VIDEO बिजली कंपनी की मनमानी के खिलाफ फूटा आक्रोश, इस तरह परेशान हुए लोग

कलेक्ट्रेट का घेराव कर जलाए बिजली बिल

By: Samved Jain

Published: 13 Mar 2018, 09:46 AM IST

छतरपुर। बिजली कंपनी की मनमानी के खिलाफ आम जनता का आक्रोश जमकर फूटा। बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। इसके बाद लोगों ने नारेबाजी कर बिजली के मनमाने बिलों को जलाया।


सोमवार को अपने प्रस्तावित आंदोलन के तहत किसान व व्यापारी आम आदमी पार्टी के बैनर तले प्रदेश संगठन सचिव अमित भटनागर के नेतृत्व में स्टेडियम से कलेक्ट्रेट तक सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रैली के रूप में पहुंचे। जहां कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए मीटर नहीं तो बिल नहीं के नारे के साथ बिलों में आग लगाई।

इस दौरान किसानों-व्यापारियों में जमकर आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना था कि उनके घरों में, गांव में कई वर्षों से मीटर की रीडिंग नहीं ली गई। बिना रीडिंग के ही मनमाने बिल थमाए जा रहे है। ज्यादातर घरों में मीटर नहीं है या खराब है। जहां सही है वहां भी कोई मीटर की रीडिंग लेने नहीं आता। बिना मीटर के कई वर्षों से कैसे बिजली कंपनी बिल भेज रही है। ये उपभोक्ता कानून का खुला उल्लंघन है लेकिन शासन-प्रशासन का नुमाइंदा आम आदमी की इस लूट पर मौन है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष सभी मौन है, ऐसे दर्जनों गांव और हजारों उपभोक्ता है जिनके जहां कई सालों से लाईट नहीं है लेकिन फिर भी बिजली बिल दिए जा रहे हैं। परीक्षा के समय रात में अघोषित कटौती और लो वोल्टेज के कारण बच्चों का भविष्य अधर में है। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों से वसूली पर रोक की सार्वजनिक घोषणा करते है। दूसरी तरफ किसानों की मोटर साईकिल, उनके खेतों पर छापामार कार्यवाही कर उनके स्टार्टर मोटर उठाई जा रही है। मुख्यमंत्री ही झूठी घोषणाएं कर रहे है। किसानों का कहना है कि ऐसे में भला किस पर भरोसा किया जाए। यही कारण है कि किसान आत्मघाती कदम उठा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बिना रीडिंग के बिल नहीं भरेंगे अगर 1 माह के अंदर मीटर नहीं लगाए गए व मीटर रीडिंग के अनुसार बिल न देकर मनमाने बिल दिए गए तो हम बिल नहीं जेल भरो अभियान चलाएंगे।

कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के युवा शक्ति जोन प्रभारी केशकुमार राजपूत, लोकसभा प्रभारी मनीष भटनागर, देवीदीन कुशवाहा, कमलेश पटेल, प्रकाश दुवे, अमर रैकवार, अजुद्दी पटेल गुड़पारा, रामेश्वर पटेल, तुलसीदास पटेल, राकेश पटेल, भूरीबाई बंसल, मोहनलाल अहिरवार, मोहनलाल कुशवाहा, हीरालाल पटेल, गानुआ अहिरवार सहित रामपुर, गुड़पारा, झमटुली, भारतपुरा, गोपालपुर सहित दो दर्जन गांव के सैकड़ों किसान व आम जन सहभागी हुए।

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