70 ग्रामों के लोग गांव में प्रवेश पर रोक लगाने तैयार, गांव के 18 से 25 वर्ष के युवा संभालेंगे जिम्मेदारी

संकल्प अभियान फिर किया शुरु, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गो को घर पहुंचाएंगे राशन-दवा
बाहर से आने वाले लोगों को सात दिन पंचायत भवन में किया जाएगा क्वारंटीन

By: Dharmendra Singh

Published: 22 Apr 2021, 07:38 PM IST

छतरपुर। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिले के 70 ग्रामों के ग्रामवासी कोरोना कफ्र्यू लगाने और ग्राम के प्रवेश द्वार पर बेरियल लगाने के लिए तैयार हुए हैं। गांव की जरूरत के अनुसार आवश्यक सामग्री लाने का काम 18 से 25 वर्ष के चिन्हित व्यक्ति करेंगे। कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए संकल्प अभियान दोबारा शुरू किया जा रहा है। 60 वर्ष से अधिक ऐसे व्यक्ति जो अकेले रह रहे हैं उन्हें मूलभूत सुविधा दवा, राशन, गेहूं एवं पिसाई की सुविधा मुहैया करा रहे हैं। वार रूम में सभी विभागों से आ रही जानकारी को इंटीग्रेट किया जा रहा है। इसके लिए सुझाव पेटी भी रखी गई है। टेली मेडिसिन, शहर के डॉक्टर और सेवाभावी वॉलेंटियर्स के माध्यम से लोगों को आवश्यक सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ जागरूक किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में कोरोना के अधिक केस आ रहे हैं उनका भौतिक सत्यापन करते हुए बाइक पेट्रोलिंग गस्त बढ़ाई जाएगी। मोबाइल कैमरे और ड्रोन से ऐसे क्षेत्रों के चित्र लिए जाएंगे और उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जहां कोरोना संक्रमण अधिक है वहां उडऩ दस्ते से नजर रखी जाएगी। लोगों को मास्क लगाने और जनता कफ्र्यू में घर पर रहने के लिए ही अपील की गई है।

प्राथमिकता से कराए जाए टीकाकरण
प्रदेश के खनिज, साधन एवं श्रम विभाग मंत्री बृजेन्द्र सिंह ने जिला आपदा प्रबंधन समिति तथा जिलाधिकारियों के साथ छतरपुर जिले में कोरोना आपदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी और जरूरी औषधि की उपलब्धता के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी है। सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है। ऑक्सीजन के लिए नरसिंहपुर जिले से भी व्यवस्था बनी है। शासन द्वारा भेजे गए 85 रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हो चुके हैं। खनिज मंत्री ने कहा कि बढ़ते कोरोना के प्रभाव को रोकने और स्थिर करने के लिए जरूरी है कि जनता कफ्र्यू लगाएं और हर नागरिक इसमें सहयोग करें। उन्होंने कहा कि कोरोना की चेन को तोडऩे के लिए हर एक व्यक्ति का प्राथमिकता से टीकाकरण हो। टीकाकरण कराने और मास्क पहनने के लिए लोगों जागरूक करें और इस कार्य में जनप्रतिनिधि भी आगे आएं और समाज के सहयोग से लोगों को प्रेरित करें।

रैपिट टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाएगी
उन्होंने कहा कि लोगों में व्याप्त डर को खत्म करने के लिए समाज के सभी जागरूक व्यक्ति, जनप्रतिनिधि और सेवाभावी लोगों के साथ वॉलेंटियर्स भी योगदान करें। कोविड संक्रमण 100 फीसदी ठीक होने वाला रोग है। जरूरी है कि इसका पता चले और समुचित उपचार हो। इसके लिए रोगी की जांच तत्परता से की जाए, जिससे रोगी व्यक्ति के मन का भय दूर हो। उन्होंने कहा कि बढ़ते रोगी की संख्या को नियंत्रण करने के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक रैपिट टेस्ट हो, जिससे रोगी को पता चल सके। वह किस रोग से बीमार है जिससे उसका समुचित इलाज करने में मदद मिले।

प्रवासियों के लिए क्वारंटाइन व्यवस्था
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मुहैया कराने के लिए ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कार्य शुरू कराए गए हैं। जो श्रमिक बाहर से आ रहे हैं उन्हेें 7 दिवस के लिए स्कूलों में ठहराया जा रहा है। जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्लांट निर्माण का काम शुरू हो चुका है जो 3-4 सप्ताह में पूरा होकर काम शुरू करेगा। ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए सतत प्रयास जारी हैं।

ग्रामीणों ने कोरोना से लडऩे कसी कमर
छतरपुर में बढ़ रही कोरोना की रफ्तार को रोकने के लिए ग्रामीणों का अनूठा प्रयास बिजावर क्षेत्र के ग्राम गुलाट के ग्रामीणों ने गांव से बाहर नहीं निकलने की जिम्मेदारी लेते हुए गांव में प्रवेश करने की सीमा को सील किया। उन्होंने मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी की तख्तियां भी लगाईं। सरपंच के साथ ग्रामीणों ने समिति भी बनाई है। ग्रामीण बोले हम स्वयं कफ्र्यू का पालन करेंगे एवं लोगों को पालन करने के लिए प्रेरित भी करेंगे। राजनगर के ग्राम सेवड़ी के ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर बेरियर लगाकर गांव में प्रवेश करने को प्रतिबंध किया गया। तो वहीं कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरपंच पंकज नायक एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा जागरूकता स्लोगन रोड पर लिखे गए। ग्रामीणों ने एक समिति भी बनाई है।

Dharmendra Singh
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