अफसरों ने महिलाओं व बच्चों यह कहा

नाट्य रूपांतरण के माध्यम से महिलाओं व बच्चों को दे रहे कानून की जानकारी

नौगांव. आजादी के 72 साल बाद भी देश में महिलाओं और गरीब बालिकाओं के साथ अनेक प्रकार के अपराधिक कृत्य व शोषण के मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। यह पिछड़े एवं अशिक्षित भारतीय पुरूषों की संकीणज़् मानसिकता के चलते या शिक्षा के अभाव में हो रहा है। जो की आज भी पिछड़े क्षेत्र में व्याप्त है जिनमें भ्रूण हत्या, बाल विवाह, घरेलू हिंसा और अनेक प्रकार की नशा करने की लत जुआ या किसी अमानवीय कृत्य करने की चेष्टा यह सभी अविकसित मानसिकता का प्रतीक है।
आजादी के बाद भी आज भी ऐसे कई पिछड़े क्षेत्र व गांव है जिनमें महिलाओं और बच्चों के साथ शोषण की घटनाये सामने आती है। जिसका प्रमुख कारण है या तो शिक्षत न होना या फिर कानून की जानकारी का अभाव होना। इसको लेकर एक समाजिक संस्था छतपुर जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचकर इसके लिये एक जनजागरूक अभियान चला रही है। जिसमें नाट्य रूपांतरण के माध्यम से अपराध और शोषण के प्रति लडऩे के लिये जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जानाकरी दी जा रही है। जागरूकता के लिये भारतीय संविधान 1950, भारतीय दंड संहिता 1960 और घरेलू ङ्क्षहसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 से अवगत कराया जा रहा है। जिसके लिये नौगांव की बेटी एडवोकेट निवेदिता चौहान अपने सहयोगियों के माध्यम से जिले के विभिन्न ग्रामोंं में पहुंचकर जागरूक अभियान चलाकर घरेलू हिंसा महिलाओं के कानून अधिकार के बारे में जानकारियां देकर लोगों को कानून के प्रति जागरूक कर रही है। जिसमें उनकी टीम भी शामिल है।

 

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हामिद खान Desk
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