नहीं थम रहा रेत का अवैध उत्खनन, सुनाहरा में हैवी मशीन से निकाल रहे रेत

छतरपुर जिले से महोबा सप्लाई फिर हो गई शुरु

पन्ना जिले की सीमा से अवैध उत्खनन, पन्ना, सतना, बांदा के लिए हो रहा अवैध परिवहन
छतरपुर जिले में भी हो रही अवैध रेत डंप, डंफरों से चंदला होकर बांदा जा रही रेत

By: Dharmendra Singh

Published: 29 Jun 2020, 07:00 AM IST

छतरपुर/ चंदला। रेत का अवैध उत्खनन रुक नहीं रहा है। शनिवारो को छतरपुर प्रशासन की खनिज, राजस्व और पुलिस की टीम की दबिश के बाद बीरा-2 में अवैध उत्खनन तो नहीं हुआ, लेकिन सुनाहरा में नदी के पानी के अंदर से हैवी मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन जारी है। सुनाहरा के अलावा बीरा के आसपास से रात में रेत निकाली जा रही है। सुनाहरा से निकाली जा रही रेत बीरा, अजयगढ़ के रास्ते सतना और बांदा की ओर जा रही है। वहीं, कुछ रेत छतरपुर जिले की सीमा में भी डंप की जा रही है। इसके साथ ही छतरपुर जिले से महोबा के लिए रेत की अवैध सप्लाई भी फिर से शुरु हो गई है। रात के अंधरे में डंफरों के माध्यम से चंदला, लवकुशनगर होकर महोबा के लिए रेत का अवैध परिवहन फिर से शुरु हो गया है।

शनिवार से रविवार तक लगातार चली मशीनें
छतरपुर प्रशासन की टीम की दबिश के बाद से बीरा 2 में रेत का अवैध उत्खनन फिलहाल तो बंद हो गया है, लेकिन बीरा के आसपास से रात में नदी से रेत निकालकर छतरपुर की सीमा में डंप की जा रही है। इतना ही नहीं बीरा-2 के पास सुनाहरा में अवैध उत्खनन दिन-रात जारी है। शनिवार को भी हैवी मशीन से सुनाहरा में नदी के पानी से रेत निकाली गई और रविवार को भी अवैध उत्खनन धडल्ले से जारी रहा। सुनहारा में एक हैवी मशीन से पानी के अंदर से रेत निकाली जा रही है। नदी घाट की रास्ता नहीं होने से माफिया एक बार में एक से दो डंफर ही नदी में रेत के लिए उतार रहे हैं। बाकी पुल के उसपार पन्ना जिले की सीमा में अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं। सुनाहरा से दिन और रात रेत निकालकर इन्हीं डंफरों-ट्रकों के जरिए सप्लाई की जा रही है। सुनाहरा से अवैध रुप से निकाली गई रेत को पन्ना जिले की सीमा में ही ट्रकों-डंफरों में भरकर सतना, बांदा भेजा जा रहा है।

रात के अंधेरे में छतरपुर से महोबा जा रही रेत
छतरपुर जिले की खदानों से अवैध रुप से निकाली गई रेत को लवकुशनग के रास्ते महोबा सप्लाई का काला कारोबार फिर से शुरु हो गया है। चंदला इलाके की खदानों व पन्ना जिले की सीमावर्ती खदानों से रेत का अवैध उत्खनन कर डंफरों के माध्यम से चंदला , लवकुशनगर, श्रीनगर होते हुए महोबा भेजी जा रही है। रेत से ओवरलोड भरे डंफर पूरी रात चंदला से लवकुशनगर होते हुए महोबा चलते हैं। हालांकि सुबह उजाला होते ही अवैध परिवहन बंद हो जाता है। शाम 4 बजे के बाद खाली डंफरों का लवकुशनगर-चंदला मार्ग पर जमावड़ा लग जाता है, जो रात के अंधेरे में नदी से निकाली गई अवैध रेत को रातभर परिवहन करते हैं।

Dharmendra Singh
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