जिले के सिर्फ 25 फीसदी किसान ही बेच सके चना की फसल

तेवड़ा की छूट का आदेश देर से आने का किसानों को उठाना पड़ा खामियाजा

By: Dharmendra Singh

Published: 14 Jun 2020, 07:00 AM IST

छतरपुर। एक ओर गेहूं की बंपर खरीद की गई तो वहीं दूसरी ओर चना, मसूर और सरसों बेचने वाले किसान अपनी फसल का नंबर आने का इंतजार करते रहे। खरीदी केन्द्रों में कहीं वारदाना की समस्या रही तो कहीं व्यापारी खरीदी केन्द्र में हावी रहे। परिणामस्वरूप जिले के महज 25 फीसदी किसान ही चना की फसल बेच सके।
जिला मार्कफेड अधिकारी शिखा सरयाम ने बताया कि जिले में कुल 16210 किसानों ने चना बेचने के लिए पंजीयन कराया था जिसमें से 3461 किसानों से 11823 मीट्रिक टन चने की खरीदी की गई। इसमें वह आंकड़ा भी शामिल है जो व्यापारियों का है क्योंकि कई चना खरीदी केन्द्रों में व्यापारी सक्रिय रहे और उन्होंने हजारों क्विंटल चना खरीदी केन्द्र प्रभारी की सांठ-गांठ से किसानों के पंजीयन के सहारे बेच दिया है। सूत्र बताते हैं कि कई जिलों में खरीदी काय्र 15 जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है लेकिन छतरपुर में इस कार्य को विराम दे दिया गया है। आंकड़ों के मुताबिक 25 फीसदी से भी कम किसानों को चना की फसल बेचने का मौका मिल पाया है। परिवहन की स्थिति भी ठीक नहीं है। 50 फीसदी से भी कम परिवहन हुआ है जिससे खरीदी केन्द्रों में फसल का अंबार लगा है।

Dharmendra Singh
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