पीएम रिपोर्ट में 4 साल की बच्ची के साथ दुराचार के बाद हत्या का खुलासा

टीआई निलंबित, जांच के लिए एसआइटी गठित
घटना की जानकारी लगने पर आइजी, डीआइजी पहुंचे घटना स्थल, अज्ञात आरोपी पर २५ हजार का इनाम घोषित
संदेह के आधार पर पुलिस ने 4 लोगों को लिया हिरासत में, पुलिस जांच जारी

By: Dharmendra Singh

Published: 01 Jun 2020, 07:42 PM IST

छतरपुर। नौगांव थाना इलाके के एक गांव में 29 मई की सुबह एक 4 वर्षीय बच्ची के शव मिलने के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुराचार के बाद हत्या का खुलासा हुआ है। दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में बच्ची के साथ एक या दो लोगों द्वारा बलात्कार के बाद हत्या करने की पुष्टि हुई है। इधर, घटना की जानकारी लगने के 72 घंटे तक घटना स्थल पर न पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक कुमार सौरभ ने नौगांव टीआइ बैजनाथ शर्मा को निलंबित कर दिया है। अज्ञात आरोपियों पर २५ हजार का इनाम घोषित कर 14 सदस्यीय एसआइटी का गठन किया गया है। अज्ञात आरोपी पर 10 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। इसके साथ ही सोमवार को आइजी सागर अनिल शर्मा और डीआइजी छतरपुर विवेकराज सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण कर पीडि़त परिवार से मुलाक ात की।
तीन दिन बाद दर्ज हुआ केस
29 मई को कुआ में बच्ची का शव मिलने के बाद नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ. नीतेश गुप्ता और डॉ. प्रियंका चौहान के पैनल ने शव का पोस्टमॉर्टम किया। डॉक्टर ने शुरुआत में ही पुलिस से बलात्कार के बाद हत्या की आशंका जताई, लेकिन टीआइ नौगांव बैजनाथ शर्मा ने लापरवाही दिखाते हुए तीन दिन तक न केस दर्ज किया और न घटनास्थल गए। 31 मई को पुलिस अधीक्षक कुमार सौरभ घटना स्थल पहुंचे। देर रात अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बलात्कार व हत्या का केस दर्ज किया गया। रात 10. 30 बजे नौगांव थाना से लौटते ही एसपी कुमार सौरभ ने टीआइ बैजनाथ शर्मा को लापरवाही पर निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। सोमवार को सुबह 11 बजे डीआइजी विवेकराज सिंह, एसपी कुमार सौरभ घटना स्थल पहुंचे। इसके साथ की एएसपी समीर सौरभ एफएसएल टीम के साथ घटना स्थल पहुंचे और घटना के संबंध में एफएसएल टीमन ने जांच कर साक्ष्य जुटाए। दोपहर 1 बजे सागर आइजी अनिल शर्मा भी घटना स्थल पहुंचे।
जांच के लिए बनाई 14 सदस्यीय एसआइटी
सोमवार को आइजी,डीआइजी, एसपी, एएसपी, एसडीओपी और एसआइटी के 14 सदस्यीय टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जिस कुआ में बच्ची का शव मिला, उसका पानी खाली कराकर जांच की गई। पुलिस ने डॉग स्क्वाड की मदद भी ली। आईजी पीडि़त परिवार के घर पहुंचे और एक घंटे से ज्यादा समय तक परिवार के साथ रहकर उन्हें आरोपियों के पकड़े जाने का दिलासा देते रहे। आइजी ने पीडि़त परिवार से मामले का जल्द खुलासा करने का आश्वासन भी दिया है। पुलिस को आशंका है कि गांव के एक या दो व्यक्ति ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। संदेह के आधार पर चार लोगों को पुलिस रविवार से ही अपनी हिरासत में रखे हैं। पुलिस सभी पहलुओ पर जांच कर रही है।
एसपी से शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
गुरुवार की रात रोज की तरह 4 वर्षीय बच्ची अपने दादा के साथ सोई थी। शुक्रवार सुबह बच्ची का शव मकान से करीब 500 मीटर दूर एक कुएं में पड़ा मिला था। चौकी पुलिस ने पहुंचकर जांच की और मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया एवं जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में परिजन बच्ची की हत्या किए जाने की लगातार बात कह रहे थे। लेकिन पुलिस इस मामले में लापरवाही दिखाती रही। शनिवार को पीडि़त परिवार लोगों ने एसपी से मिलकर थाने की पुलिस पर लापरवाही करने और मामले को दबाने का आरोप लगाया। जिसके बाद रविवार की शाम एसपी घटना स्थल पहुंचे। पीएम रिपोर्ट आने पर बच्ची के सिर में चोट लगने से मौत एवं कोमल अंग में चोट पाए जाने पर पीएम करने वाले डॉक्टर ने दुष्कर्म एवं फिर हत्या किए जाने की पुष्टि की है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना पर ट्वीट कर घटना को शर्मसार करने वाला बताया है। उन्होंने शिवराज सरकार में लॉक डाउन में भी दुष्कर्म, गैंगरेप, हत्या, लूट की घटनाओं के न रुकने का आरोप लगाया है। लॉकाडउन में मासूम बच्चियों के सुरक्षित न रहने पर सवाल उठाया है। वहीं, जिले के लोग इस घटना पर सोशल मीडिया पर अपना अक्रोश जता रहे हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही मामले में लापरवाही करने वाले निलंबित टीआई बैजनाथ शर्मा के खिलाफ भी एफआइआर की मांग की है।

Dharmendra Singh
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