रेत के अवैध भंडारण पर प्रशासन की संयुक्त टीम का तीन गांव में छापा

गंज, देवरी और सतना गांव में जब्त हुए 465 घन मीटर रेत अवैध भंडारण
ठेका कंपनी ने जमा नहीं की रायल्टी, प्रशासन ने शुरु की अवैध कारोबार पर कार्रवाई

By: Dharmendra Singh

Published: 06 Apr 2021, 07:54 PM IST

छतरपुर। जिले के रेत ठेका कंपनी आनंदेश्वर फूड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड ने रायल्टी जमा करना बंद कर दिया है। रायल्टी न मिलने से जिले मेंम रेत का वैध कारोबार बंद हो गया है। लेकिन अवैध कारोबार किया जा रहा है। प्रशासन ने अवैध कारोबार पर संयुक्त कार्रवाई की है। पुलिस, खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तीन गांव गंट, देवरी और सतान में छापेमारी की है। ग्राम गंज में 165 घन मीटर, ग्राम देवरी में 125 घन मीटर एवं ग्राम सतना में दो स्थानों पर 175 घन मीटर कुल 465 घन मीटर अवैध रेत जब्त की गई है। कार्रवाई में नायब तहसीलदार बसारी विजय कांत त्रिपाठी, खनिज निरीक्षक रमाकांत तिवारी, थाना प्रभारी बामीठा हेमंत नायक की टीम मौजूद रही। रेत के अवैध भंडारण को जब्त कर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

रेत कंपनी का 17 करोड़ 20 लाख बकाया
जिले की सभी वैध रेत खदानों का ठेका उत्तरप्रदेश की आंनदेश्वर फूड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। यह ठेका करीब 100 करोड़ रुपये का है। लेकिन अब आनंदेश्वर फूड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड ने रॉयल्टी राशि विभाग को देना बंद कर दिया है। खनिज विभाग के सूत्रों के अनुसार प्रत्येक माह 8 करोड़ 60 लाख रुपये ठेकेदार द्वारा जमा किए जाते थे तब इनके लिए रॉयल्टी और पिटपास जारी होते थे। आनंदेश्वर द्वारा मार्च और अप्रेल माह की रॉयल्टी राशि 17 करोड़ 20 लाख रुपए बकाया है। इसके बाद भी इस कंपनी द्वारा रेत का खनन किया जा रहा है।

ट्रैक्टरों से हो रहा अवैध कारोबार
रेत का वैध कारोबार बंद होने के बाद ट्रैक्टरों के जरिए रेत का अवैध कारोबार किया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर गायत्री मंदिर के पास, पठापुर रोड, सटई रोड समेत कुछ अन्य जगह अवैध रेत से भरे करीब 300 ट्रैक्टर रोजाना नजर आते हैं। खनिज विभाग ने ईटीपी जारी करना बंद कर दिया है, ऐसे में शहर में ट्रेक्टरों के जरिए अवैध रेत खपाई जा रही है। ट्रैक्टरों से अवैध रेत सप्लाई का काम न केवल जिला मुख्यालय बल्कि आसपास के कस्बों व ग्रामीण इलाके में भी हो रहा है। रेत का अवैध कारोबार करने वाले ट्रैक्टरों के जरिए बाजार में सप्लाई के अलावा जगह-जगह रेत का डंप खड़ा कर रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई में रेत के ऐसे ही अवैध भंडारण को पकड़ा गया है।

नदी से भी निकल रही रेत
आनंदेश्वर फूड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड द्वारा रॉयल्टी राशि जमा नहीं की गई है इसके बाद भी रेत का खनन जारी है। केन और धसान नदी में स्थानीय नेताओं और उनके परिजनों को रेत के खेल में शामिल करके धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है। केन नदी से रोजाना 300 से अधिक ट्रैक्टर रेत निकाली जा रही है। वहीं, करीब 150 ट्रैक्टर रेत धसान नदी से रोजाना निकाली जा रही है। रेत खनन के लिए रॉयल्टी एक माह की अग्रिम जमा करने पर ही उस माह के लिए पिटपास जारी होते हैं। अब सवाल उठता है कि जब मार्च की रॉयल्टी आंनेश्वर फूड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी नहीं की गई तो इस कंपनी ने मार्च में पूरे माह रेत का खनन किस आधार पर किया और बगैर रायल्टी के इसे पिटपास कहां से मिल गए।


इनका कहना है
आनंदेश्वर फूड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दो माह की राशि जमा नहीं की गई है। कंपनी को रायल्टी जमा करने के नोटिस जारी किए गए हैं। जिले में कहीं पर भी रेत का कारोबार नहीं हो रहा है। जहां भी सूचना मिल रही है कार्रवाई की जा रही है।

अमित मिश्रा, खनिज अधिकारी

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