भाजपा के वरिष्ठ नेता का निधन, दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त पूर्व विधायक का निधन...।

By: Manish Gite

Published: 22 Apr 2021, 07:05 PM IST

छतरपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश के सीनियर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक कपूरचंद्र जैन घुवारा का निधन हो गया। बुंदेलखंड के प्रभावशाली नेताओं में शामिल घुवारा के निधन से पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अनेक भाजपा नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी अपने ट्वीट संदेश में घुवारा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। वीडी शर्मा ने कहा है कि कपूरचंद्र जैन घुवारा के निधन का दुखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और शोक संतप्त परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति दैं।

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पूर्व पर्यटन मंत्री एवं भोजपुर से भाजपा के विधायक सुरेंद्र पटवा ने भी अपने ट्वीट संदेश में कहा है कि कपूरचंद्र जैन घुवारा के निधन का दुखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

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पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट के जरिए कपूरचंद्र घुवारा के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि ईश्वर उन्हें श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को दुख की घड़ी में साहस दें। सादर श्रद्धांजलि। उज्जैन से भाजपा के सांसद पारस जैन ने भी ट्वीट कर घुवारा के निधन पर दुख जताया है।

 

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बुंदेलखंड में था प्रभाव

कपूरचंद्र जैन घुवारा बुंदेलखंड में काफी प्रभावी नेता माने जाते थे और वे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के समर्थन से ही भाजपा के विधायक बने थे। पूर्व विधायक कपूरचंद्र जैन (घुवारा) मध्यप्रदेश हस्तशिल्प विकास निगम के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और शिवराज सिंह चौहान की सरकार के वक्त उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिला था।

 

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उमा भारती के समर्थन से बने थे विधायक

बुंदेलखंड के बड़ा मलहरा से विधायक रहते हुए उमा भारती मुख्यमंत्री बन गई थी। 21 अगस्त 2004 को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद जब उन्होंने विधानसभा से भी इस्तीफा दिया तो 2006 में उपचुनाव हुए। उस समय 1980 में सीपीआइ से विधायक रहे कपूरचंद घुवारा को भाजपा की तरफ से टिकट दिया गया और वे विधायक चुने गए थे। जबकि यह चुनाव उमा भारती के समर्थन के चलते ही वे वे जीत पाए थे, लेकिन 2008 के चुनाव में उमा भारती की ओर से रेखा यादव की ओर से रेखा यादव उम्मीदवार थी, जिन्हें सफलता भी मिली थी। इस दौरान घुवारा 15.43 प्रतिशत वोटों के साथ तीसरे नंबर पर आए थे।

 

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