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छतरपुर

अब 250 के वजाए 120 दिन में तैयार होगी अरहर की फसल

प्री-मानसून के बारिश के बाद से किसानों ने खरीफ सीजन की जोर-शोर के साथ तैयारी शुरु कर दी है, हालांकि अभी खेतों में इतनी नमी नहीं आई है कि किसान बोवनी कर सकें।

छतरपुरJun 29, 2024 / 05:12 pm

Rizwan ansari

बोवनी के लिए तैयार खेत

बोवनी के लिए तैयार खेत

14 हजार हेक्टेयर में होगी मोटे अनाज की बोवनी, 4 इंच बारिश के बाद बीज रोपने की सलाह

छतरपुर. प्री-मानसून के बारिश के बाद से किसानों ने खरीफ सीजन की जोर-शोर के साथ तैयारी शुरु कर दी है, हालांकि अभी खेतों में इतनी नमी नहीं आई है कि किसान बोवनी कर सकें। इससे वह अभी और बारिश के इंतजार में रुके हुए हैं। कृषि विभाग ने इस साल बीजों को लेकर विशेष तैयारी की है, हालांकि 10 साल के अंदर के प्रदर्शित किए गए बीजों को ही शामिल किया गया है।
1 लाख हेक्टेयर में मूंगफली
इसमें इस बार अरहर के उन्नत किस्म के बीज की कृषि विभाग ने तैयारी की है। यानि 250 दिन में तैयारी होने वाली अरहर अब 120 दिन में तैयार होगी ताकि किसान अपने खेतों में खरीफ और रबी सीजन में अलग-अलग उत्पादन प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही किसानों का इस साल भी मूंगफली की खेती की ओर रुझान बढ़ा है। इस साल 1 लाख से अधिक क्षेत्रफल में मूंगफली की बोवनी होगी, इसके लिए कृषि विभाग बोवनी करने के लिए किसानों को जागरूक करने के साथ प्रदर्शन भी करेगा।
मोटे अनाज को अपना रहे किसान
कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने विगत वर्ष की तरह वर्ष भी खरीफ सीजन का रकबा निर्धारित किया है। इसके अनुसार इस साल जिले में 4 लाख 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान खरीफ सीजन की बोवनी करेंगे। इस वर्ष 14 हजार हेक्टेयर में जिले में मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती किसान करेंगे। ज्वार, मक्का तुअर के रकबे में भी इजाफा हुआ है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों में उड़द का रकबा 1 लाख 50 हजार हैक्टेयर, तिल का 1 लाख 22 हजार, मूंगफली का 1 लाख 3 हजार, अरहर 6 हजार 600, सोयाबीन 13 हजार 500, मूंग 6200 हैक्टेयर क्षेत्रफल में बोवनी होगी।
18 हजार से अधिक किसानों के लिए गए मिट्टी नमूने
इस साल किसानों के लिए राहत भरी खबर यह है कि मिट्टी नमूनों का कार्य जिले में तेजी से हुआ है। इस साल का लक्ष्य 20 हजार 447 किसानों का निर्धारित था। अब तक की स्थिति में 18 हजार 617 किसानों के मिट्टी नमूनों का नौगांव स्थित प्रयोग शाला में परीक्षण किया गया है। हालांकि जिले में प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर प्रयोगशाला के लिए लैब बनाई गई हैं, लेकिन संचालन सिर्फ नौगांव से ही हो रहा है। बहरहाल विभाग द्वारा अब इस साल सभी लैबों को शुरु करने की कवायद तेज चल रही है। मिट्टी नमूनों को लेकर यदि विगत वर्ष की बात की जाए तो मात्र 8 हजार किसानों के लिए नमूने लिए जा सके थे। इस साल जियो टेग के साथ प्रक्रिया को कराया गया है।
चार इंच बारिश के बाद भी किसान करें बोवनी
कृषि अधिकारी डॉ. सुरेश पटेल ने बताया कि 4 इंच बारिश होने के बाद ही किसान करें, अभी बोवनी लायक बारिश नहीं हुई है। उन्होंने फसलों में खाद को लेकर बताया कि तिलहनी फसलों के लिए एसएसपी खाद का उपयोग करें, इससे उत्पादन बढ़ता है और तेल की मात्रा बढ़ती है। इसी तरह दलहनी में डीएपी के अतिरिक्त एनपीके का उपयोग करें। उक्त खाद में सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो फसल के फायदेमंद हैं। उप संचालक ने बताया कि जिले में बीज की कोई कमी नहीं है। बारिश होने पर किसान अधिक से अधिक अपने खेतों पर बोवनी करें।

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