उच्च शिक्षा के  छात्रों को ऑनलाइन मिली अध्ययन सामग्री व मार्गदर्शन

वर्क फ्रॉम होम चलती रही प्रशासनिक व्यवस्था
महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन उपलब्ध कराया स्टडी मटेरियल, कंप्टीटिव मटेरियल, अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेस से की मीटिंग
महाराजा महाविद्यालय ने आयोजित कराए वेबीनार, ऑनलाइन दिया छात्र-छात्राओं को करियर गाइडेंस

By: Dharmendra Singh

Published: 30 May 2020, 08:00 AM IST

छतरपुर। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन में सबसे पहले शैक्षणिक संस्थाओं को बंद किया गया, ताकि छात्र-छात्राओं के जमावड़े से कोरोना संक्रमण के खतरे से बचा जा सके। लॉकडाउन के कारण विश्वविद्यालय व कॉलेज के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर असर न पड़े इसलिए ऑनलाइन स्टडी मटेरियल, गाइडेंस उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही अवेयरनेस के लिए छात्र-छात्राओं के ग्रुप बनाकर आम लोगों तक मैसेज भेजने का काम भी किया गया। विश्वविद्यालय व कॉलेज बंद थे, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था ठप न हो जाए, इसके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस से मीटिंग की गई। लॉक डाउन के कारण स्थगित हुई परीक्षाओं को कराने की योजना बनाने से लेकर जिनकी परीक्षाएं हो गई, उनके रिजल्ट बनाने का काम ऑनलाइन चलता रहा। लॉक डाउन की शुरुआत में कर्मचारियों व अधिकारियों ने वर्क फ्रॉम होम करते हुए प्रशासनिक कामकाज निपटाया, जिससे परीक्षा छोड़कर सभी तरह की गतिविधियां संचालित करने की नई राह मिली।
ऑनलाइन ने बनाई राह आसान, छात्रों को मिलता रहा मार्गदर्शन
महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय ने लॉकडाउन के दौरान छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए ऑनलाइन स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया। जो छात्र-छात्राएं कंप्टीशन की तैयारी कर रहे थे या करना चाहते थे, उन्हें ऑनलाइन ही कंप्टीटिव मटेरियल उपलब्ध कराया गया। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लॉक डाउन में वर्क फ्रॉम होम कॉन्सेप्ट पर काम करते हुए छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करते रहे। विश्वविद्यालय ने मोबाइल, ईमेल व अन्य सोशल मीडिया के संदेशों के माध्यम से विश्वद्यिालय के छात्रों को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरुक किया, इसके साथ ही छात्र-छात्राओं के जरिए उनके परिजनों व पडोसियों को भी जागरुक करने की गतिविधि ऑनलाइन कराई। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही प्रशासनिक गतिविधियां के संचालन की राह वर्क फ्रॉम होम कॉन्सेप्ट ने आसान बना दी। महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय के कुल सचिव पुष्पेन्द्र कुमार पटैरिया ने बताया कि उच्च शिक्षा की मीटिंग के लिए भोपाल न जाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की गई। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, आयुक्त उच्च शिक्षा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की। वहीं राज्यपाल भवन ने भी ऑनलाइन मीटिंग कर स्थगित परीक्षाओं को कराने के संबंध में फीडबैक लेने के साथ ही व्यवस्थाओं के बारे में दिशा निर्देश दिए। लॉकडाउन के दौरान प्रशासनिक पत्राचार व मीटिंग का काम ऑनलाइन किया गया।
कॉलेज ने ऑनलाइन लगाई क्लासें
लॉका डाउन के दौरान कॉलेज बंद होने पर जिले के सबसे पुराने एवं नोडल कॉलेज शासकीय महाराजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने वर्क फॉम होम कॉन्सेप्ट को अपनाते हुए ऑनलाइन ही शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियां जारी रखीं। वर्चुअल लैब के जरिए प्रायोगिक कक्षाएं संचालित कराईं। इसके साथ ही ऑनलाइन क्लासें, ऑनलाइन सतत मूल्यांकन, ई-नोट्स और ऑनलाइन टैक्स मटेरियल उपलब्ध कराया। छात्रों के लिए उपयोगी लिंक उपलब्ध कराई, जिससे उन्हें पढ़ाई में आसानी हो। सभी विभागों के विषय से संबंधित पाठ्यक्रम का प्रोग्राम आउटकम व कोर्स आउटकम तैयार किया गया। महाविद्यालय के एनएसएस व एनसीसी के छात्र-छात्राओं ने सहायता कार्य भी किए। कॉलेज के प्राचार्य डीपी शुक्ला ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान ऑनलाइन वर्किंग के जरिए सभी तरह का कामकाज चलता रहा। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही प्रशासनिक गतिविधयां भी ऑनलाइन ही संचालित की गईं। स्टाफ काउंसिल की मीटिंग, जिले के सभी कॉलेजों के प्राचार्यो की मीटिंग, आयुक्त उच्च शिक्षा के साथ वीडियो कॉन्फ्रे सिंग, टेली मीटिगद, जैम की ऑनलाइन ट्रैनिंग की गई। बेवीनार के जरिए श्रेष्ठ भारत बनाने पर विचार मंथन किया गया।

Dharmendra Singh
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