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छतरपुर

किसानों के नाम पर फर्जी ऋण माफी प्रकरण बनाकर 5.81 करोड़ डकारने की अब लोकायुक्त करेगी जांच

करोड़ों रुपए के इस घोटाले में सेवा सहकारी समितियों के समिति प्रबंधक और अन्य दोषियों ने बेखौफ होकर इस फर्जीवाड़े को दबंगई से अंजाम दिया और अब इसे लिपिकीय त्रुटि बताकर बचना चाह रहे हैं।

छतरपुरJun 25, 2024 / 11:06 am

Dharmendra Singh

cooprative bank

जिला सहकारी बैंक छतरपुर

छतरपुर. किसानों के नाम पर ऋण माफी के फर्जी प्रकरण बनाकर किए गए घोटालों की अब लोकायुक्त जांच करेगी। मध्य प्रदेश लोकायुक्त सचिव डॉ. अरुणा गुप्ता मामले की जांच कर रही हैं। करोड़ों रुपए के इस घोटाले में सेवा सहकारी समितियों के समिति प्रबंधक और अन्य दोषियों ने बेखौफ होकर इस फर्जीवाड़े को दबंगई से अंजाम दिया और अब इसे लिपिकीय त्रुटि बताकर बचना चाह रहे हैं। लेकिन लोकायुक्त में मामला जाने से घोटालेबाजों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।

ये है मामला


छतरपुर जिले की सेवा सहकारी समिति गुलगंज और मऊखेरा में मुख्यमंत्री किसान ब्याज माफी योजना के तहत करोड़ों रुपए के गबन की कोशिश पकड़ाई है। गुलगंज व मऊखेरा सेवा सहकारी समिति में 715 किसानों की ब्याज माफी की 5 करोड़ 95 लाख 31 हजार 61 रुपए उन्यासी पैसे का क्लेम किया गया। समिति प्रबंधक राम किशुन राजपूत, अरुण कुमार पाठक, बिजावर बैंक शाखा के तत्कालीन प्रबंधक अजय असाटी और प्रशासक श्याम क्षत्रीय ने फर्जी क्लेम के जरिए शासन की राशि डकाने की साजिश रची और इसे अमली जामा भी पहनाने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच हितग्राहियों ने कलक्टर संदीप जीआर से इनके घोटाले की शिकायत कर दी और फर्जी क्लेम के जरिए राशि हड़पने की साजिश का पर्दाफाश हो गया।

पूर्व की जांच समिति ने भी पाया था दोषी


घोटाले की जांच के लिए संतोष कुमार पांडेय की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। जिसने पाया कि मऊखेरा सेवा सहकारी समिति में 715 किसानों की ब्याज माफी की 59531061 रुपए उन्यासी पैसे का क्लेम जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के बिजावर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक अजय असाटी, प्रशासक श्याम क्षत्रीय, समिति प्रबंधक राम किशुन राजपूत, अरुण कुमार पाठक की मिली भगत से किया गया।

समिति प्रबंधक निलंबित, बाकी जिम्मेदारों को कर दिया उपकृत


बोगस क्लेम के जरिए करोड़ों रुपया की धनराशि हड़पने की कोशिश करने वाले समिति प्रबंधक राम किशुन राजपूत, अरुण कुमार पाठक को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व महाप्रबंधक राम विशाल पटैरिया ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है लेकिन बिजावर बैंक शाखा के तत्कालीन प्रबंधक अजय असाटी और प्रसासक श्याम क्षत्रीय को जाँच में दोषी पाए जाने के बावजूद बख्श दिया है । अजय असाटी को निलंबित करने के बजाए उन्हें जिला मुख्यालय में अटैच कर दिया गया। कार्रवाई के नाम पर 8 जनवरी 2024 को केवल शोकॉज नोटिस जारी किया गया। उसके बाद से कार्रवाई का मामला ठंडे बस्ते में है।

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