350 में से केवल 150 बसों का संचालन हुआ शुरु

सड़क पर कम बसों का फायदा उठाक र ले रहे दो गुना किराया
जिले में रजिस्टर्ड 350 बसों में 200 का अभी शुरु नहीं हो सका है संचालन
कम बसें चलने से यात्रियों को चुकाना पड़ रहा अभी भी ज्यादा किराया

By: Dharmendra Singh

Published: 17 Sep 2020, 09:00 AM IST

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। जिले से 500 बसों का संचालन किया जाता है। जिसमें से 350 बसें अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में ही पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 150 बसों का संचालन ही अभी तक शुरु हो पाया है। 200 बसों का संचालन अभी तक शरु नहीं हो सका है। जिले की सड़कों पर कम यात्री बसों के संचालन का फायदा उठाते हुए संचालकों ने दो गुना किराया वसूलना शुरु कर दिया है। ऐसे में अनलॉक में टैक्सी संचालकों से लूट रहे यात्रियों को अभी भी राहत नहीं मिल पाई है। बस संचालक सवारी कम होने से खर्च न निकल पाने का हवाला देकर किराया ज्यादा वसूल रहे हैं।

15 किलोमीटर के लग रहे 30 से 35 रुपए
जिला मुख्यालय से ब्लॉक, कस्बे तक करबी 150 बसों का संचालन शुरु हो गया है। लेकिन सड़क पर बसों और यात्रियों की कम संख्या के चलते बस संचालक तय किराया से ज्यादा वसूल रहे हैं। छतरपुर से पड़रिया, सटई जाने वाले शिक्षकों ने बताया कि बस में पहले 10 से 15 रुपए किराया लगता था, लेकिन अब 30 से 35 रुपए तक लिए जा रहे हैं। बस कंडक्टर सवारी न होने से डीजल खर्च न निकल पाने का हवाला देकर ज्यादा किराया ले रहे हैं।

24 किलोमीटर का किराया 40 से 50 रुपए
इसी तरह छतरपुर से मऊसहानियां, नौगांव जाने वाले शिक्षकों ने बताया कि बसों का संचालन शुरु होने से आने-जाने में सुविधा मिलने लगी है। लेकिन किराया बढ़ा दिया गया है। नौगांव तक पहले 20 रुपए लगता था, लेकिन अब 40 से 50 रुपए तक लिए जा रहे हैं। इसी तरह गढ़ीमलहरा, महाराजपुर जाने वाले शिक्षकों ने बताया कि किराया लगभग दो गुना लिया जा रहा है। 20 रुपए की जगह 40 रुपए लिए जा रहे हैं।

अघोषित रुप से बढ़ा किराया
बस संचालकों ने बसों के संचालन से पहले प्रति यात्री बस किराया दो गुना करने की मांग रखी थी। बस संचालकों को कहना था कि 50 फीसदी यात्रियों के साथ बसों के संचालन से स्टाफ, डीजल, किस्त, टैक्स व बीमा के खर्च को पूरा नहीं किया जा सकता है। सरकार ने तो यात्री किराया नहीं बढ़ाया लेकिन संचालकों ने अघोषित बढोत्तरी कर दी है। इधर यात्री भी मजबूर है, उनका कहना है कि बसें न चलने से तो अच्छा है, आवागमन का साधन मिल तो रहा है, भले फिलहार किराया ज्यादा लग रहा है।

ज्यादा किराया लेने पर होगी कार्रवाई
शासन स्तर से बसों के किराया बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यदि कहीं ज्यादा किराया लिया जा रहा है, तो शिकायत आने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सुनील सक्सेना, आरटीओ, छतरपुर

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