राजारामा आइटीआइ स्थित परीक्षा सेंटर में तोडफ़ोड़ कर छात्रों ने किया हंगामा, परीक्षा कराने आए वीक्षकों से मारपीट

रात 10 बजे बरसते पानी में कलेक्टर बंगला का घेराव करने पहुंचे आइटीआइ स्टूडेंट
- एक प्राइवेट आइटीआइ संचालक के इशारे पर छात्रों ने किया उपद्रव

By: Neeraj soni

Updated: 15 Aug 2019, 07:34 PM IST

Chhatarpur, Madhya Pradesh, India

छतरपुर। शहर के पन्ना रोड स्थित राजाराम प्राइवेट आइटीआइ कॉलेज में स्टेनो हिंदी आइटीआइ परीक्षा के लिए बनाए गए सेंटर में बुधवार को खूब हंगामा हुआ। कॉलेज में छात्रों ने जमकर तोडफ़ोड़ की और परीक्षा कराने आए वीक्षकों से मारपीट कर दी। इसके बाद वे रात 10 बजे कलेक्टर बंगला पर प्रदर्शन करने पहुंच गए। कलेक्टर ने छात्रों की बात सुनकर जांच कराने का आश्वासन दिया, इसके बाद छात्र लौट गए। जिस कॉलेज में यह परीक्षा केंद्र था, वहां के संचालक ने एक प्राइवेट आइटीआइ कॉलेज संचालक पर छात्रों को उपद्रव के लिए भड़काने का आरोप लगाया है। साथ ही परीक्षा केंद्र पर हुई तोडफ़ोड़ से हुए नुकसान को लेकर भी शिकायत की है।
पन्ना रोड स्थित राजाराम प्राइवेट आईटीआई कॉलेज में एव्हीएस प्राइवेट आइटीआइ कॉलेज के छात्र-छात्राओं का स्टेनो हिंदी आइटीआइ परीक्षा का सेंटर बनाया गया था। इस परीक्षा को कराने के लिए शासन द्वारा तय परीक्षा पर्यवेक्षक, डिक्टेशन बोलने वाले और तीन अन्य शासकीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। छात्रों का आरोप था कि डिक्टेशन बोलेने वालों ने परीक्षार्थियों के साथ भेदभाव किया। यहां 100 शब्द पर मिनट के हिसाब से डिक्टेेशन बोले जाने थे, लेकिन कर्मचारी ने भेदभाव करते हुए 120 शब्द प्रति मिनट के हिसाब से डिक्टेशन बोले। इस बात को लेकर यहां पर परीक्षार्थियों ने विरोध शुरू कर दिया। परीक्षा के दौरान एव्हीएस आइटीआइ के संचालक मौजूद थे। उन्होंने छात्रों को उकसाया तो वे परीक्षा पर्यवेक्षकों से हाथापाई करने लगे। परीक्षा सेंटर की कंप्यूटर लैब के एक दर्जन सिस्टमों में तोडफ़ोड़ कर दी। इसके बाद वे रात 10 बजे सीधे कलेक्टर बंगला पहुंच गए और बरसते पानी में नारेबाजी करते हुए बंगले का घेराव कर दिया। इस पर मौके पर सिविल लाइन पुलिस भी पहुंच गई। कलेक्टर ने बंगले में छात्रों के प्रतिनिधि मंडल को बुलाया और उनकी बात सुनी। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो छात्र वापस लौट गए।
राजाराम आइटीआइ कॉलेज के संचालक जगदीश गुप्ता ने बताया कि उनके कॉलेज को शासन ने केवल परीक्षा केंद्र बनाया है। इस पूरी परीक्षा से कॉलेज प्रबंधन को कुछ भी लेना-देना नहीं रहता है। वे केवल परीक्षा के लिए अपने संसाधन निशुल्क रूप से उपलब्ध करवाते हैं। यह परीक्षा करवाने के लिए शासन की ओर से ही परीक्षा पर्यवेक्षक, डिक्टेशन बोलने वाले और तीन अन्य कर्मचारी यहां पर भेजे गए थे। लेकिन कुछ लोगों ने छात्रों को उपद्रव के लिए उकसाकर उनके कंप्यूटर लैब के एक दर्जन सिस्टम तुड़वा दिए और परीक्षा कराने आए सरकारी कर्मचारियों से मारपीट करवा दी। उन्होंने कहा कि वे पूरे मामले की शिकायत दर्ज करा रहे हैं। गुप्ता ने बताया कि उनके कॉलेज में तीन प्राइवेट आइटीआइ के पेपर थे। इनमें कृष्णा आइटीआइ, एव्हीएस आइटीआइ और ओम प्राइवेट आइटीआइ शामिल थे। दो कॉलेजों के परीक्षार्थियों को पेपर बोले गए, लेकिन उन्हें कोई आपत्ति नहीं हुई। लेकिन केवल एक एव्हीएस कॉलेज के जिन छात्रों से पेपर नहीं बना तो उन्होंने हंगामा कर दिया। कॉलेज के कंप्यूटरों मं तोडफ़ोड़ के साथ ही कापियां छुड़ाने की कोशिश की तो परीक्षा प्रभारी छीना-छपटी की। बाद में कॉलेज की लाइटें भी तोड़ दी गईं। उन्होंने बताया कि परीक्षा के पहले ही पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की गई थी और पत्र भेजा गया था, लेकिन पुलिस का सहयोग नहीं मिलने से छात्र हंगामा करने में सफल हो गए।

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