24 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाराजा छत्रसाल विवि के सहायक कुलसचिव के साथ भृत्य ने की मारपीट

- महाराजा छत्रसाल विवि के सहायक कुलसचिव के साथ भृत्य ने की मारपीट - पानी पिलाने के लिए कहा तो गाली-गलौच कर पीट दिया - सिविल लाइन थाना में हुई मामले की शिकायत, कुल सचिव ने मांगा स्पष्टीकरण

2 min read
Google source verification
 Maharaja Chhatrasal University's assistant registrar beat up the act

Chhatarpur

छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव के साथ विवि के ही एक भृत्य ने गाली-गलौच करके मारपीट कर दी। इस घटना की लिखित शिकायत सहायक कुल सचिव गौरीशंकर बरार ने सिविल लाइन थाना में दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर गुरुवार को यह मामला विवि के कुलसचिव के संज्ञान में आया है। सहायक कुल सचिव और भृत्य ने लिखित में शिकायत दी है। इस पर दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।जानकारी के अनुसार महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी पदों पर पूर्व में ऐसे लोगों को भर्ती कर लिया गया था, जो शहर के प्रभावशाली लोग थे। रसूखदार होने के कारण भृत्य के पद पर वे काम करने में बेइज्जती मानते हेँ। इसी को लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय में एक भृत्य और सहायक कुल सचिव के बीच विवाद हो गया। जानकारी के अनुसार सहायक कुलसचिव ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जब वह ऑफिस में थे और उन्होंने पीने के लिए भृत्य रामेंद्र मिश्रा ने पानी मांगा तो वह गाली-गलौच करने लगे। विरोध किया तो उनके साथ मारपीट कर दी। सहायक कुल सचिव बरार के अनुसार रामेंद्र मिश्रा ने सरेआम उन्हें पीटा और जान से मारने की धमकी दी। इस पर उन्होंने सिविल लाइन थाना में शिकायत दी। गुरुवार को विवि के कुल सचिव पुष्पेंद्र पटैरिया को भी लिखित में शिकायत दी है। सिविल लाइन थाना प्रभारी अरविंद दांगी ने बताया कि विवि के सहायक कुल सचिव की ओर से एक शिकायत आई है। विवाद की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुलसचिव ने मांगा स्पष्टीकरण : यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. पुष्पेंद्रकुमार पटैरिया ने बताया कि यह विवाद एक दिन पहले का है, जिसमें सहायक कुलसचिव और भृत्य के बीच गाली-गलौच होने का पता चल हैं। लेकिन गुरुवार को उनके पास जब दोनों व्यक्तियों ने अलग-अलग शिकायतें दीं, जब इस विवाद की जानकारी लगी। इस पर दोनों लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि कार्यालयीन समय में इस तरह का विवाद कैसे हुआ और बिना कुलसचिव या कुलपति का जानकारी दिए बिना पुलिस तक शिकायत कैसे पहुंच गई। डॉ. पटैरिया ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। दो भी दोषी होगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

छतरपुर

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग