छतरपुर, नौगांव,बक्स्वाहा में बारिश से ज्यादा नुकसान

छतरपुर, नौगांव,बक्स्वाहा में बारिश से ज्यादा नुकसान

By: Sanket Shrivastava

Published: 28 Mar 2020, 01:18 PM IST

छतरपुर. प्रदेश समेत देश में मौसम के तीन सिस्टम बनने से गुरुवार की रात से ही मौसम बदलने लगा। शुक्रवार की सुबह से बादल छाए और रुक-रुक कर पूरे दिन बारिश होती रही। खजुराहो मौसम केन्द्र के मुताबिक दक्षिण गुजरात एवं उसके आसपास के इलाके में चक्रवात बना हुआ है। वहीं, दक्षिण पूर्व राजस्थान से कोस्टल कर्नाटक तक एक द्रोणिका का 900 मीटर की ऊंचाई तक बनी हुई है जो गुजरात से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में 1.5 से 3.1 किलोमीटर के ऊपर जम्मू कश्मीर और उससे लगे उत्तरी पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ के रूप में बनी हुई है एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ 30 मार्च को प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में अगले दो से चार दिन तक मौसम मे उतार चढाव बने रहने की आशंका है। वहीं, 31 मार्च व 1 अप्रैल को फिर बारिश की आशंका है।
रबी सीजन की सबसे बड़ी फसल गेहूं इस बार जिले में अच्छा पानी होने की वजह से ३ लाख ५२ हजार हैक्टेयर में किसानों ने लगाई हुई हैं। जो कि पिछले वर्ष से ६० हजार हैक्टेयर तक अधिक हैं। जिसमें से अब तक १० प्रतिशत फसल की कटाई हो सकी है, शेष का काम १५ अप्रैल तक तक होना है। इसी बीच शुक्रवारा को हुई बारिश ने खेतों में खड़ी फसल के साथ ही खलिहानों में रखी फसल का नुकसान किया है। कोरोना के संक्रमण को रोकने देश भर में चल रहे लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर किसान पर हैं। किसान इस समय फसल कटाई के लिए मजदूर ढंूढने वाला था, नहीं मिलने पर हार्वेस्टर से कटाई कराता, लेकिन इस समय दोनों व्यवस्था नहीं हैं। इस वजह से कटाई व थ्रेसिंग का काम पिछड़ रहा है। ऐसे में बदलता मौसम किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। बारिश के कारण खरीफ की फसल पूरे जिले में 90 फीसदी खराब हो गई थी। अब रबि की फसल पर कोरोना व मौसम की मार ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे खींच दी हैं। मौसम विभाग ने 3 दिन बाद फिर बारिश की आशंका जताई है, ऐसे में किसानों की मुश्किल कम होती नजर नहीं आ रही है।

Sanket Shrivastava Desk/Reporting
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