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छतरपुर

खजुराहो फिल्म फेस्टिवल प्रबंधन द्वारा किया जा रहा छलावा

12 टपरा टॉकीज और 20 ओवी वैन क्षेत्र में आने का झूठा दावा
कोरोना नियमों का भी उड़ रहा खुलेआम मखौल
10 ओवी वेन और ७ टपरा टाकीज के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जा रहा कार्यक्रम

छतरपुरDec 23, 2020 / 10:12 am

Unnat Pachauri

Khajuraho film festival management being defrauded

Khajuraho film festival management being defrauded

छतरपुर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी में लगातार गिरते पर्यटन को देखते हुए यहां 6 वर्षों पहले अंतरराष्ट्रीय खजुराहो फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ किया गया था। जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय जनता को रोजगार उपलब्ध कराना और जो फिल्म के माध्यम से जो लगातार समाज में विसंगतियां फैल रही हैं उन्हें दूर करना था। लेकिन छठवां अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में लगातार भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम के नाम पर आम जनता के साथ छलावा किया जा रहा है। प्रयास प्रोडक्शन के द्वारा छठवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2020 में पहले कोरोना के कारण जहां देश की पूरी सरकार की अर्थव्यवस्था चौपट है, सरकार के खजाने खाली पड़े हैं फिर भी करोड़ों रुपए लगाकर खजुराहो फेस्टिवल कराया जा रहा है। लेकिन यह केवल कागजों में संभव है, क्योंकि कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार द्वारा लगातार निर्देशित किया जा रहा है और महामारी से बचाव के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है इसी के चलते फिल्म फेस्टिवल मेंं 19 दिसंबर 2020 को खजुराहो के अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा बगैर मास्क लोगों की चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल एक ऐसा मंच है, जहां किसी भी सरकार के आदेश और निर्देश देखने को नहीं मिल रहे हैं। कार्यक्रमा में बताया गया कि कोरोना को देखते हुए केवल 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है और कोरोना की महामारी और अधिक न फैल सके, इसके लिए इस बार लाइव प्रसारण कराया जा रहा है ताकि लोग अपने घरों में रहकर कोरोना के बचाव के साथ फेस्टिवल का आनंद ले सकें। लेकिन यहां पर डेढ़ सौ की जगह 500 लोगों को बगैर गाइडलाइन के बैठाया जा रहा है।
२० मोवाइल वैन और १२ टपरा टाकीज का किया मंच से दावा
अंतरराष्ट्रीय खजुराहो फिल्म महोत्सव में मंच पर एंकर के द्वारा फेस्टिवल में लगातार लोगों को जानकारी दी गई कि इस बार प्रदेश के मुख्यमंत्री वर्चुअल शुभारंभ करेंगे, वह केवल झूठ साबित हुआ। ठीक इसी प्रकार उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में इस बार लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए 20 मोबाइल बैन (ओवी वैन) और 12 टपरा टॉकीज (अस्थाई सिनेमा घर) का संचालन किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित की जा रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को फिल्म इंडस्ट्री और बुंदेली फिल्मों के साथ जोड़ा जा सके, लेकिन हकीकत में फिल्म फेस्टिवल में इस बार 20 मोबाइल वैन के स्थान पर १० संचालित की जा रही हैंं और 12 टपरा टॉकीज में से मात्र ७ संचालित की जा रही हैं। वहीं मोवाइल वैन चालक से बात करने पर बताया गया कि यह वैन मात्र प्रचार प्रसार के लिए हैं। इनके माध्यम से कार्यक्रमा का लाइव प्रशारण नहीं दिखया जा रहा है।
नहीं मिला बुंदेली फिल्मों का मंच
जिले के साथ साथ बुंदेलखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं। कई बुंदेलखंडी कलाकार फिल्मों और छोटे पर्दे में काम कर रहे हैं। वहीं पिछले ६ वर्षों से लगातार हो रहे फिल्म फैस्विल के माध्यम से अभ्ीा तक किसी भी बुंदेली कलाकार या बुंदेली फिल्म जगत को उचित मंद नहीं मिल सका है। हर साल करोडों रुपए खर्च दिखाकर ७ दिवसीय कार्यक्रम के बाद आयोजक मुम्बई लौट जाते हैं और फिर अगले वर्ष की कार्यक्रम के दौरान नजर आते हैं। बुंदेली फिल्म निमार्ता, कलाकारों ने बताया कि अगर उन्हैं सही मंच मिले तो वह भी अपने बुंदेलखंड का नाम अन्य क्षेत्रीय फिल्म जगत की तरह लोगों तक पहुंचा सकें।
इनका कहना है
मंच से २० मोवाइल वैन और १२ टपरा टाकीज संचालित होने और उनके माध्यम से लोगों तक कार्यक्रम पहुंचाया जाने की बात कही गई होगी। लेकिन अभी १० मोवाइल वैन और ११ टपरा टाकीज संचालित की जा रही है।
राजा बुंदेला, आयोजक, खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फैस्विल
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