मदद के लिए आगे आए लोग, शीला के परिवार के लिए तीन महीने का दिया राशन, नए कपड़े भी पहनाए

परिवार का भरण पोषण करने वाली मां की मानसिक स्थिति बिगडऩे से परिवार पर टूटा आफत का पहाड़
शहर के लोगों ने मदद के लिए आगे बढ़ाए हाथ, राशन-सब्जी का स्टॉक देकर आगे भी मदद की दिया आश्वासन

By: Dharmendra Singh

Published: 18 Sep 2020, 07:00 AM IST

Chhatarpur, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। 80 साल की सास और 4 बच्चों का भरण पोषण करने वाली महिला की मानसिक स्थिति बिगडऩे से परिवार भूखमरी की कगार पर पहुंच गया। शहर के लोगों को महिला व उसके परिवार की दयनीय स्थिति का पता चला तो लोगों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए। किसी ने राशन तो किसी ने सब्जियों का स्टॉक भेंटकर आगे भी मदद करते रहने का आश्वासन दिया। किसी ने परिवार के लिए नए कपड़े दिलाए तो किसी ने महिला की दवा उपलब्ध कराई।


महिला व परिवार की हालत बहुत दयनीय
समाजसेवी गायत्री कुशवाहा ने बताया कि शीला के बारे में जानकारी मिली तो उनके घर गए। महिला जंजीरों में जकड़ी हुई थी। शरीर में तीन चार जगह बेंडेड लगी हुई थी। घर का आंगन टूटा-फूटा डला था। एक कमरे में रसोई थी, लेकिन राशन नहीं था। बात की तो परिवार ने बताया कि लॉकडाउन में रोजगार न मिलने से परिवार के भरण-पोषण की चिंता में महिला की हालत बिगड़ गई। महिला के रिश्तेदार भी आर्थिक रुप से कमजोर हैं, जिससे उनकी कोई मदद नहीं कर पा रहा है।

राशन पहुंचाया
समाज के कुछ लोगों व समाजसेवी रफत खान ने शीला व उसके परिवार की दयनीय दशा को सुधारने के मकसद से उन्हें तीन महीनें का राशन उपलब्ध कराया। आटा, दाल, चावल,नमक, तेल और सब्जियों का इंतजाम किया ताकि शीला, उसकी सास व बच्चे भूखे न रहे। रफत खान ने बताया कि बच्चों व सास की देखभाल की जिम्मेदारी संभाल रही महिला का रोजगार छिनने से उसकी स्थिति गड़बड़ा गई है। लेकिन हम लोगों ने तय किया है कि उस परिवार को हमेशा कुछ न कुछ मदद करते रहेंगे।

डॉक्टर ने लिया परिवार के इलाज का जिम्मा
शहर के सर्जन डॉ. सुनील चौरसिया महिला को देखने उसके घर पहुंचे। डॉ. चौरसिया ने न्यूरो सर्जन से फोन पर बात कर महिला के इलाज के संबंध में कन्सल्ट किया और इलाज के लिए दवा मुहैया कराई। डॉ. चौरसिया का कहना है कि दवा शुरु कर दी है। उम्मीद है घर पर ही महिला का इलाज हो जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि इस परिवार का इलाज-दवा की जिम्मेदारी मैने ली है। जब कभी भी परिवार को जरुरत होगी, मैं मदद जरूर करुंगा।

परिवार को दिलाए नए कपड़े
शहर के व्यवसायी नवीन टिकरिया भी शीला के घर पहुंचे और पूरे परिवार को 2-2 जोड़ी कपड़े उपलब्ध कराए। नवीन ने बताया कि परिवार की स्थिति बहुत खराब है। ऐसे में हम उस परिवार की मदद करके खुशी महसूस कर रहे हैं। उन्हें राशन, कपड़े, फल की व्यवस्था की है। आगे भी इस परिवार के लिए राशन आदि की मदद करते रहेंगे।

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