बारिश में सैकड़ों मकान गिरे, पानी में बहे जानवर

बारिश में सैकड़ों मकान गिरे, पानी में बहे जानवर

Neeraj Soni | Publish: Sep, 09 2018 10:36:24 AM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

सभी तालाब और बांध उफान पर

बड़ामलहरा। पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश ने सैकड़ों मकान धरासाई कर दिए। वहीं आधा सैकड़ा से भी अधिक पालतू पशु नदी नालों में बह गए हैं। क्षेत्र की नदियां-नाले और तालाब उफान पर बने हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण बड़ामलहरा क्षेत्र की लगातार आधा दर्जन नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। धसान नदी पर बना नया सुजारा बांध के गेट खोलना पड़े हैं। बड़ागांव एवं बंधा के पुलो के ऊपर से पानी बहने लगा है। काठन, शयामली, बछेड़ी, सुक्कू नदियों में भी उफान आ गया है। बमनौरा, दलीपुर के पास बीला नदी में पुल से ऊपर पानी निकलने के कारण यहां के रास्ता बंद रहे। वहीं भगवां, घुवारा, पनवारी, फ़ु टवारी, सेंदपा बांध के साथ बड़ामलहरा का तालाब लबालब भर गए। वहीं जमीन का जल स्तर भी बढ़ गया है।
उड़द कि फसल नष्ट :
दो दिन की लगातार बारिश से उड़द की फसल चौपट हो गई। फ़ू ल एवं फल से लदी उड़द की फसल जमीन मे गिर गई हैं एव सडऩे लगी है। बमनी के रतिया अहिरवार, भैया लाल चढ़ार, रामलाल यादव, चंदन शर्मा, रूपनारायन दुबे ने बताया कि उनकी उड़द की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इस बार सोयाबीन कम बोया गया था। उड़द की बोवनी 80 प्रतिशत की गई थी। क्षेत्र मे हाहाकार मचा है। सड़वा, दरगुवां, धनगुवां, लखनुवां, पीरा, महराजगंज, सुरजपुरा कला, भगुवां पनवारी, बछरावनी, रामटोरिया, बमनोरा के किसानों ने बताया कि उड़द नष्ट हो जाने से उनकी आमदनी साफ़ हो गई है।
सैकड़ों मकान गिरे :
कमोदपुरा ग्राम की किसुनिया पिता मुलुवा रजक, मोहन पिता कल्ला रजक ने बताया कि 70 वर्षीय किसुनिया बाल-बाल बच गई है। जब मकान का छप्पर दीवार पर गिरा तब वह मकान में सो रही थी। उसके बेटों ने उसे बचाया। उधर परतापपुरा, सिगरामपुरा, गोपलपुरा, नदीखेरा, बरेठ, खरदोती, बीरों, सिजवाहा, गरखुवा, गांवों में सैकड़ों मकान गिर गए हैं।

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