माल वाहकों में भरी जा रही सवारियां, चैकिंग अभियान बंद केवल कागजों में

माल वाहकों में भरी जा रही सवारियां, चैकिंग अभियान बंद केवल कागजों में

rafi ahmad Siddqui | Publish: Sep, 02 2018 03:48:36 PM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

शहर में पुलिस के नाक तले से ओवर लोड निकल रहे वाहन, यात्रियों की जान के साथ हो रहा खिलवाड़

अनूप भड़ैरिया
छतरपुर। एक सप्ताह पहले शहर में यातायान नियमों का पालन बड़े सख्त रवैया अपनाते हुए कढ़ाई से नियमों का पालन लोगों से कराया गया। जिससे लोग परेशान रहे। वहीं रक्षा बंधन के दिन ऐसे ओवर लोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए थानों में रखवाए गए थे। लेकिन रक्षाबंधन के बाद फिर से शहर की सड़कों पर पिकअप व जीप वाहनों में ओवर लोड सवारियां व सामान लाद कर ले जाया जा रहा है। जिससे लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
शहर में इन दिनों ओवर लोड़ वाहन चालकों द्वारा आरटीओ व पुलिस के सामने बेधड़क ओवर लोड़ वाहन निकाले जा रहे है। लेकिन ट्राफिक पुलिस द्वारा इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे ओवर लोड वाहन शहर से प्रतिदिन निकल रहे है। बिजावर नाका स्थित यातायात थाने से रोजाना ओवर लोड़ वाहन निकल रहे है। लेकिन इन पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने से कमाण्ड वाहनों में जानवरों की तरह सवारियां भरी जा रही है। इतना ही नहीं पिकअप वाहनों के बाहर तक सवारियां खड़ी देखी जा रही है। इसी के साथ ओवर लोड़ वाहनों के ऊपर सामान रखा जा रहा है। लेकिन शहर में किसी भी स्थान पर पुलिस अमले की नजर तक नहीं पड़ रही है।
त्यौहार पर लोग रहे परेशान :
आरटीओ व यातायात पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। जिस पर उन्होंने अवैध हूटर, बाइक में बैठे तीन लोग, बिना हेलमेट व ओवर लोड़ वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की गई। जिससे लोग दहशत के चलते हेलमेट पहनकर सड़कों पर निकलते देखे गए। लेकिन विगत तीन-चार दिन से यह कार्रवाई ठंडे बस्त में डाल दी गई है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है। कि जब ऊपर से आदेश आते है तो सख्ती से जनता से पालन कराया जाता है। लेकिन जब चालानी कार्रवाई करते हुए वसूली हो जाने के बाद चेकिंग अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
नियमों को रखा जा रहा ताक पर :
शहर में यातायात नियमों को ताक पर छोटे-बड़े वाहन निकल रहे है। कई बार हादसे भी हो चुके है। लेकिन प्रशासन द्वारा सबक नहीं लिया जा रहा है। पुलिस द्वारा रोजाना शाम को चेकिंग लगाई जाती है। लेकिन वहां पर सिर्फ तीन बाइक सवारों पर ही कार्रवाई की जाती है। लेकिन बिना हेमलेट व शराब पीकर चलाने वालों को नहीं पकड़ा जा रहा है।
स्वयं को नहीं सरोकार :
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वहीं पुलिस द्वारा बिना हेमलेट चलाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर सख्त हिदायत दी जाती है। लेकिन पुलिस महकमे द्वारा ही नियमों का पालन नहीं किया जाता है। रोजाना पुलिस विभाग के ही तीन-तीन पुलिसकर्मी एक बाइक पर बैठे देखे जाते है। इसी के साथ शुक्रवार को भी दो महिला पुलिसकर्मी द्वारा स्कूटी में बैठकर जा रही थी। लेकिन उनके द्वारा यातायात नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। जब पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जाता है। तो इनसे जनता कैसे नियमों का पालन करेंगी।

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