ऑफलाइन का रास्ता बंद हुआ तो ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने के बढ़ाए विकल्प

लॉक डाउन के पहले केवल बिजली कंपनी की बेवसाइट से होता था भुगतान, अब कंपनी ने जोड़े कई नए माध्यम

बीएसएनएल ने वर्क फ्रॉम होम के साथ ऑनलाइन की सिस्टम की मॉनिटरिंग, ग्राहकों को छूट भी दी

By: Dharmendra Singh

Published: 29 May 2020, 09:00 AM IST

छतरपुर। लॉकडाउन के दौरान जहां-जहां ऑफलाइन कामकाज या सर्विस की सुविधा में रोड़ा आया, वहां विभागों व शासकीय कंपनियों ने ऑनलाइन के जरिए नई राह निकाली है। बिजली कंपनी ने लॉकडाउन के दौरान ऑफलाइन बिल जमा करने की सुविधा बंद होने पर ऑनलाइन बिल जमा करने के कई विकल्प शुरु कर दिए। इसी तरह बीएसएनएल ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम कराकर न केवल कर्मचारियों को संक्रमण से बचाया बल्कि ऑनलाइन मॉनिटरिंग करते हुए सिस्टम को भी दुरुस्त रखा। इसके साथ ही ग्राहकों की सुविधा के लिए मोबाइल प्लान की वैलीडिटी बढ़ाने से लेकर एमाउंट क्रेडिट तक की सुविधा उपलब्ध कराई। कोरोना संक्रमण काल के दौरान बिजली, फोन जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता बनाए रखने के साथ ही ग्राहकों की सुविधा बढाने की दिशा में नई राहें निकलकर आई हैं। वहीं, कर्मचारियों को भी ऑनलाइन पैटर्न से कामकाज करने में राहत मिली है।
पहले था एक विकल्प, अब आधा दर्जन माध्यम से ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा
शहर के 39 हजार उपभोक्ताओं से गर्मी के सीजन में 5 से 6 करोड़ रुपए के प्रतिमाह बिजली बिल आते हैं। इनको जमा करने के लिए बिजली कंपनी द्वारा कैश कॉउंटर के साथ ही बिजली कंपनी की वेबसाइट व स्मार्ट बिजली ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा दी जाती रही है। लेकिन लॉकडाउन के दौरान कैश काउंटर बंद होने से बिजली बिल जमा करने के लिए केवल कंपनी की वेबसाइट ही विक्लप बचा था। ऐसे में कंपनी ने नई राह निकालते हुए ऑनलाइन पेमेंट के ऑप्शन बढ़ा दिए। लोगों को स्मार्ट बिजली ऐप, पेटीएम, एमेजन, गूगल पे, एयर टैल बैंक और यूपीआई के जरिए ऑनलाइन बिल जमा करने की सुविधा शुरु कर दी। इसके साथ ही एमपीऑनलाइन के कियोस्क के जरिए भी बिल जमा करने की सुविधा उपलब्ध है। बिजली कंपनी द्वारा ऑनलाइन पेमेंट के विकल्प बढऩे से बिल जमा करने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को दफ्तर के चक्कर काटने से राहत मिलने के साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाया जा सका है। बिजली कंपनी के एई राजस्व सर्वेश शुक्ला ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन के विकल्प बढ़ाए गए हैं। बिजली बंद होने की शिकायत हो या बिल संबंधी शिकायत हो, सभी के लिए ऑनलाइन विकल्प दिए गए हैं। जो लोग बिजली बिल सुधार करवाने दफ्तर आ रहे हैं। उनके लिए अलग से एक कॉउंटर भी शुरु कराया है। जहां सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए तत्काल ही बिल सुधार कराए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मीटर रीडि़ंग भी अप्रेल में स्थगित रखी गई। लेकिन औसत खपत के आधार पर आए बिल की शिकायतों पर तत्परता से काम किया जा रहा है। ताकि उपभोक्ताओं को दफ्तर के बार-बार चक्कर न काटना पड़े।
बीएसएनएल ने वर्क फ्रॉम होम के लिए उपलब्ध कराए पैकेज
लॉक डाउन के दौरान बीएसएनएल ने छतरपुर टेलीकॉम डिस्टिक के 43 और छतरपुर जिले के 30 कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी। 50 फीसदी कर्मचारी घर से और 50 फीसदी कर्मचारी दफ्तर या फील्ड से काम करते रहे। बीएसएनएल का ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लॉक डाउन के दौरान सीमति संख्या में मौजूद कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए मजबूत साधन बना। इतने बड़े क्षेत्र में मोबाइल या टेलीफोन और ब्राडबैंड सुविधा में कहां प्रॉबल्म आ रही है। इसकी मॉनटिरिंग ऑनलाइन होने से अधिकारी दफ्तर हो या घर, सभी जगह से लगातार नजर रखे रहे। प्रॉब्लम रात में आई हो या दिन में, हर समय बीएसएनएल का स्टॉफ समस्या के समाधान करने में सक्षम और तत्पर रहा। कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिलने से कोरोना संक्रमण से बचाया जा सका । टेलीकॉम डिस्ट्रिक मैनेजर एस प्रजापति ने बताया कि ग्राहकों की सुविधा के लिए बीएसएनएल ने टेलीफोन कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को वर्क फ्रॉम होम पैकैज उपलब्ध कराए, मोबाइल में प्लान की वैलीडिटी को आगे बढ़ाया गया, उपभोक्ताओं को 10 रुपए के टॉक टाइम का क्रेडिट दिया गया। इसके साथ ही मार्च और अप्रेल में बिल न जमा करने वालों के कनेक्शन नहीं काटे गए। ऑफिस आने वाले उपभोक्ताओं को सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन के जरिए संक्रमण से बचाया और लॉकडाउन के मुश्किल दौर में बीएसएनएल ने न केवल कर्मचारियों बल्कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई राह निकाली है।

Dharmendra Singh
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