VIDEO आखिर क्यों चकरघिन्नी बन रहे फरियादी, जानें हकीकत

VIDEO आखिर क्यों चकरघिन्नी बन रहे फरियादी, जानें हकीकत

Samved Jain | Publish: Mar, 14 2018 12:53:44 PM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

स्थानीय स्तर पर निवारण नहीं होने पर कलेक्टर से लगाई जाती है फरियाद, लेकिन फिर भी नहीं हो रहा समस्या का समाधान

छतरपुर। जिले के जन की समस्याओं का करने के लिए शासन द्वारा जिला मुख्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जिले के कोने कोने से फरियादी अपनी समस्या को लेकर समाधान की गुहार लगाते हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते लोगों कीि समस्याओंर का समाधान नहीं हो पा रहा है।

लोग द्वारा अपनी शिकायत स्थानीय स्तर और तहसीलदार, एसडीएम के यहां पर आवेदन देकर समस्या के समाधान के लिए फरियाद करते हैं। लेकिन वहां पर समस्या का निराकरण नहीं होने पर वह जिले मुख्यालय आकर जनसुनवाई में कलेक्टर से गुहार लगाते हैं। लेकिन यहां से फिर वहीं स्थानीय स्तर पर कार्यवाई के लिए भेज दिया जा रहा है। जिसके बाद अधिकांस मामले ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं। जिससे उन पर कोई कार्यवाई नहीं होती। इसके बाद फिर से फरियादी जनसुनवाई में आना पड़ रहा है। इस तरह चकरघिन्न बनने क बाद भी फरियादी के हाथों में मायूसी ही मिल रही है।

 

case 01


तहसीलदार से लेकर प्रधानमंत्री से मिलकर की शिकायत, फिर भी नहीं कर पा रहा अपने खेत पर खेती
जिले के लवकुशनगर थाना क्षेत्र के बगमऊ गांव में रहने वाले भगवानदास अहिरवार पिता सुंदरलाल अहिरवार के पास कुल चार बीघा जमीन है। जिसपर वह पत्नी विमला के साथ खेत कर अपने सात बच्चों का भरण पोषण कर रहा था। घर से गरीब होने और जमीन भी कम होने से वह खेरी का ही सहारा था। लेकिन भगवानदास की चार बीघा जमीन पर कुछ लोगों की नजर पड़ गई और उन्होंने उस जमीन पर कब्जा कर वहां पर पत्थर खदानों से निकला हुआ मलवा फेका जा रहा है। जिससे अब भगवानदास के परिवार खेती नहीं कर पा रहा है। भगवानदास द्वारा इसका विरोध किए जाने पर उसे धमकियां भी दी जा रही हैं। भगवानदास ने खेतों पर मलवा डाल कर कब्जा करने के शिकायत स्थानीय तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर, कमिश्नर, प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री से मिलकर अपने समस्या सुनाई और कब्जा छुड़ाने की गुहार लगाई है। लेकिन इसके बाद भी फरियाद पूरी नहीं हो पा रही है। इसके बाद भगवानदास ने मंगलवार को फिर से जनसुनवाई में आकर कलेक्टर से समस्या का निराकरण करने की फरियाद की। तब कलेक्टर ने मामले को लवकुशनगर एसडीएम के लिए भेज दिया गया। भगवानदास ने बताया कि गांव के पास कटहरा गांव में एक ग्रेनाइट कंपनी द्वारा पत्थर उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। वहां पर में ही उसका चार बीघे का खेत है। कंपनी के अधिकारियों द्वारा उस जमीन को मलवा डालने के लिए मांगा गया था। लेकिन उसके पास और जमीन नहीं होने से उसने जमीन नहीं दी। जिसपर कंपनी के अध्किारियों के द्वारा जबरन मलवा डाला रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने प्रधानमंत्री से मिल भी की है। लेकिन अभी तब कोई कार्रवाई नहीं की गई।

 

 

 

Case 02


सेवानिवृत्ति के बाद अभी तब नहीं दी गई पेंशन, नहीं दी गई बीमा की राशि
शहर के बजरंगनगर में रहने बयोवृद्ध रधुराज सिंह मप्र राज्य भंडार में नौकरी कर २६ अक्टूवर १९९६ को सेवानिवृत्ति हो गए। लेकिन २२ बाद भी रधुराज सिंह को पेंशन नहीं दी जा रही है। वह उसी समय से लगातार स्थानीय स्तर से लेकर राजधानी स्तर पर अपने फरियाद सुना चुके हैं। लेकिन अभी तक न तो उन्हें पेंशन मिल रही है और न ही शासन द्वारा किए गए बीमा की राशि दी जा रही है। जिससे वह काफी परेशान हैं। रधुराज सिंह के घर में आर्थिक तंगी के चलते उनकी पत्नी और पुत्र की इलाज के अभाव में मृत्यु भी हो गई। वहीं रधुराज सिंह को भी चलने फिरने में काफी परेशानी हो रही है। वह अब अपने दामाद के यहां रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह इन २० सालों में सैकड़ों बार अपने फरियाद सुना चुके है। उन्होंने फिर से जनसुनवाई में फरियाद लगाई है। लेकिन उनकी समस्या का निवारण नहीं हो पा रहा है।

 

 

 

 

 

Case 03


नवजात को मारने का लगाया आरोप
चंदला थाना क्षेत्र के से आई महिला ने जनसुनवाई में एक शिकायती आवेदन दिया है। जिसमें उसने चंदला स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और नर्स पर नवजात बच्चे को फर्स पर पटककर मारने का आरोप लगाया है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंची चंदला निवासी महिला मसुरिया पति बैजनाथ प्रजापति ने कलेक्टर को दिए शिकायती पत्र में कहा कि उसकी पुत्री और दामाद उसके साथ रहते हैं। १ मार्च को उसकी पुत्री रीता पति अरविंद को प्रशव पीड़ा होने लगी। तो वह उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र चंदला लेकर आई जहां पर मौजूद डॉक्टर व नर्स द्वारा रुपए की मांग की गई। लेकिन उसके पास रुपए नहीं होने पर उसने डॉक्टर को दो हजार रुपए दे दिए। लेकिन उससे पांच हजार की और मांग की गई। तब महिला ने और रुपए नहीं दिए तो स्टाफ द्वारा महिला को फर्स पर लिटा दिया गया। इसी दौरान महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया। महिला ने आरोप लगाया कि नर्स द्वारा नवजात को फर्स पर पटक कर मार दिया गया। महिला ने आवेदन देकर डॉक्टर और पर्स पर कार्रवाई की मांग की है।

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