नाबालिग का तीन दिन बाद भी नहीं हुआ मेडिकल, इस उलझन में है पुलिस

एससपी ने कोतवाली पुलिस को तत्काल कार्रवाई कराने के लिए कहा

 

By: manish Dubesy

Updated: 25 Apr 2018, 11:39 AM IST

छतरपुर। शहर के बस स्टैंड पर मिली कोलकाता की नाबालिग लड़की का तीन दिन बाद भी मेडिकल नहीं हो पाया है। बाल कल्याण समिति ने न्यायालयीन आदेश बनाकर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के लिए लिख दिया है। लेकिन कोतवाली पुलिस नियमों का हवाला देकर उम्र संबंधी दस्तावेज और लड़की के बयानों को अस्पष्ट बताकर कमियों को पूरा करने में लगी है। इधर इस मामले में खुद एससपी राजाराम परिहार ने कोतवाली पुलिस को तत्काल कार्रवाई कराने के लिए कहा है। अब जांच के बिंदुओं की पूर्ति होने के बाद आगे के प्रक्रिया पूरी होगी।
चार दिन पहले शनिवार को नाबालिग लड़की झांसी में चल रहे वेश्यावृत्ति के ठिकाने से भागकर छतरपुर पहुंची थी। उसे पुष्पेंद्र जोशी नाम का युवक जबरन अपनी कैद में रखकर वेश्यावृत्ति करा रहा था। इसके पहले वे उसे टौरिया मेाहल्ला में असलम नट के घर में रखकर वेश्यावृत्ति कराता आ रहा था। लेकिन बीच में असलम नट की गिरफ्तारी होने के बाद आरोपी उसे झांसी ले गया था। तब दो पिछले करीब दो माह से लड़की झांसी में कैद थी। कोलकाता निवासी लड़की अनपढ़ होने और उसके पास उम्र का कोई दस्तावेज नहीं होने के कारण मंगलवार को भी उसका मेडिकल नहीं हो पाया। जिला बाल कल्याण समिति ने कोतवाली पुलिस को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई के लिए तो कह दिया, लेकिन कोतवाली पुलिस इस उलझन में है कि जिला बाल कल्याण समिति कब से न्यायालय बन गया है। कोतवाली टीआई संधीर चौधरी ने बताया कि बाल कल्याण समिति ने जो पत्र लिखा है उसमें खुद को न्यायालय के रूप में संबोधित करते हुए आदेशित किया गया है, जबकि यह समिति कोई न्यायालय नहीं होती है। इसलिए इस बारे में उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए कुछ बिंदुओं पर जानकारी मंगाई गई है, ताकि लड़की के साथ सही न्याय हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि लड़की ठीक से नहीं बता पा रही है कि वह छतरपुर में कब रही और झांसी में किस क्षेत्र में उसे बंधक बनाकर रखा गया।
भाषा को लेकर आ रही दिक्कत :
पीडि़त युवती पश्चिम बंगाल की है। इस कारण व टूटी-फूटी हिंदी भाषा में ही बात कर रही है। उसके अनुसार उसे करीब 6 माह पहले पुष्पेंद्र जोशी कोलकाता से लेकर आया था और छतरपुर में असलम नट के यहां बंधक बनाकर रखे रहा। यहां उससे वेश्यावृत्ति कराई जाती रही। लेकिन जब असलम नट नाबालिग दलित के केस में पकड़ा गया तो उस दौरान कोलकाता की युवती को यहां से हटाकर पुष्पेंद्र जोशी झांसी ले गया था। इधर कोतवाली पुलिस का कहना है कि असलम नट का मकान तो पुलिस ने ही गिरा दिया था तो लड़की कब रही। जबकि लड़की उससे पहले की घटना बता रही है। दूसरी तरह कोतवाली पुलिस इस मामले को झांसी पुलिस का बताकर अपने यहां से मामले टच होने से इनकार कर रही है। ऐसे में पीडि़त युवती को न्याय मिलने की उम्मीद खत्म होती नजर आ रही है। हालांकि एसपी आरआर परिहार ने टीआई को साफ निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत कार्रवाई करते हुए झांसी पुलिस से संपर्क करें। अब कोतवाली टीआई ने पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।

manish Dubesy Desk
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