ग्रेनाइट खदान पर मजदूरों के शोषण के खिलाफ सड़क पर उतरकर दिया ज्ञापन

ग्रेनाइट खदान पर मजदूरों के शोषण के खिलाफ सड़क पर उतरकर दिया ज्ञापन

rafi ahmad Siddqui | Publish: Sep, 08 2018 02:58:55 PM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

तहसील का घेराव करके लवकुश सेना ने कंपनी के खिलाफ की नारेबाजी

खबर का असर :
लवकुशनगर। कटहरा क्षेत्र की गे्रनाइट खदान पर काम करने वाले मजदूरों की बीमारी से हो रही मौत, दूषित पानी पिलाए जाने और उनके शोषण सहित 10 सूत्रीय समस्याओं को लेकर शुक्रवार को यहां ज्ञापन दिया गया। नारेबाजी करते हुए सैकड़ों की संख्या में पहुंचे मजदूर और खदान का काम छोड़ चुके युवक तहसील का घेराव करने पहुंचे। बाद में उन्होंने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कटहरा खदान क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं सहित फाच्र्यून स्टोन्स लिमिटेड कंपनी की मनमानी का प्रमुखता से उल्लेख किया गया। गौरतलब है कि कटहरा स्थित ग्रेनाइट खदान में चल रही गड़बडिय़ों का मामला पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था।
लवकुश सेना प्रमुख नितिन रिछारिया की अगुवाई में शुक्रवार को दोपहर में कटहरा गांव सहित स्थानीय युवा एकत्र हुए और उन्होंने प्रमुख मार्गों से रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए सभी तहसील पहुंचे और यहां का घेराव कर दिया। कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करके उन्होंने राज्यपाल के नाम एसडीएम को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि फॉच्यूटन स्टोन्स लिमिटेड कंपनी की ग्रेनाइट पत्थर खदानों से निकलने वाली हानिकारक सिलिकॉन डस्ट से सिलकोसिस नामक जानलेवा बीमारी से तीन मजदूरों की मौत हो चुकी है। कई मजदूर बीमारी के शिकार है। कंपनी ने अपने विस्तार के लिए शासन से जिन किसानों को जमीन के पट्टे मिले थे उन्हें कम्पनी ने लालच देकर झूठे शपथ पत्र दिलाकर कंपनी के पक्ष में रजिस्ट्री करा ली। वहीं सालों से कंपनी द्रारा इस्तेमाल किए जा रहे पहाड़ों का पानी बहकर गरीब किसानों की उपजाऊ भूमि में आकर ठहर जाता है जिससे किसानों की फसल वाली जमीन नष्ट हो रही है। वहीं कटहरा खदान में काम कर रहे मजदूरों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। कंपनी की तरफ से मजदूरों को साफ पानी की व्यबस्था तक नहीं की गई है। कटहरा गांव में कंपनी द्रारा ग्राम के एक मात्र खेल मैदान को अपने डंपर-ट्रक, ट्रॉला व मशीनरी वाहनों पार्किंग का स्थान बना दिया गया है, इससे बच्चों का खेल मैदान खत्म हो गया है। इस तरह कंपनी द्रारा अपने व्यवसाय में ईंधन के इस्तेमाल में लगातार घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि खदान में काम कर रहे मजदूरों को कंपनी के द्वारा मास्क, जूते, हेलमेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। कम्पनी द्रारा शासन स्वीकृत खनन का रकवा कुछ है लेकिन कंपनी द्रारा अधिक क्षेत्रफल में खनन कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी बताया कि कंपनी द्वारा जब से खनन कार्य प्रारंभ किया गया है तब से यहां एक भी पौधा नहीं रोपा गया। न ही कहीं कोई प्लांटेशन हुआ। कंपनी का काम बिना चेतावनी के किया जाता जिससे गांव में बड़े-बड़े पत्थर उछलते हुए देखा जाता है। ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने कहा कि अगर इन सभी बिंदुओं की निष्पछ जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो मजबूर होकर कंपनी के खिलाफ बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। इस मौके पर अमित रिछारिया, आशीष सिंह, विवेक विश्वकर्मा, रितिक खरे, आनंद गुप्ता, विकास अवस्थी, पंकज त्रिपाठी, अन्वेश सहित मजदूर और कटहरा के ग्रामीण मौजूद थे।

Memorandum against labor exploitation on granite quarry
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