संक्रमण की कड़ी तोडऩे किल कोरोना अभियान को फिर से किया शुरु

शहर के हॉटस्पॉट इलाकों का डोर टू डोर होगा सर्वे, संदिग्धों की होगी जांच
सरकार ने एक बार फिर 1075 टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की, घर पहुंचेगी मेडिकल टीम

By: Dharmendra Singh

Published: 18 Apr 2021, 07:22 PM IST

छतरपुर। जिले में कोरोना संक्रमण के बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए किल कोरोना अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत प्रतिदिन छतरपुर शहर में स्वास्थ्य विभाग की चार टीमें हॉटस्पॉट इलाकों का डोर टू डोर सर्वे करेंगी। पहले दिन शहर के सभी 40 वार्डों के 834 घरों का सर्वे किया गया। इसमें 49 लोगों में सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षण पाए गए हैं। इन्हें होमआइसोलेट किया गया है और जांच के लिए सैंपल भी लिए गए हैं। कोरोना संक्रमण वर्ष 20-20 में जिले में किल कोरोना नाम से अभियान चलाकर डोर-टू-डोर सर्वे कराया गया था, जिससे संक्रमित की समय रहते पहचान होने से मौत और संक्रमण फैलने पर तेजी से रोक लगी थी। इस सफल अभियान को एक बार फिर से आजमाया जा रहा है।


लक्षण दिखने पर 1075 पर कॉल करें, घर आएगी टीम
कोरोना संक्रमितों की जांच के लिए सरकार ने एक बार फिर 1075 टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू कर दी है। यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के गंभीर लक्षण दिखते हैं तो परिवार के लोग इस नंबर पर कॉल कर स्वास्थ्य टीम को घर बुला सकते हैं। गंभीर स्थिति होने पर टीम के लोग घर जाएंगे और संक्रमित मरीज के अलावा पूरे परिवार का सर्वे करेंगे। टीम को संक्रमित मरीज के अलावा अन्य लोगों के सेम्पल भी जरूरत पडऩे पर लेने होंगे। सामान्य स्थिति में मरीज को होम आइसोलेशन एवं गंभीर स्थिति में अस्पताल में रखा जाएगा।


कोविड सेंटर शुरु, अस्पताल में बिस्तर बढ़ाने के प्रयास भी शुरू
जिला अस्पताल में फिलहाल कोरोना मरीजों के लिए 120 बिस्तरों का इंतजाम हैं। इनमें से 10 बिस्तर आईसीयू के गंभीर मरीजों के लिए है। 60 बिस्तर ऑक्सीजन सपोर्ट से लैस उन मरीजों के लिए है जिनका ऑक्सीजन स्तर गिर जाता है। इसके अलावा 50 बिस्तर कोविड आइसोलेशन के हैं जहां उन मरीजों को रखा जाता है जिनमें कोरोना के गंभीर लक्षण हैं लेकिन ऑक्सीजन स्तर सामान्य है। कोविड के अलावा मिलते-जुलते लक्षणों वाले संदेहास्पद मरीजों के लिए 80 बिस्तर का पलमोनरी वार्ड भी मौजूद है। फिलहाल कोविड आइसोलेशन वार्ड के 30 ऑक्सीजन लैस बिस्तर खाली हैं साथ ही पलमोनरी वार्ड के भी नए बढ़ाए गए 30 बिस्तर फिलहाल खाली हैं। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने कहा कि सामान्य मरीजों एवं संदेही मरीजों के लिए महोबा रोड का 50 बेड का छात्रावास शुरू कर दिया गया।

मरीज बढ़ते गए तो ये कदम उठाएगा प्रशासन
जिस गति से प्रतिदिन कोरोना के मरीज मिल रहे हैं यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में जिला अस्पताल के स्वास्थ्य इंतजाम धराशायी हो सकते हैं। लोगों की जान बचाने के लिए जिला प्रशासन आने वाले गंभीर दिनों की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए महोबा रोड के छात्रावास में 50 बिस्तर एवं गौरैया रोड में 100 बिस्तरों पर मरीजों को आइसोलेट करने और उन्हें पैरामेडिकल स्टाफ व डॉक्टरों की मौजूदगी में इलाज देने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही जिले भर के ब्लाक स्तर पर बंद किए जा चुके कोविड सेंटर पुन: खोले जाएंगे। ऑक्सीजन सपोर्ट के लिए सरकार से एक ऑक्सीजन जनरेटर की मांग की गई है जिससे कि 60 मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन दी जा सकेगी। 15 पोर्टेवल ऑक्सीजन सिलेण्डर भी ऑर्डर किए जा चुके हैं ताकि 15 मरीजों को किसी भी बिस्तर पर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा सके।

संक्रमण की चेन तोडऩा जरूरी
अन्य जिलों के मुकाबले छतरपुर जिले में अब भी संसाधनों, स्टाफ और जीवन रक्षक दवाओं व साधनों की किल्लत नहीं है। आने वाले दिनों में भी ऐसी दिक्कत न हो इसके लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन आमजन का सहयोग करना बहुत जरूरी है। यदि कोरोना संक्रमण की चेन नहीं तोड़ी गई तो हमारे बड़े से बड़े इंतजाम भी कम पड़ेंगे ही। मेरी सभी जिलेवासियों से अपील है कि संक्रमण की चैन तोडऩे घर पर रहें और पूरी सावधानी अपनाएं।
शीलेन्द्र सिंह, कलेक्टर, छतरपुर

Dharmendra Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned