इंसानियत का जज्बा : 24 अनाथ बच्चियों के पालनहार बने संदीप निगम

- अनाथ बच्चियों के नाम पर वह प्रत्येक माह एफडी में रुपए जमा कराते हैं

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Published: 26 Jan 2018, 02:32 PM IST

रफी अहमद सिद्दीकी छतरपुर। नौगांव के सिविल अस्पताल के पास रहने वाले संदीप निगम ने अपने जज्बे और जुनून से इंसाानियत की एक अलग ही मिशाल पेश की है। बैसे तो वह दो बेटियों के पिता हैं लेकिन परवरिश २४ बेटियों की कर रहे हैं। नौगांव क्षेत्र ही नहीं आसपास के इलाकों में उनकी समाज सेवा एक मिशन के रूप में स्थापित है। अनाथ बच्चियों के नाम पर वह प्रत्येक माह एफडी में रुपए जमा कराते हैं। उनके खाने पीने से लेकर पढ़ाई का इंतजाम करते हैं। वह इन यतीम बच्चियों को ऐसा नहीं मेहसूस होने देते कि ये बच्चियां अनाथ हैं।
बैसे तो संदीप निगम की उम्र कोई ५२ साल होगी लेकिन उनका जो कार्य उनकी इस उम्र में बाधा नहीं बनता। वह पिछले पांच सालों से अनाथ बच्चियों की सेवा करते आ रहे हैं। संदीप बताते हैं कि पांच साल पहले नौगांव थाना क्षेत्र के धर्मपुरा गांव निवासी रज्जन अहिरवार अपने परिवार सहित ट्रैक्टर चलाकर भरणपोषण करता था। वह अपनी पत्नी रामसखी के साथ ट्रैक्टर लेकर नदी जाते हैं थे। जहां वह अपनी पत्नी के साथ ट्रैक्टर में पहले रेत भरते थे। इसके बाद रेत आर्डर पर डालते थे। एक दिन रेत भर कर ट्रैक्टर लाते समय ट्रैक्टर धसान नदी के पुल से नीचे पलट गया। दुर्घटना में दंपति की मौत हो गई थी। रज्जन के पांच बच्चे हैं। जिसमें उसके दो पुत्र व तीन पुत्रियां अनाथ हो गई थीं। इस घटना ने संदीप निगम को झकझोरकर रख दिया। संदीप ने उसी दिन से ठान लिया कि वह हरहाल में रज्जन की पुत्रियों की मदद करेगा। तब उसने तीनों बच्चियों के नाम सौ-सौ रुपए महीने की आरडी खुलवाई। संदीप तभी से इन बच्चियों के आरडी के खाते में प्रत्येक माह सौ-सौ रुपए जमा करता आ रहा है। संदीप की इस समाज सेवा का जज्बा यहीं नहीं रूका। इसके बाद तो संदीप को जहां पता चलता कि कोई बच्ची अनाथ है वह उसके पास पहुंच जाता। उनकी आरडी खुलवाता और प्रत्येक माह इस आरडी में जमा करने के साथ ही उनके खाने पीने की व्यवस्था करता था। साथ ही उनके रिश्तेदारों से संपर्क कर बच्च्यिों के बेहर लालन पालन की पहल करता। संदीप की इस समाज सेवा की जानकारी जब अन्य लोगों को मिली तो उन्होंने भी मदद को अपने हाथ आगे बढ़ा दिए। संदीप के साथी मददगारों की संख्या इस समय बीस है जो आर्थिक सहयोग करते हैं। इस समय करीब २४ अनाथ बच्चियों के भरण पोषण के साथ ही प्रत्येक बच्च्यिों के खातों में दो सौ से तीन सौ रुपए महीना जमा कराए जा रहे हैं।
इन बच्चियों की मदद को बढ़ाए हाथ
संदीप ने जिन बच्चियों की मदद को हाथ बढ़ाए हैं उनमें कमला अहिरवार, भारती अहिरवार, किरन अहिरवार, हेमा अहिरवार, सोमवती अहिरवार निवासी धरमपुरा, प्रीति अहिरवार निवासी रमेढ़ी जिला हमीरपुर, कुसुम, ज्योति निवासी मजना जिला टीकमगढ़, रोहिनी लोधी निवासी मचौरा जतारा, मोहिनी राजपूत निवासी मानपुर लुगासी, सगुन अहिरवार निवासी नैगुवां महाराजपुर, पुष्पा कुशवाहा निवासी नैगुवां महाराजपुर, आरती चौरसिया निवासी महाराजपुर, नंदनी विश्वकर्मा निवासी छतरपुर, संगीता अहिरवार निवासी महाराजपुर, रोशनी रजक, खुशबू रजक निवासी करारागंज, मोहिनी कुशवाहा कारकदेव, दीपा पटैरिया चरखारी हाऊस नौगांव, नाजिया परवीन, सायबा कुरैशी, पूजा नालापार नौगांव, पूजा राजपूत, मालती राजपूत , अनंत कुमारी राजपूत निवासी पारेथा शामिल हैं।

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