scriptIn the 9th century a temple with a 3 meter high statue | 9वीं सदी में चंदेल राजाओं ने कराया 3 मीटर ऊंची मूर्ति वाले मंदिर का निर्माण | Patrika News

9वीं सदी में चंदेल राजाओं ने कराया 3 मीटर ऊंची मूर्ति वाले मंदिर का निर्माण

अब पुरातत्व विभाग कर रहा प्राचीन मंदिर का संरक्षण
बुंदेलखंड की प्राचीन प्रतिमा में से एक है खजुराहो में गैल के बब्बा जू हनुमान की मूर्ति

छतरपुर

Updated: April 15, 2022 02:51:45 pm

छतरपुर। विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो के मध्य में तीन मीटर ऊंची मूर्ति वाले हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में विराजमाज हनुमानजी को गैल के बब्बाजू के नाम से जाना जाता है। दरअसल गैल के बब्बाजू इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये मंदिर खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह से पुरानी बस्ती के रास्ते में स्थित है।
बुंदेलखंड की प्राचीन प्रतिमा में से एक है खजुराहो में गैल के बब्बा जू हनुमान की मूर्ति
बुंदेलखंड की प्राचीन प्रतिमा में से एक है खजुराहो में गैल के बब्बा जू हनुमान की मूर्ति
कामूक मूर्तियों वाले मंदिर से अलग रखने रास्ते में बनाया मंदिर
इतिहासकारों,प्राचीन लेखों तथा मंदिर की मूर्ति के पीछे अंकित लेख के अनुसार यह मंदिर लगभग 922 ईस्वी का बताया गया है,जिसे तात्कालीन चंदेल राजा हर्ष सिंह ने बनवाया था। प्राचीन लेखों के अनुसार खजुराहो के मंदिर 900 ईस्वी के बताए गए हैैं। खजुराहो के मंदिरों के गर्भगृह में वैष्णव पंथ तथा शिव सम्प्रदाय के स्वरूप विष्णु तथा शिव के साथ ही जैन सम्प्रदाय के तीर्थंकरों को समर्पित मूर्तियां थी, लेकिन इन मंदिरों को हनुमान मंदिर के बिना शून्य बताया गया। खजुराहो के मंदिरों के बाहरी आवरण में कामकला की मूर्तिकला स्थापित होना थी और हनुमानजी अविवाहित देव थे। तब ये मंदिर पूर्वी मंदिर समूह तथा पश्चिमी मंदिर समूह के मध्य दक्षिण दिशा की तरफ को दर्शाया गया।
कालांतर में चढऩे लगा चोला
खजुराहो के सभी मंदिरों के मुख्यद्वार तथा गर्भगृह पूर्वी तथा पश्चिमी दिशा की ओर हैं। हालांकि कालांतर में देवी जगदम्बी तथा ब्रम्हा को समर्पित भी मंदिर निर्मित हुए हैं। गैल के बब्बाजू हनुमान मंदिर के बारे में मान्यता है कि ये संभवत:पूरे बुंदेलखंड अंचल के सबसे प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में लगभग 3 मीटर ऊंची मूर्ति विराजमान है। बाद में इस मूर्ति पर सिन्दूर भी चढ़ाया जाने लगा और हिन्दू पंथ के लोगों द्वारा पूजा अर्चना भी पुरातन समय से चली आ रही है।
भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन आया मंदिर
ये एकमात्र ऐंसा मंदिर है जो एक चबूतरे पर बगैर छत के निर्मित है,हालांकि बाद में इस मंदिर को भी भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा अपने अधिपत्य में ले लिया गया और मूर्ति के ऊपर टीनशेड लगवाया गया। मान्यता अनुसार मंदिर में दूर दूर से लोग अपनी मन्नत लेकर आते हैं और मनोकामना पूरी होने पर अपना प्रसाद चढ़ाते हैं। लोगों की ये भी मान्यता है कि खजुराहो आने वाले हवाई जहाज इसी मंदिर के ऊपर से गुजरते हैं और इसी दिशा में हनुमानजी की दृष्टि रहती है, यही वजह है कि यहां कभी हवाई दुर्घटना नहीं हुई है।
फोटो- सीएचपी 150422-72- गैल के बब्जा जू का मंदिर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

यहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतियूपी में घर बनवाना हुआ आसान, सस्ती हुई सीमेंट, स्टील के दाम भी धड़ामName Astrology: पिता के लिए भाग्यशाली होती हैं इन नाम की लड़कियां, कहलाती हैं 'पापा की परी'इन 4 राशियों के लड़के अपनी लाइफ पार्टनर को रखते हैं बेहद खुश, Best Husband होते हैं साबितजून में इन 4 राशि वालों के करियर को मिलेगी नई दिशा, प्रमोशन और तरक्की के जबरदस्त आसारमस्तमौला होते हैं इन 4 बर्थ डेट वाले लोग, खुलकर जीते हैं अपनी जिंदगी, धन की नहीं होती कमी1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्ससंयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: दुनिया के पास बचा सिर्फ 70 दिन का गेहूं, भारत पर दुनिया की नजर

बड़ी खबरें

आंध्र प्रदेश में जिले का नाम बदलने पर हिंसा, मंत्री का घर जलाया, कई घायलपंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के OSD प्रदीप कुमार भी हुए गिरफ्तार, 27 मई तक पुलिस रिमांड में विजय सिंगलारिलीज से पहले 1 जून को गृहमंत्री अमित शाह देखेंगे अक्षय कुमार की 'पृथ्वीराज', जानिए किस वजह से रखी जा रहीं स्पेशल स्क्रीनिंगGujrat कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का विवादित बयान, बोले- मंदिर की ईंटों पर कुत्ते करते हैं पेशाबIPL 2022, Qualifier 1 RR vs GT: मिलर के तूफान में उड़ा राजस्थान, गुजरात ने पहले ही सीजन में फाइनल में बनाई जगहRajya Sabha Election 2022: राजस्थान से मुस्लिम-आदिवासी नेता को उतार सकती है कांग्रेस'तुम्हारे कदम से मेरी आँखों में आँसू आ गए', सिंगला के खिलाफ भगवंत मान के एक्शन पर बोले केजरीवालसमलैंगिकता पर बोले CM नीतीश कुमार- 'लड़का-लड़का शादी कर लेंगे तो कोई पैदा कैसे होगा'
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.