दो महीने से बिना वेतन काम रहे 31 कर्मचारी, बिना पैमेंट के ही आउटसोर्स का ठेका बदला

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में 2019-20 के लिए सिक्योरिटी और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए इथॉस सिक्योरिटी को ठेका दिया गया था

By: Samved Jain

Published: 23 May 2020, 10:00 AM IST

छतरपुर. कोरोना के संक्रमण के बीच अल्प वेतन पर रहते हुए भी अपनी ड्यूटी करने वाले 31 कर्मचारियों को को दो माह का वेतन नहीं मिला हैं, जबकि तीसरा माह भी पूरा होने वाला है। इधर, जिस ठेकेदार को यह वेतन कर्मचारियों को जारी करना था, उसका भी ठेका 1 मई से बदलने के कारण अब कर्मचारियों की टेंशन बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में 2019-20 के लिए सिक्योरिटी और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए इथॉस सिक्योरिटी को ठेका दिया गया था। अब आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नया ठेका न्यू बुंदेलखंड संस्था को दिया गया है, जिसने 1 मई से काम भी शुरू कर दिया हैं। इधर, ठेका बदलने के पहले पुराने ठेकेदार ने मार्च और अप्रेल माह का वेतन सभी कर्मचारियों का नहीं किया है। जिससे परेशान कर्मचारी सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर काटने मजबूर हैं। लॉक डाउन के समय निम्न वेतन पर काम करने वाले इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने से उनकी पारिवारिक स्थिति बिगड़ गई हैं।
बजट और बीच में ठेका बदलने से बढ़ी मुसीबत
इथॉस सिक्योरिटी के एमएल तिवारी ने बताया कि मार्च और अप्रेल का जिला अस्पताल से उनका भुगतान नहीं हुआ हैं। जबकि सिक्योरिटी का 8 महीने से भुगतान रुका हैं। ऐसी स्थिति में करीब 22 लाख रुपए का बिल अभी पेंडिंग हैं। बार-बार विभागीय अधिकारियों और कलेक्टर को इस वावत पत्र व्यवहार भी किया जा चुका हैं। बिल फंसे होने के कारण वह भी कर्मचारियों को वेतन देने में अक्षम हैं। इधर, आउटसोर्स का ठेका जाने के बाद अब काम भी कुछ हाथ में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से बिल भुगतान होते ही कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया जाएगा। तिवारी के अनुसार अगर बीच में ठेका नहीं बदलता, तब भी कर्मचारियों को कुछ भुगतान करता रहता।
हाइरिस्क में काम कर रहे कर्मचारी, विभाग कर रहा नजरंदाज
स्वास्थ्य सेवाओं में काम रहे कर्मचारियों को जहां शासन द्वारा कोरोना योद्धा बताया जा रहा हैं। जबकि, हाइरिस्क में काम कर रहे इन कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा हैं। कलेक्टर को भी इस संबंध में पत्रव्यवहार किया जा चुका हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं होने से कर्मचारियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। इधर, ठेका बदलने से भी कर्मचारियों की वेतन संबंधी टेंशन बढ़ी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दो महीने से बजट का इंतजार किया जा रहा हैं, लेकिन अब तक बजट नहीं आया हैं। इसीलिए, बिल भुगतान नहीं हो पा रहा हैं।
वर्जन
पुराने ठेके का 2 महीने का बिल पेंडिंग है। जबकि अन्य कार्यों में भी बजट नहीं आने के कारण पेंडेंसी चल रही हैं। इसके लिए उ'च अधिकारियों को पत्र व्यवहार किया गया है। जैसे ही बजट आता है भुगतान किया जाएगा।
डॉ. आरएस त्रिपाठी, सिविल सर्जन

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