31 मार्च तक जिला अदालत में नहीं होगी सुनवाई

उच्च न्यायालय जबलपुर ने दिए केवल अर्जेन्ट मामलों की सुनवाई के निर्देश
जटाशंकर धाम में भंडारे पर लगी रोक, 20 से ज्यादा लोग नहीं कर सकेंगे एक साथ प्रवेश

By: Dharmendra Singh

Published: 19 Mar 2020, 07:00 AM IST

छतरपुर। जिला अदालत में 31 मार्च तक केसों की सुनवाई नहीं होगी। कोरोना वायरस को लेकर बरती जा रही सावधानी के चलते उच्च न्यायालय ने केवल अर्जेन्ट मामलों की सुनवाई के निर्देश दिए हैं, बाकी सभी तरह के केसों की सुनवाई अब 31 मार्च के बाद ही होगी। सभी तरह के केसों की पेशी की तारीखें बढ़ाकर 31 मार्च के बाद की कर दी गई हैं। पक्षकारों को न्यायालय में आने से परहेज करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला न्यायालय में 31 मार्च तक केवल जमानत व स्टे के मामलों की सुनवाई होगी। क्रिमनल केस के मामलों में सुनवाई के लिए वीडियो कांफ्रेस सुविधा का इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा जटाशंकर धाम में भंडारा, ठहरना और नहाने पर रोक लगाई गई है।
रोजाना होती है 400 से 500 मामलों की पेशियां
जिला न्यायालय की 19 अदालतों व उपभोक्ता फोरम में औसतन रोजाना 400 से 500 मामलों की पेशियां होती हैं। लेकिन कोरोना वायरस के चलते न्यायालय परिसर में पक्षकारों की भीड़ को रोकने की सावधानी बरती जा रही है। बुधवार को डिस्ट्रिक जज, बार एसोसिएशन व नगरपालिका सीएमओ के बीच बैठक भी हुई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि कोरोना के चलते सावधानी बरतने के लिए हाईकोर्ट से निर्देश मिले हैं। जिसके चलते अब 31 मार्च तक पेशियां बढ़ाई गई हैं। इस दौरान केवल अर्जेन्ट मामलों की सुनवाई की जाएगी। पक्षकारों को न्यायालय आने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि न्यायालय के सभी प्रवेश द्वार बंद रहेंगे। केवल एक गेट से एट्री होगी। वहां वॉशवेशिन, हैंड सेनेटाइजर रखे जाएंगे। इसके अलावा अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए बार एसोसिएशन की ओर से सभी वकीलों को मास्क दिया जाएगा। वहीं, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं एडीजे प्रशांत निगम ने कोरोना वायरस के प्रति पक्षकारों एवम अधिवक्ताओं को सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने ये भी कहा है कि 11 अप्रैल को नेशनल लोक अदालत में अधिक मामले निपटाए जाएंगे। अभी सभी को कोरोना के चलते सावधानी को प्राथमिकता से लेना चाहिए।
जटाशंकर में प्रवेश के लिए मास्क व सेनेटाइजर किया अनिवार्य
जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जटाशंकर धाम में श्रद्धालुओं के जमावड़ा को लेकर भी प्रतिवंधात्मक आदेश जारी किया गया है। जटाशंकर ट्रस्ट व एसडीएम बिजावर डीपी द्विेदी ने बुधवार को बैठककर 23 व 24 मार्च अमावस्या पर्व पर जटाशंकर में रुकने, नहाने और सार्वजनिक भंडारा पर रोक लगाई गई है। ये रोक 31 मार्च तक के लिए लगाई गई है। इसके साथ ही दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को 20 से ज्यादा की संख्या में एक साथ आने की अनुमति नहीं होगी। इतना ही नहीं मंदिर आने वाले सभी लोगों को मास्क व सेनेटाइजर का उपयोग करने की अनिवार्यता के आदेश जारी किए गए हैं।
सरकारी कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर सेनेटाइजर रखने के निर्देश
सागर कमिश्नर अजय सिंह गंगवार ने कलेक्टर को कोरोना से बचाव के लिए सभी सरकारी कार्यालयों के प्रवेश द्वारा पर वाशवेशिन,हैंडवॉश व सेनेटाइजर रखने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर के निर्देश पर उपायुक्त प्रभा श्रीवास्तव ने कलेक्टर को जारी पत्र में लिखा है कि सरकारी कार्यालयों में प्रवेश के पहले सेनेटाइजर का इस्तेमाल अनिवार्य रुप से किया जाएगा। इसके लिए प्रवेश द्वार पर एक गार्ड की ड्यूटी भी लगाई जाए। इसके साथ ही कोरोना को लेकर जागरुकता के लिए एक फ्लैक्स लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
स्कूल ने कराई ऑनलाइन परीक्षा
सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध डीपीसी स्कूल ने कक्षा 3 से 9 और 11 वीं के दो पेपर ऑनलाइन कराए। इन कक्षाओं के बाकी पेपर हो चुके थे, केवल 17 और 18 मार्च के पेपर होना था लेकिन कोरोना के चलते बच्चों के एक जगह एक त्र होने से रोकने के लिए परीक्षा बाद में कराने के निर्देश आए। जिसके बाद डीपीएस प्रबंधन ने आखरी दोनों पेपर ऑनलाइन ही कराए। स्कूल के प्रबंधक मोहित समाधिया ने बताया कि पोर्टल पर ऑनलाइन लॉगिन आईडी के जरिए टाइम बाउंड पेपर कराए गए। स्कूल के 450 बच्चों ने आईटी टीम की निगरानी में ऑनलाइन परीक्षाएं कराईं।
युवक का लिया गया दोबारा सैंपल, २२ तक रहेगा भर्ती
कोरोना से संक्रमित होने की संभावना के चलते अस्पताल पहुंचकर जांच कराने वाले युवक को फिलहाल २२ मार्च तक भर्ती रखा जाएगा। युवक की जांच कर एम्स भोपाल भेजा जा चुका है, जिसकी रिपोर्ट का फिलहाल इंतजार है। इधर बुधवार को एक बार फिर युवक को दोबारा सैंपल लिया गया है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. आरएस त्रिपाठी का कहना है कि यह सेंपल दोबारा जांच के लिए लिया गया है। पहली रिपोर्ट आते ही दूसरा सेंपल लोकल स्तर पर जांचा जाएगा।
प्रसाद वितरण स्थगित
श्री साईं सेवा समिति छतरपुर और साईं दरबार गढ़ीमलहरा ने अपने साप्ताहिक प्रसाद वितरण भंडारा कार्यक्रम को अनुकूल परिस्थितियों बनने तक के लिए स्थिगित कर दिया है। साथ ही भक्तों से मंदिर परिसर में भीड़ भाड़ से बचने की अपील की।
श्री साईं सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप खरे मन्टू ने बताया कि गुरुवार के भंडारा खिचड़ी प्रसाद वितरण में हजारों की संख्या में भक्त एकत्रित होते हैं किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिये इस सालों पुरानी परंपरा को फिलहाल स्थिगित कर दिया गया है। वहीं, साईं दरबार गढ़ीमलहरा के धीरेन्द्र नायक ने बताया कि कोरोना के प्रति सावधानी बरतते हुए भीड़ को एकत्र होने से रोकने के लिए गढ़ीमलहरा के साईं दरबार में गुरुवार को को होना वाला महाप्रसाद वितरण कार्यक्रम आगामी सूचना तक के लिए स्थगित रखा गया है।

Dharmendra Singh
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