छतरपुर के स्टेडियम में कैसे आयोजित की जा रहीं खेल के अलावा अन्य गतिविधियां

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, सागर कमिश्नर व छतरपुर कलेक्टर को नोटिस जारी कर पूछा

छतरपुर/जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट ने छतरपुर में बाबूराव चतुर्वेदी स्टेडियम का उपयोग खेल के अलावा अन्य गतिविधियों के लिए किए जाने के मामले पर गंभीरता दिखाई। चीफ जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, सागर कमिश्नर, छतरपुर कलेक्टर व स्टेडियम प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी।
यह है मामला: छतरपुर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद करीम की ओर से यह याचिका दायर की गई। कहा गया कि छतरपुर में खेल की गतिविधियों के लिए एकमात्र मैदान शासकीय बाबूलाल चतुर्वेदी स्टेडियम है, लेकिन इस स्टेडियम को आए दिन खेल गतिविधियों के अलावा सामाजिक, सांस्कृतिक व अन्य आयोजनों के लिए किराए पर दे दिया जाता है। इसके चलते खेल संबंधी गतिविधियां प्रभावित होती हैं। खिलाडिय़ों को परेशानी होती है। इसे रोका जाए।
जबलपुर के शिवाजी ग्राउंड के मामले के साथ होगी सुनवाई
अधिवक्ता राजमणि मिश्रा ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट व मप्र हाईकोर्ट के पूर्वादेशों के अनुसार खेल मैदान का अन्य किसी गतिविधि के लिए उपयोग वर्जित है। इसके बावजूद महज लाभ कमाने के लिए स्टेडियम को किराए पर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से बताया गया कि जबलपुर के सदर स्थित शिवाजी ग्राउंड को लेकर एक अन्य याचिका हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है। इस पर कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर याचिका की सुनवाई उक्त लंबित मामले के साथ करने के निर्देश दिए।

हामिद खान
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