भाजपा के सांसद,मंत्रियों को दिखाएं काले झंडे, सीएम के विरोध में नारेबाजी, एससी-एसटी एक्ट का विरोध

भाजपा के सांसद,मंत्रियों को दिखाएं काले झंडे, सीएम के विरोध में नारेबाजी, एससी-एसटी एक्ट का विरोध

Neeraj Soni | Publish: Sep, 06 2018 06:06:24 PM (IST) Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन का विरोध, बंद रहा छतरपुर, प्राइवेट स्कूल और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद, राष्ट्रपति के नाम सौंपा सात सूत्रीय मांग ज्ञापन

छतरपुर। एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सड़कों पर उतरे सवर्ण समाज ने शहर में रैली निकालने के दौरान भाजपा कार्यालय के पास पहुंचते ही वहां मंत्री-विधायकों को देखकर हंगामा कर दिया। पुलिस से झूमा-झटकी के बीच प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री ने लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, पानी के पाउच फेंके और काले झंडे लहराए। पुलिस ने बैरीकेट्स लगाकर भाजपा कार्यालय के अंदर घुसने से लोगों को रोके रखा। बाद में पुलिस ने यहां से प्रदर्शनकारियों को हटाया। इसे अलावा शहर में शांतिपूर्ण ढंग स्थिति रही।

 


एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन के विरोध में गैरदलित समाज के आह्वान पर गुरुवार को छतरपुर बंद रहा। व्यापारिक प्रतिष्ठान, निजी स्कूल बंद रहे। केवल मेडिकल स्टोर खुले रहे। कुछ देर पेट्रोल पंप भी खुले रहे। सड़क, रेल यातायात सामान्य रहा। रैली स्थल मेला ग्राउंड में बारिश के बीच ही सुबह 10 बजे से लोग जुटने लगे। 12.30 बजे रैली शुरू होने के पहले मेला ग्राउंड में आमसभा हुई,जिसमें समाज के लोगों ने केन्द्र सरकार द्वारा एट्रोसिटी एक्ट में किए गए संशोधन और आरक्षण का विरोध जताया गया। प्रदर्शन में शामिल समाज के प्रमुख लोगों ने आमसभा को संबोधित करते हुए सरकार के संशोधन के विरोध में एकजुट होने और आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग रखी।

 


भाजपा की संभागीय बैठक के दौरान बंद समर्थकों की रैली भाजपा कार्यालय के सामने से गुजरी। रैली में शामिल लोगों ने भाजपा कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं को काले झंड़े दिखाए गए। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम से नारे लगाकर विरोध जताया। भाजपा की संभागीय बैठक में कार्यालय के अंदर संभागभर के भाजपा नेता, मंत्री मौजूद थे, उसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

 

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेताओं को काले झंड़े दिखाए और नारे भी लगाए। पानी पाउच फेंककर भी विरोध जताया। भाजपा की संभागीय बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगच, वित्त मंत्री जयंत मलैया, राज्यमंत्री ललिता यादव, सांसद प्रह्लाद पटेल समेत संभागभर के भाजपा सासंद, विधायक व पार्टी के पदधिकारी और नेता मौजूद थे।

 


पूरे शहर में दुकानें बंद रहीं
एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। चौक बाजार,महलन,हटवारा,छत्रसाल चौक,पन्ना नाका,बिजावर नाका,बस स्टैंड,आकाशवाणी तिराहा,सटई रोड के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। ठेले गुमटियों वाले दोपहर 12 बजे तक दुकाने खोले रहे। बंद कराने निकली युवाओं की टोली के कहने के बाद ज्यादातर गुमटी-ठेले भी बंद हो गए। निजी स्कूलों की छुट्टी रही,कुछ स्कूलों में बच्चे पहुंच गए,जो वापिस लौट आए।


जरूरी सेवाएं रही चालू
बंद के दौरान जरूरी सेवाएं सामान्य तौर पर चलती रहीं। मेडिकल स्टोर,अस्पताल,नर्सिंग होम सामान्य रूप से संचालित होते रहे। यात्री बसें, मालवाहक और ऑटोरिक्शा भी चलते रहे। कुछ पेट्रोल पंप खुले ,जबकि कुछ बाद में बंद हो गए। दूध डेयरी,नाश्ता सेंटर,खाने के होटल बंद से बाहर रखे गए थे। ठेले और गुमटी वाले नाश्ता,फल की दुकानें सुबह से ही खुली रहीं। दोपहर बाद कुछ ठेले-गुमटियां बंद हुई,लेकिन अस्पताल,स्कूल के आसपास ठेले लगे रहे।


रैली में उमड़े व्यापारी और युवा
मेला ग्राउंड से लगभग 12.30 बजे रैली निकली,जो चौबे अस्पताल तिराहा,भाजपा कार्यालय,बस स्टैंड,हटवारा बाजार,चौक बाजार ,महलन होते हुए छत्रसाल चौक पंहुची। रैली में शामिल होने आए लोगों में ज्यादातर लोग व्यापारी और युवा वर्ग के थे। मेला ग्रांउड से निकली रैली लगभग एक किलोमीटर लंबी थी। युवाओं,बुजुर्गो के हाथों में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन,आरक्षण का विरोध जताने वाली तख्तियां थी। कुछ युवा विरोध जताने के लिए काले कपड़े पहने हुए थे। कुछ लोगों के हाथ में काले झंड़े भी थे। छतरपुर के मुख्य बाजार हटवारा,चौक बाजार और महलन से रैली गुजरी तो लोगों ने फूल बरसाकर रैली का स्वागत किया।


इन समाजों के लोग हुए शामिल
गैर दलित समाज के बंद और रैली में सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लोग शामिल हुए। जैन समाज,निजी स्कूल संचालक,क्षत्रिय महासभा,ब्राम्हण महासभा,अधिवक्ता संघ,सपाक्स,सर्व ब्राम्हण समाज,अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा,सर्व स्वर्णकार समाज,समान्य पिछड़ा वर्ग,सिंधी समाज,अग्रवाल समाज,कायस्थ महासभा,अल्पसंख्यक कल्याण संस्था,पटेल समाज व गहोइ समाज के लोग रैली में शामिल हुए।


सभी पार्टियों के समर्थक हुए शामिल
गैरदलित समाज के बंद में किसी भी राजनैतिक दल के नेता शामिल नहीं हुए। लेकिन सभी राजनीतिक पार्टियों के समर्थक बंद की आमसभा और रैली में बढ-चढ़कर शामिल हुए। भाजपा हो या कांग्रेस या सपा,सभी पार्टियों से जुटे युवा और समर्थक एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ सड़कों पर उतरे। बंद और प्रदर्शन में भाजपा के समर्थक व्यापारी वर्ग के युवा सबसे ज्यादा संख्या में शामिल हुए। वहीं कांग्रेस की रैलियों में शामिल होने वाले युवा भी भारत बंद के दौरान प्रदर्शन करते नजर आए।

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