कहीं भोले ने लगाया जाम, कहीं स्वयं ही फंस गए, शहर की यह है स्थिति

Samved Jain

Publish: Feb, 15 2018 02:47:14 (IST)

Chhatarpur, Madhya Pradesh, India
कहीं भोले ने लगाया जाम, कहीं स्वयं ही फंस गए, शहर की यह है स्थिति

बिना प्लानिंग के शहर में चल रहा ट्रैफिक सिस्टम

छतरपुर। बुधवार को शहर में एक साथ कई आयोजन थे, लेकिन इस दौरान यातायात व्यवस्था बेपटरी ही बनी रही। इसके चलते पूरे शहर में जगह-जगह जाम के हालात रहे। लोगों को भी परेशान होना पड़ा।
शहर में बुधवार को जगह-जगह शिवालयों में कार्यक्रम थे। शहर में भगवान शंकर की बारात भी निकाली गई। उधर छत्रसाल चौक पर जिलेभर से जुटे अतिथि शिक्षकों ने भी अपना बड़ा प्रदर्शन किया। पहले से घोषित इन सभी कार्यक्रमों की जानकारी होने के बाद भी शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए कोई प्लानिंग नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि जब शहर के हटवारा मोहल्ला से शंकर जी की बारात निकली तो जाम के हालात बन गए। ट्रैफिक कर्मी भी यहां से गायब दिखे। कुछ देर बाद चौराहों पर यातायात कर्मी तो दिखे, लेकिन पूरे समय शोभायात्रा के आयोजन ही व्यवस्था बनाते दिखे। शहर के हाइवे पर बड़े और भारी वाहनों के प्रवेश को पहले से नहीं रोका गया। इस कारण बस स्टैंड पर फव्वारा चौक से महोबा रोड तक बड़ा जाम लग गया। इधर जवाहर रोड पर भी जाम लगा। आकाशवाणी तिराहा पर शोभायात्रा पहुंचने के दौरान ही बड़े वाहन आते-जाते रहे। उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया गया, इससे जाम के हालात बने रहे। मुख्य बाजार में भी जब शिव बारात पहुंची तो यहां भी ऐसी ही स्थिति थी। प्रशासन ने त्योहार को लेकर अतिरिक्त बल की भी व्यवस्था नहीं की। उधर छह दिन से ज्यादा का समय हो जाने के बाद भी आकाशवाणी तिराहा पर लगा ट्रैफिक सिग्नल भी अब तक नहीं सुधरा है। बाकी चौराहों के सिग्नल भी सालों से बंद पड़े हैं। जबकि कई बार शहर के लोग यातायात व्यवस्था को लेकर सिग्नल चालू करने की मांग उठा चुके हैं। इस मामले में यातायात प्रभारी अंजना दुबे कह चुकी हैं कि कंपनी के इंजीनियर को फोन कर दिया है। इंजीनियर के आते ही सिग्नल ठीक हो जाएंगे। यातयात व्यवस्था को लेकर उनका कहना रहता है कि स्टाफ की कमी के कारण वे किसी तरह काम चला रही हैं।
चार घंटे की बैठक में हुए निर्णय पर नहीं हुआ काम :
महीने के शुरुआत में एसपी विनीत खन्ना ने मीडिया के साथ पुलिस कांफ्रेंस हाल में चार घंटे की बैठक लेकर शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए सुझाव मांगे थे। सुझावों के आधार पर उन्होंने बैठक के मिनिट्स बनाकर काम करने की बात कही थी, लेकिन शुरुआत में एक-दो दिन यातायात पुलिस ने कार्रवाई की, इसके बाद पूरे शहर की ट्रेफिक व्यवस्था को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया।

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