video-अब भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा लोकसभा चुनाव के लिए 1100 करोड़ में हुआ ठेका

रेत को लेकर कांग्रेस पर फिर भाजपा का हमला :
- बाहरी कारोबारियों को रातों-रात थमाए जा रहे है रेत के लाइसेंस को लेकर उठाए जा रहे सवाल

By: Neeraj soni

Published: 03 Mar 2019, 07:00 AM IST

छतरपुर। रेत उत्खनन को लेकर मप्र में बदनाम हो चुका छतरपुर जिला कांग्रेस के शासन में और अधिक बदनाम हो रहा है। एक सप्ताह पहले भाजपा के विधायक राजेश प्रजापति और उनके पिता पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने आरोप लगाया था कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने एक सिंडिकेट बनाकर रेत निकालने का काम शुरू किया है लेकिन अब भाजपा जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार के इशारे पर बाहरी रेत माफियाओं को छतरपुर में व्यापारिक लाईसेंस दिलाए जा रहे हैं उससे स्थानीय नेताओं का सिंडिकेट फेल हो रहा है। इस समूह के टूटने के साथ-साथ पंचायत के रेत घाटों पर अब तक रेत निकाल रहे सरपंच और उनसे जुड़ी माईनिंग कंपनियां खदेड़ी जा रही हैं जिससे इन घाटों पर गैंगवार की स्थिति निर्मित हो सकती है।
भाजपा का आरोप लोकसभा चुनाव के लिए 1100 करोड़ में हुआ ठेका :
भाजपा जिलाध्यक्ष मलखान सिंह ने छतरपुर जिले में बढ़ते रेत के कारोबार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिले से जो खबरें मिल रही हैं उसके मुताबिक कांगे्रस के विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक इस रेत कारोबार में सीधे तौर पर लिप्त हैं। दिल्ली के अंकित पांडेय जैसे रेत माफियाओं को 1100 करोड़ में पूरे मप्र की रेत खदानों रेत निकालने का ठेका दे दिया गया है। ये लोग मप्र की नदियों को खोखला कर कांग्रेस के लिए लोकसभा चुनाव का बजट निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग भाजपा को रेत उत्खनन में विवादित करते हुए इस सरकार में आए थे और अब खुलेआम रेत के अवैध कारोबार में जुटे हैं। भाजपा पूरे जिले में इसका विरोध करेगी।


अंकित पांडेय को हाथोंहाथ थमाए गए व्यापारिक लाईसेंस :
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में छतरपुर जिला प्रशासन ने संदेहास्पद तरीके से अंकित पांडेय नामक दिल्ली के एक व्यक्ति की कंपनी 12सीसी कंसलटिंग सर्विसेस को जिस तरह से जिले की 4 पंचायत रेत खदानों में व्यापार का लाईसेंस दिया है उससे सरकार और जिला प्रशासन के मंसूबों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम पंचायत मवईघाट में व्यापारिक अनुज्ञप्ति के एक पत्र के मुताबिक अंकित पांडेय के द्वारा 22 फरवरी को सितंबर 2018 रेत पॉलिसी के तहत आवेदन किया गया था। 22 फरवरी को ही अंकित पांडेय को यह लाईसेंस दे दिया गया। लाईसेंस की वैधता 2 साल है। इसी तरह अंकित पांडेय को हर्रई, बघारी, रामपुर में रेत की व्यापारिक अनुज्ञप्ति दी गई है। सूत्रों के मुताबिक जिले की अन्य पंचायत खदानों पर भी अंकित पांडेय की नजर है और जल्द ही उन्हें इन पंचायतों पर भी रेत व्यापार की अनुज्ञप्ति मिल जाएगी।

Neeraj soni Reporting
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