महाराष्ट्र में बंधुआ बनाए गए 43 मजदूरो को पुलिस ने कराया मुक्त

महाराष्ट्र के परभणी जिले के पिपरी गांव में बनाए गए थे बंधुओ मजदूर
पुलिस टीम सचखंड एक्सप्रेस से ला रही मजदूरों को वापस

By: Dharmendra Singh

Published: 17 Feb 2021, 10:23 PM IST

छतरपुर। महाराष्ट्र के परभणी जिले के पिपरी गांव में बंधुआ मजदूर बनाए गए बक्स्वाहा इलाके के 43 मजदूरों को पुलिस की टीम ने छुड़ा लिया है। रोजगार का झांसा देकर ले जाए गए इन मजदूरों को बंधुआ बनाकर खेतों में काम कराया जा रहा था। पुलिस की टीम पूर्णा जंक्शन से सचखंड एक्सप्रेस के जरिए छुड़ाए गए मजदूरों को लेकर बीना के लिए रवाना हुई है। 14 फरवरी को बाजना थाना के निमानी गांव निवासी रमदीना आदिवासी ने थाने में शिकायक देकर बताया था कि उसके परिवार समेत 40 से अधिक मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधक बनाया गया है। जिसके बाद पुलिस की टीम ने महाराष्ट्र जाकर बंधकों को बुधवार को मुक्त करा लिया।

बंधुआ मजदूर ने वीडियो भेजकर बताई थी आपबीती
पल्टू पिता रमदीना आदिवासी निवासी ग्राम निमानी थाना बाजना ने पुलिस को बताया कि पिल्लू पिता गोरेलाल आदिवासी निवासी बिनेंदा थाना बडामलहरा 40 से ज्यादा लोगों को ज्यादा मजदूरी का प्रलोभन देकर ले गया और उन्हें महाराष्ट्र प्रांत में छोड आया है। वहां उनसे बधुवां मजदूरी कराई जा रही है। शिकायत में उसने बताया कि उन्हें पैसा भी नहीं दिया जा रहा, ऐसे में वह परेशान है। ग्रामीणों ने मजदूरी की एक वीडियो क्लिप भी परिवार को भेजी है। वीडियों में वह एक खेत में काम करते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने आवेदन के साथ वीडियो क्लिप भी पुलिस को दिया है। बताया जाता है कि, पिल्लू आदिवासी माह जनवरी में गांव आया था और उसने 4 सौ रुपये प्रतिदिन मजदूरी दिलानें की कहकर बक्स्वाहा इलाके के मगरई, सहपुरा, बीरमपुरा सहित आसपास के गांव के 40 मजदूरों को साथ ले गया और उन्हें, महाराष्ट्र में छोड आया है। मजदूरों को बंधक रखकर उनसे काम कराया जा रहा है।

आधी रात चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
बक्स्वाहा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रीय व उनकी टीम मंगलवार को महाराष्ट्र के पिपरी गांव पहुंची और स्थानीय पुलिस टीम की मदद से रात 2.30 बजे दबिश देकर बंधुआ बनाए गए मजदूरों को मुक्त कराया। छुड़ाए गए मजदूरों ने बताया कि डेढ महीने से बिना मजदूरी दिए काम कराया जा रहा है। खाना तक नहीं दिया जा रहा था। यहां तक की परिवार के साथ आए बच्चों को भी भूखा रहना पड़ता था। मजदूरों को वापस भी नहीं आने दिया जा रहा था।

आरोपी गिरफ्तार
बक्सवाहा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रीय का कहना है कि शिकायत के बाद एक टीम लेकर मैं खुद पिपरी गांव गया, जहां 43 लोगों बंधक बनाकर मजदूरी कराई जा रही थी। पुलिस की टीम ने सभी को मुक्त करा लिया है। ट्रेन के जरिए बीना और फिर छतरपुर पहुंच रहे हैं। इन मजदूरों को झांसा देकर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। विधिअनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।


Dharmendra Singh
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