खजुराहो एक आइकॉन सिटी के रूप में होगा विकसित, बिडला ग्रुप्र करेगा पर्यटन नगरी का विकास

पर्यटन व्यवसायियों के साथ पर्यटन सचिव ने बैठक में किया रणनीति का खुलासा
खजुराहो विकास योजना प्रारूप 2031 और आइकॉन सिटी योजना के तहत होगा विकास

By: Dharmendra Singh

Published: 23 Jan 2021, 06:45 PM IST

छतरपुर। पर्यटन नगरी खजुराहो का विकास करने एवं यहां के स्थलों तक संसाधन बढ़ाने के लिए प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी। होटल एसोसिएशन के सदस्यों, ट्रेवल एजेंट, गाइड और टूरिस्ट व्यवसाय से जुड़े सदस्यों के साथ मप्र पर्यटन विभाग के मुख्य सचिव ने बैठक करते हुए विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की। प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि आने वाले दिनों में खजुराहो एक आईकॉनिक साइड के रूप में विकसित होगा और इसके लिए बिरला गु्रप को जिम्मेदारी दी जा रही है। देश में 12 आइकॉन सिटी विकसित की जानी है, जिसमें मध्यप्रदेश में खजुराहो एक मात्र सिटी है, जो इस योजना के तहत चिंहित की गई है।

उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार रखे कि खजुराहो से महोबा तक जाने वाली सड़क को दुरूस्त किया जाए। अस्पताल की सुविधा बढ़ाने व ट्रेनें बढ़ाए जाने के साथ ही हवाई सेवा तत्काल शुरू करने की चर्चा हुई। वहीं डायमंड पार्क व टूरिज्म की गांधी चौराहे पर खाली पड़ी जमीन में पार्क विकसित करने पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा खजुराहो के विकास के लिए एक मास्टर प्लान बनाया गया है इसी प्लान के आधार पर बिरला गु्रप विकास की संरचना तैयार करेगा। शिल्पग्राम को भी टूरिज्म को दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में टूरिज्म के रीजनल मैनेजर सुभाष अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

खजुराहो के नए मास्टर प्लान में नई सड़कें, पार्किंग, मार्केट, योगा सेंटर, साइकिल ट्रेक का होगा निर्माण
खजुराहो के विकास के लिए ग्राम एवं नगर निवेश विभाग ने खजुराहो का नया मास्टर प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत खजुराहो और राजनगर नगर पंचायत व आसपास के 8 गांव अचनार, ललगुंवा, जटकरा, खर्रोही, लालखेड़ी,पहाडिय़ा, टिकुरी, बमीठा के विकास की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही खजुराहो को आइकॉन सिटी बनाने के लिए केन्द्र सरकार की योजना को भी मास्टर प्लान के साथ मर्ज किया जा रहा है। ताकि दोनों योजनाओं के तहत खजुराहो क्षेत्र का सम्मलित विकास किया जा सके। यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में शामिल खजुराहो के 25 स्मारकों के प्रति देशी के साथ ही विदेशी पर्यटकों को आर्कषित करने और उन्हें सुविधा देने की योजना इस प्लान में बनाई गई है। प्लान के तहत पूरे इलाके में सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, मार्केट, योगा सेंटर, साइकिल ट्रैक समेत अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

यातायात सुधारने पर रहेगा फोकस
139 पेज के नए मास्टर प्लान का 1 नवंबर 2019 को राजपत्र में प्रकाशन किया गया था। जिसमें खजुराहो व आसपास के क्षेत्र के विकास, पर्यटन के लिए कनेक्टिविटी बढाऩे के लिए शहरी क्षेत्र में 6 से लेकर 18 मीटर चौड़े मार्ग निर्माण की योजना है। इसके साथ ही राजनगर की संकरी गलियों के चौड़ीकरण की भी योजना है। इसके साथ ही खजुराहो ललगुवां से लिंक मार्ग का निर्माण किया जाएगा। लिंक मार्ग एक और लिंक मार्ग 2 के जरिए रीवा ग्वालियर नेशनल हाइवे पर बमीठा से खजुराहो मार्ग के समानांतर आवागमन सुविधा तैयार की जाएगी। इसके साथ ही खजुराहो में पार्किंग स्थलों की कमी को देखते हुए नए पार्किंग बनाने की भी योजना है। नए प्लान के मुताबिक सबसे अव्यवस्थित यातायात राजनगर शहरी क्षेत्र में है, इसे सुधारने के लिए सड़कों का बड़े पैमाने पर चौड़ीकरण किया जाएगा। रनेह फाल तक पहुंच मार्ग का भी चौड़ीकरण किया जाना प्रस्तावित किया गया है।

वाणिज्यिक भूमि का बढ़ेगा क्षेत्रफल
खजुराहो में वर्तमान में 52हेक्टेयर जमीन आवासीय है, जिसे बढ़ाकर 189 हेक्टेयर किया गया है। इसके साथ ही वाणिज्यिक क्षेत्र को 30.35 हेक्टेयर से बढ़ाकर 153 हेक्टेयर, औद्योगिक क्षेत्र को 1.13 हेक्टेयर से बढ़ाकर 16.63 हेक्टयेर,आमोद-प्रमोद के लिए आरक्षित जमीन का क्षेत्रफल 25 हेक्टेयर से बढ़ाकर 139 हेक्टेयर और यातायात के लिए 58 से बढ़ाकर 189 हेक्टेयर भूमि उपयोग की योजना बनाई गई है। नए प्लान के मुताबिक नगरीय क्षेत्र खजुराहो, राजनगर के साथ ही 8 गांव अचनार, ललगुंवा, जटकरा, खर्रोही, लालखेड़ी,पहाडिय़ा, टिकुरी, बमीठा गांव का नया विकास होगा।

Dharmendra Singh
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