जिला मुख्यालय पर मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सबसे ज्यादा लापरवाही

कोरोना से प्रदेश में मृत्यु दर 2 फीसदी, जिले में दर 2.4 प्रतिशत, पॉजिटिविटी रेट बढ़कर हुआ 3.92
घनी आबादी के बीच अनलॉक में लापरवाही पड़ रही भारी, प्रशासन ने मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग न होने पर बंद की कार्रवाई

By: Dharmendra Singh

Published: 16 Sep 2020, 08:00 AM IST

छतरपुर। कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। ऐसे में अनलॉक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ताकि कोरोना संक्रमण से बचाव के साथ ही आर्थिक गतिविधियां जारी रखी जा सकें। लेकिन लोग विशेषज्ञों की सलाह और शासन के निर्देशों की अवहेलना करके न केवल स्ंवय बल्कि दूसरों को भी खतरे में डाल रहे हैं। जिला मुख्यालय में रोजाना कोरोना के केस सामने आ रहे हैं। लेकिन फिर भी लोग कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही कर रहे हैं। जिला मुख्यालय में सभी जगह न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है, न लोग मास्क पहनने को लेकर गंभीरत दिखा रहे हैं। इस वजह से संक्रमण की रफ्तार थम नहीं रही है।

संक्रमित होने की रफ्तार बढ़ी
कोरोना पॉजिटिव होने की रफ्तार शहर व जिले में बढ़ रही है। सबसे ज्यादा मामले छतरपुर शहर में ही आए हैं। जिले में अबतक आए 933 पॉजिटिवों में 345 छतरपुर शहर के हैं। वहीं कोरोना संक्रमण होने की दर भी बढ़ गई है। जिले में कोरोना पॉजिटिव होने की दर 3.58 फीसदी से बढ़कर 3.92 फीसदी हो गई है। वहीं कोरोना से मृत्यु दर भी बढ़ी हुई है। प्रदेश में मृत्यु दर 2 फीसदी है। जबकि छतरपुर में मृत्यु दर 2.4 फीसदी है। संक्रमण के लक्षण मिलने पर इलाज या जांच में देरी होने से मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई है। खासतौर पर जिला मुख्यालय पर घनी आबादी और लापरवाही के कारण हालात दिन प्रतिदिन और बिगड़ रहे हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं कर रहे पालन
जिला मुख्यालय पर बाजार, सड़क, दुकान, संस्थानों में लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। जिले में सबसे ज्यादा आबादी जिला मुख्यालय पर है। लेकिन फिर भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। इतनी ही नहीं मास्क पहननकर निकलने में भी लोग अभी भी लापरवाही कर रहे हैं। मंगलवार की दोपहर शहर के अलग-अलग स्थानों पर लोग कोरोना से बचाव के प्रति लापरवाह नजर आए।

मास्क लगाने में भी लापरवाही
शहर के सड़कों पर आवागमन करने वाले ज्यादातर लोग मास्क लगाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। लोग पैदल व वाहनों से बिना मास्क की शहर में आवागमन करते नजर आ रहे हैं। लोगों को कोरोना से बचाव की अपील, समझाइश और कार्रवाई करके प्रशासन भी थक गया है। प्रशासन ने मास्क न पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर कार्रवाई बंद कर दी है। ऐसे में लोग और लापरवाह हो गए हैं। जो पहले जुर्माना के डर से ही सही मास्क पहनने थे, वे अब बिना मास्क के घूमते नजर आने लगे हैं। शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर भी लोग अब बिना मास्क के नजर आ रहे हैं।

गंभीर बीमारी वाले मरीजों को जोखिम ज्यादा
जिले में अब तक हुई मौतों में ज्यादातर मरीजों को शुगर, हार्ट , किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां पहले से थी। ऐसे में संक्रमण होने पर मरीज रिकवर नहीं कर पाए। मारे गए लोगों की उम्र 36 साल से लेकर 85 साल तक है, जिसमें से 13 लोगों की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी। पहाड़ गांव का युवक और राजनगर का कपड़ा व्यापारी मारे गए लोगों में सबसे कम उम्र के थे। युवक की उम्र 36 और व्यापारी की उम्र 45 साल थी।

Dharmendra Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned