scriptPeople panic for water, more trouble in rural area | पानी के लिए लोग हलाकान, ग्रामीण क्षेत्र में मुसीबत ज्यादा | Patrika News

पानी के लिए लोग हलाकान, ग्रामीण क्षेत्र में मुसीबत ज्यादा

पीएचइ विभाग के आंकड़े बता रहे योजनाएं व हैंडपंप चालू
अफसर बता रहे नियंत्रण में स्थिति, हकीकत अलग

छतरपुर

Updated: April 30, 2022 07:10:00 pm


छतरपुर। पारा 46 डिग्री के करीब पहुंच गया है। जमीन में मौजूद पानी पाताल की ओर खिसक रहा है। बूंद-बूंद पानी के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-रात संघर्ष शुरू हो गया है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज्यादा बदतर हैं जहां लोगों को पेयजल के लिए अब परेशान होना पड़ रहा है। उधर लोगों को जल मुहैया कराने वाले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जो आंकड़े तैयार किए हैं उनमें स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित बताई जा रही है।
पीएचई विभाग का दावा, जिले में चल रहीं 294 नल-जल योजनाएं
पीएचई विभाग का दावा, जिले में चल रहीं 294 नल-जल योजनाएं
पीएचई विभाग का दावा, जिले में चल रहीं 294 नल-जल योजनाएं
पीएचई विभाग ने कागजी आंकड़े दिखाते हुए दावा किया है कि जिले में लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने वाली 360 नल-जल योजनाओं में से 294 योजनाएं बिल्कुल ठीक काम कर रही हैं सिर्फ 66 योजनाएं बंद हैं। इनमें से भी 63 योजनाएं इसलिए बंद हैं क्योंकि यहां के जलस्त्रोत सूख गए। पीएचई विभाग के मुताबिक जिले में 10449 हैण्डपंप है इनमें से 194 ही बंद पड़े हैं शेष बढिय़ा चल रहे हैं। विभाग ने बताया कि लगभग दो मीटर जलस्तर इस भीषण गर्मी में गिर चुका है। ऐसे स्थान जहां का जल स्तर नीचे गया है वहां के जलस्त्रोतों में नए मोटर डालकर पानी पहुंचाया जा रहा है।
हकीकत 90 फीसदी नल-जल योजनाएं बंद पड़ीं
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दावे कुछ भी कहें लेकिन हकीकत यही है कि 360 नल-जल योजनाओं में से 90 फीसदी योजनाएं बंद पड़ी हैं। कहीं पर जलस्त्रोत सूख चुके हैं तो कहीं पर उपकरण खराब पड़े हैं। हैण्डपंप के मामले में भी यही स्थिति है। ज्यादातर हैण्डपंप दम तोड़ चुके हैं। हर पंचायत में दो नए हैण्डपंप लगाए जाने की मांग है लेकिन पीएचई विभाग एक ब्लाक में सिर्फ 10 नए हैण्डपंप लगा रहा है। बजट की कमी के कारण इस वर्ष पीएचई विभाग द्वारा नए जलस्त्रोतों की खोज के लिए होने वाला खनन भी बंद पड़ा है। उल्लेखनीय है कि जिले में 1080 गांव हैं जहां रहने वाले 269295 परिवारों को पानी देने की जिम्मेदारी पीएचई विभाग की है लेकिन यह जिम्मेदारी पूरी नहीं हो पा रही है।
इनका कहना है
जिले के 998 गांव को पानी देने की योजना पर काम चल रहा है। ज्यादातर इलाकों में पानी पहुंचाने के लिए दिन-रात प्रयास किए जा रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में हैं।
संचित गुप्ता, एसडीओ, छतरपुर

फोटो- सीएचपी३०0422-७१- छतरपुर शहर में भी पानी के लिए मशक्कत

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