस्था कराने के निर्देश दिए थे।
२६५४ स्कूलों में दर्ज संख्या के अनुसार खाद्यान्न वितरण के थे आदेश
लॉकडाउन के चलते स्कूलों से वंचित बच्चों को मध्यान्ह भोजन प्राप्त होता रहे, इसके लिए शासन ने मार्च के शेष रह गए दिनों और अप्रैल माह का मध्यान्ह भोजन का खाद्यान्न जारी करते हुए बच्चों को घर-घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया था। इसी के तहत जिले के २६५४ स्कूलों में दर्ज बच्चों की संख्या के आधार पर खाद्यान्न जारी किया गया था। १९सौ प्राइमरी और ७५४ स्कूलों के बच्चों को यह खाद्यान्न वितरण की जिम्मेदारी हैडमास्टर को साथी शिक्षक को दी थी। जिसमें प्राइमरी के विद्यार्थी को १०० ग्राम प्रति छात्र और मिडिल के विद्यार्थी को १५० ग्राम प्रति गेहूं/ चावल का वितरण होना था। इस हिसाब से प्राइमरी के बच्चे को औसत ३३०० ग्राम और मिडिल के बच्चे को औसत ५ किलो खाद्यान्न का वितरण किया गया।
शनिवार को अनुमति लेकर पहुंचे शिक्षक
लॉकडाउन के चलते वाहनों की अनुपलब्धता के चलते शिक्षकों को अपने वाहनों से शुक्रवार और शनिवार को स्कूल पहुंचना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोका भी और तमाम सवाल भी किए। शुक्रवार को परेशानी हुई थी, लेकिन शनिवार को परमीशन होने के कारण शिक्षक बिना डर के ही निकले। स्कूल पहुंचने के बाद अधिकांश स्कूल प्रभारियों ने स्कूल से ही खाद्यान्न का वितरण किया गया। हालांकि, स्कूल में बच्चों को सोशल डिस्टेंस में रखने की कुछ स्कूलों की तस्वीरें सांझा हुई हैं। गुरुवार को कुछ स्कूलों में खाद्यान्न वितरण नहीं होने की भी खबर विभाग के पास पहुंची है थी। शेष वितरण शनिवार को कर दिया गया है।

Sanket Shrivastava Desk/Reporting
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