चन्द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र के 17 भूखंडों की हुई ऑनलाइन नीलामी, 3 करोड़ मिले


उद्योग लगाने के लिए आगे आए 17 संस्थान, पूर्व में कौडिय़ों के दाम बिके थे यही भूखण्ड
सस्ते भूखंड लेने वालों ने नहीं लगाए प्लांट, अब ऑक्सीजन प्लांट समेत 12 नए उद्योग शुरु

By: Dharmendra Singh

Published: 15 Sep 2021, 06:13 PM IST

छतरपुर। वर्ष 2007-08 में छतरपुर के पन्ना रोड पर स्थित ग्राम चन्द्रपुरा के समीप उद्योग विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र में जिन भूखण्डों को कौडिय़ों के दाम खरीदकर व्यापारियों ने इनकी कद्र नहीं की उन्हीं भूखण्डों को विभाग ने निरस्त कर दोबारा नीलाम कर दिया है। ऐसे 17 भूखण्ड जिन्हें विभाग ने ऑनलाइन नीलामी के जरिस् भोपाल से बोली लगवाकर बेचा है> उनसे विभाग को 3 करोड़ 11 लाख 74 हजार 781 रूपए की राशि प्राप्त होगी। छतरपुर जिले के इस आवासीय क्षेत्र में अब महंगे भूखण्ड खरीदकर 17 व्यापारियों ने लिखित में जल्द से जल्द उद्योग लगाने की शर्त पर हस्ताक्षर किए हैं।

इन्होंने खरीदे सरकारी भूखण्ड
उद्योग विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक चन्द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र में परिहार फर्नीचर, मां वैष्णों आयरन स्टील, जटाशंकर ऑयल मिल, महाकाल ऑयल मिल, अग्रवाल ब्रदर्स, अशोका एग्रो सेंटर, मिश्रा एग्रो इंडस्ट्रीज, दिनेश इंटरप्राइजेज, रामकृपाल इंडस्ट्रीज, मिश्रा एग्रो सेंटर , औरा इंडस्ट्रीज, मिश्रा एग्रो सेंटर, महालक्ष्मी आयरन स्टील, अवनी इंटरप्राइजेज, रामसुफल पाठक, महेन्द्र पाल नायक और दीपा राजपूत ने उक्त प्लाट खरीदे हैं। ये प्लाट इंडस्ट्रीयल एरिया में औद्योगिक इकाईयों को लगाने के लिए विभाग द्वारा लीज शर्तों पर इन व्यापारियों को सौंपे गए हैं। गौरतलब है कि पूर्व में इन्हीं प्लाटों को सस्ते दामों पर अन्य व्यापारियों को दिया गया था लेकिन सस्ते में मिले इन प्लाट पर जब कोई इंडस्ट्री नहीं लगाई गई तो विभाग ने नियमानुसार इन्हें निरस्त कर दिया था।

अब इसलिए बढ़ गई कीमत
दरअसल चन्द्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में बुनियादी सुविधाएं बढऩी शुरू हुई हैं। यहां औद्योगिक क्षेत्र के लिहाज से व्यापारियों को सड़क, बिजली और पानी की सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं जिन्हें पिछले एक वर्ष में मुहैया कराया जा रहा है। यहां लगभग 12 करोड़ रूपए की लागत से सड़क सहित बिजली आदि से जुड़े कार्य भी प्रारंभ हुए हैं। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के सतत् प्रयासों से यहां लगभग एक दर्जन औद्योगिक इकाईयां काम करने लगी हैं। भूखण्ड खरीददारों को अंदाजा है कि अब सुविधाएं मिलने के कारण वे यहां आसानी से अपनी औद्योगिक इकाई लगा पाएंगे।


केन्द्र ने दिए अधोसंरचना विकास के लिए 12 करोड़
भारत सरकार ने मध्यप्रदेश में क्लस्टर आधारित परियोजनाओं के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम लगाने के लिए प्रदेश के 12 जिलो में औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसमें छतरपुर के चंद्रपुरा औद्योगिक केन्द्र के अधोसंरचना विकास को भी मंजूरी मिली है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास पर खर्च होने वाली राशि का 90 फीसदी भाग केन्द्र सरकार और 10 फीसदी भाग राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। 12 करोड़ रुपए खर्च कर औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचना विकसित की जाएंगी। जिसमें से 9 करोड़ 92 लाख की राशि का टेंडर जारी हो गया है। एक-दो दिन में टेंडर फायलन हो जाएगा। वहीं, अब कारोबारियों ने भी चंद्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने शुरु कर दिए हैं। वर्तमान में ऑक्सीजन प्लांट समेत 12 उद्योग शुरु हो गए हैं।

125 एकड़ में विकसित होगीं उद्योग इकाइयां
लगभग 16 साल पहले दिसम्बर 2005 में छतरपुर जिले को पहले औद्योगिक क्षेत्र की सौगात मिली थी, लेकिन इस औद्योगिक क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया था। छतरपुर से पन्ना रोड पर ग्राम चन्द्रपुरा के समीप उद्योग विभाग के द्वारा लगभग 125 एकड़ जमीन पर उद्योगों की स्थापना के लिए व्यापारियों को भूखण्ड आवंटित किए गए थे। चूंकि उक्त भूमि पहाड़ी एवं अविकसित है। बिजली, पानी और सड़क का इंतजाम न होने से इस इलाके में उद्योग विकसित नहीं हो सके थे। लेकिन अब अधोसंरचना विकसित होने से नए-नए उद्योग शुरु होने लगे हैं। यहां तक ऑक्सीजन प्लांट भी इस इलाके में स्थापित हो गया है। वहीं, झांसी खजुराहो फोरलेन के किनारे औद्योगिक क्षेत्र पडऩे से इसकी संभावनाए और भी बढ़ गई हैं।


फैक्ट फाइल
औद्योगिक क्षेत्र का नाम- चंद्रपुरा
उद्योग लगेंगे- 200
अधोसरंचना पर खर्च- 12 करोड़
रोजगार मिलेगा- 2000 लोगों को

इनका कहना है
पिछले दिनों 17 प्लाट की नीलामी भोपाल से की गई है। व्यापारियों को तयशुदा समय में अपनी राशि जमा कर इन भूखण्डों पर औद्योगिक इकाई लगाने के निर्देशित किया गया है।
आशुतोष गुप्ता, महाप्रबंधक, उद्योग विभाग, छतरपुर

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