शहर से बाइपास तक की जमीन पर बसेंगी कॉलोनियां, 2035 मास्टर प्लान के तहत होगा विकास

3 लाख आबादी के मान से तैयार किया गया है मास्टर प्लान, 16 अप्रेल की बैठक में फायनल होगा प्रस्ताव
शहर की सड़कों का होगा चौड़ीकरण, वाणिज्यक और ओद्योगिक क्षेत्र का भी किया गया प्रावधान

By: Dharmendra Singh

Published: 02 Mar 2021, 09:37 PM IST

छतरपुर। शहर के मास्टर प्लान 2035 के मसौदे को अब अंतिम रुप दिया जा रहा है। मास्टर प्लान को लेकर आई आपत्तियों के निराकरण के साथ 16 अप्रेल को मास्टर प्लान को फायनल किया जाएगा। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में छतरपुर विकास योजना 2035 के तहत शहर के सुनियोजित विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने, प्रस्तावित भूमि आवंटन, मार्गों की चैड़ाई और निवेश क्षेत्र विकसित करने के संबंध में बैठक हुई। इस अवसर पर नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा विकास योजना प्रारूप में प्राप्त आपत्तियों पर चर्चा की गई। मास्टर प्लान के अनुसार छतरपुर के सुव्यवस्थित विकास के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए गए।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि भविष्य में छतरपुर शहर का विकास नई विकास योजना की गाइडलाइन के तहत होगा। शहर के विकास के लिए औद्योगिकीकरण जरूरी हैै। इस क्षेत्र में विकास की बहुत संभावना है, इसलिए मानसिकता में बदलाव कर हमें एकजुट होकर छतरपुर के विकास के लिए प्रयास करना होगा। बैठक में भूमि को व्यवसायिक करने, औद्योगिक क्षेत्रों के निकट आबादी की बसाहट रोकने, ग्रीन बेल्ट तैयार करने, शहर से बायपास तक के एरिया और खेती की जमीन को कॉलोनी के रूप में विकसित करने के बारे में उपस्थितजनों के साथ चर्चा कर सुझाव लिए गए।

उल्लेखनीय है कि छतरपुर विकास योजना 2021 की अवधि इस वर्ष समाप्त होगी। छतरपुर शहर का बहुआयामी केन्द्र के रूप में विकास करने के उद्देश्य से छतरपुर विकास योजना 2035 का प्रारूप अनुमानित 3 लाख की जनसंख्या को आधार मानकर तैयार किया गया है। इसमें आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक, परिवहन और नगरीय अधोसंरचना उन्नयन का प्रस्ताव है। म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधान के तहत जनसामान्य और संस्थाओं से प्राप्त आपत्ति-सुझाव के आधार पर विकास योजना प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक के दौरान अगली बैठक की तिथि 16 अप्रे्रल 2021 निर्धारित की गई है।

सड़कों का होगा चौड़ीकरण
जिला स्तरीय समिति ने 14 साल बाद की आबादी, संसाधन गतिशीलता, असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि का उपयोग, जल स्त्रोतों का विकास एवं संरक्षण, वर्तमान संदर्भ में यातायात के प्रस्ताव, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रबंधन, नगरों का बहुआयामी केन्द्र के रूप में विकास तथा पूर्व विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अब तक आई समस्या एवं उनके निराकरण को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान का प्रारुप तैयार किया है।

शहर की इन सड़कों का होगा चौड़ीकरण
जिला स्तरीय समिति में छतरपुर शहर के कलेक्टर बंगला से संकट मोचन पहाड़ी की चैड़ाई 35 मीटर, अस्पताल चैराहे से राजमहल तक 18 मीटर, राजमहल से थाना तक 12 मीटर तथा थाना से गांधी चौक कोतवाली तक 12 मीटर करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी है। इसी तरह बस स्टैण्ड से उप डाकघर, उप डाकघर से गांधी चौक, गांधी चैक से गोवर्धन टाकीज तथा गोवर्धन टाकीज से संकट मोचन मंदिर तक प्रस्तावित मार्ग की चैड़ाई 18-18 मीटर करने पर सहमति दी गई। इसी तरह वहीं सरानी मार्ग गांधी चौक से वर्तमान गल्ला मण्डी तक 12 मीटर, गल्ला मण्डी से औद्योगिक क्षेत्र बैलगाड़ी प्रोजेक्ट तक 18 मीटर, किशोर सागर मार्ग स्थित हनुमान मंदिर से राजमहल तक और पोस्ट ऑफिस राजमहल तक 18-18 मीटर, खटकयाना मार्ग को 12 मीटर, छत्रसाल चौक से न्यायालय तक 18 मीटर, तहसील कार्यालय से जेल चौराहे तक 18 मीटर तथा महाराजा कॉलेज मार्ग की चौड़ाई 30 मीटर प्रस्तावित करने पर सहमति दी गई।

Dharmendra Singh
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