मड़देवरा की रॉक फॉस्फेट खदान की नीलामी रुकी


मड़देवरा के आसपास यूरेनियम की संभावना को देखते हुए लगी रोक, सर्वे के बाद होगा फैसला
मुख्यमंत्री ने रोक हटाने केन्द्रीय खनिज मंत्री से की बात, सर्वे प्रक्रिया जल्द कराकर रोक हटाने की मांग

By: Dharmendra Singh

Published: 12 Jul 2021, 07:34 PM IST

छतरपुर। जिले के मड़देवरा में 122 हेक्टेयर में फैली रॉक फास्फेट की खदानों की नीलामी पर केन्द्रीय खनिज मंत्रालय के एटामिक मिनिरल डिवीजन ने रोक लगा दी है। मड़देवरा क्षेत्र में यूरेनियम की संभावना को देखते हुए एटामिक मिनिरल डिवीजन (एएमडी) ने रोक लगाई है। एएमडी इस इलाके में यूरेनियम का सर्वे कर रिपोर्ट देगी, उसके बाद ही रॉक फास्फेट की खदान की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। प्रदेश सरकार मड़देवरा ब्लॉक को रॉक फास्फेट खदान मानकर नीलामी करा रही है। रॉक फास्फेट खदान की नीलामी के लिए 9 कंपनियां भी सामने आई हैं। लेकिन यूरेनियम की संभावना के चलते नीलीमी प्रक्रिया रुक गई है। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खदान की नीलामी पर लगी रोक हटाने केन्द्रीय खनिज मंत्री प्रहलाद जोशी से बात कर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने एएमडी की प्रक्रिया जल्द पूरी कर रोक हटाने की मांग की है। जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया है।

रॉक फॉस्फेट का उत्पादन बढ़ाने की नीति
26 जून 2021 को तात्कालीन उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वदेशी संसाधनों' के माध्यम से भारत को उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है। भारत निश्चित रूप से आने वाले समय में उर्वरकों में आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंत्री ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में उपलब्ध मौजूदा 30 लाख टन फॉस्फोराइट खनिज का उत्पादन बढ़ाने की बात भी कही है। उन्होंने उर्वरक के लिए रॉक फॉस्फेट, डीएपी और एनपीके उर्वरकों का प्रमुख कच्चा माल बताया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि मड़देवरा में रॉक फास्फेट खदान की नीलामी में केन्द्र सरकार का सपोर्ट मिले।


जीेएसआइ के सर्वे में मिला था भंडार
ज्यूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआइ) ने छतरपुर जिले के मड़देवरा में 57 लाख मीट्रिक टन रॉक फास्फेट के भडार को चिंहित किया है। जिसके आधार पर जिला खनिज विभाग ने शासन को 122 हेक्टेयर में रॉक फॉस्फेट की दो खदानों की नीलामी का प्रस्ताव अक्टूबर 2020 में बनाया था। जिसे राज्य शासन ने भी मंजूरी दे दी है। खनिज विभाग और जीएसआइ ने साथ मिलकर एक रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें जीएसआइ ने मड़देवरा ब्लॉक में 57 लाख मीट्रिक टन रॉक फास्फेट के भंडार का आंकलन लगाया है। 122 हेक्टेयर में 67 हेक्टयेर जमीन रॉक फास्फेट के खनन और 37 हेक्टेयर जमीन नॉन मिनरलाइज्ड होगी। 67 हेक्टेयर क्षेत्र में से 15 से 20 हेक्टेयर में रॉक फॉस्फेट की मात्रा अधिक है, वहीं 2 किलोमीटर लंबे और 2 किलोमीटर चौड़े हिस्से में लगभग 15 से 20 लाख मीट्रिक टन रॉक फॉस्फेट की उपलब्धता का आंकलन किया गया है।

उर्वरक निर्माण के उपयुक्त है जिले का रॉक फॉस्फेट
जिले के मड़देवरा इलाके में उलब्ध रॉक फास्टफेट का भंडार उर्वरक निर्माण के लिए उपयक्त है। हालांकि खदान में ज्यादातर मात्रा 18 से 20 पी2ओ 5 ग्रेड का है, जो लो क्वालिटी के अंतर्गत आता है। जबकि 24 प्लस पी 2ओ5 ग्रेड की मात्रा उवर्रक संयंत्र के लिए सप्लाई होता है। वहीं, क्षेत्र में 42 से 34 पी2ओ5 ग्रेड का रॉक फास्फेट का भी भंडार है। जैविक खाद बनाने के लिए गोबर तथा रॉक फॉस्फेट को प्रयोग में लाया जाता है। रॉक फॉस्फेट की मदद से रासायनिक क्रिया करके सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी)तथा डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) रासायनिक उर्वरक तैयार किए जाते हैं। खनिज फास्फेटों का सर्वाधिक प्रयोग फास्फेट उर्वरकों के निर्माण में होता है। रॉक फॉस्फेट की खदान से निकाले गए फास्फेटीय चट्टान को चूर्ण करके सल्फयूरिक अमल के साथ मिलाकर सुपरफास्फेट बनता है। इस पदार्थ का प्रयोग उर्वरक के रूप में अत्यधिक होता है। साधारण फास्फेटीय चट्टान के चूर्ण में 30 से 40 प्रतिशत फास्फोरस पेंटॉक्साइड, 3-4 प्रतिशत फ्लोरीन तथा भिन्न मात्राओं में चूना रहता है।

प्रयास किए जा रहे हैं
मड़देवरा में रॉक फास्फेट की खदानों की नीलामी की जानी है। एएमडी ने सर्वे होने तक खदान की नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाई है। शासन स्तर पर रोक हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अमित मिश्रा, खनिज अधिकारी

फैक्ट फाइल
खदान एरिया- 122 हेक्टेयर
स्थान- मड़देवरा
संभावित भंडार- 57 लाख मीट्रिक टन

Dharmendra Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned