टोकन देकर ट्रकों से की जा रही वसूली, तीन हजार रुपए में दिया जाता है इंट्री टोकन

- सीमावर्ती पहाड़ी बंधा प्रभारी आरटीओ द्वारा चैकिंग के नाम पर की जा रही अवैध वसूली

By: Neeraj soni

Published: 24 Jul 2018, 01:03 PM IST

बजीर खान
नौगांव। शासन द्वारा भले ही टैक्स चोरी करने वालों पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा हो और इसके लिए कई कानून भी बना दिए गए हैं लेकिन शासन के नुमाइंदे इसके विपरीत काम करते नजर आ रहे है। राज्य शासन द्वारा टैक्स चोरी एवं ओवर लोडिंग को रोकने के लिए जिले के पहाड़ी बंधा स्थित बड़ागांव में सरकारी अधिकारीयों को बैठाया गया लेकिन यह अधिकारी शासन के खजाने को छोड़कर अपना खजाना भरने में लगे हुए हैं। बडागांव से बाईपास निकलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने की जगह आरटीओ वैरियर पर तैनात अफसर और पुलिसकर्मी खुद के टोकन बनाकर एंट्री वसूली करने में लगे हैं। चैकिंग में लगा अमला वाहनों को चोर रास्तों पर रोककर उनसे मोटी रकम वसूलने के साथ ही उन्हें महीने भर के लिए चोर रास्ते से निकलने के लिए टोकन थमा रहे हैं। यह टोकन एक तरह से निर्धारित समय सीमा मेंं चोर रास्ते व टेक्स चोरी का सर्टिफिकेट ही होता है। इससे कर्मचारियों का खजाना तो भर रहा है लेकिन शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस अवैध वसूली के खेल का स्टिंग बीती रात पत्रिका टीम ने किया तो चौकाने वाला सच सामने आया।
स्टिंग में खुला पूरा राज :
रविवार की रात 10.30 बजे के लगभग अलीपुरा से गर्रोली से निकलने वाले मार्ग गर्रोली में ट्रकों से अवैध एंट्री वसूली का खेत पकड़ा गया है। यहां पहाड़ी बंधा प्रभारी आरटीओ व उनके स्टाफ द्वारा अलीपुरा की ओर से आ रहे भारी वाहनों को रोककर उनको चेक कर रहे थे। ट्रकों को चेक करके उनसे तीन-तीन हजार रुपए वसूल कर उनको टोकन बांटे जा रहे थे। ट्रक चालक जब रुपए का भुगतान कर आगे बढ़े और उनसे पत्रिका टीम ने पूछा कि यह किस तहर की चैकिंग की जा रही है। तब कुछ ट्रक चालकों ने बताया की यहां चेकिंग के नाम पर आरटीओ साहब द्वारा तीन-तीन हजार रुपए लेकर टोकन दिए जा रहे हैं। जैसे पत्रिका टीम आरटीओ के वाहन के नजदीक पहुंची और उनसे पूछने का प्रयास किया तो साहब वहां से तुरंत निकल गए। यह सब तमाशा देख रहे गर्रोली गांव के निवासी रविन्द्र, आशीष, अजुद्दी, रमाशंकर, शिवप्रताप ने बताया की इस तरह की अवैध वसूली गर्रोली में आकर आरटीओ और उनका स्टाफ आए दिन करता है। इस बारे में जब प्रभारी आरटीओ से बात की गई तो उनका कहना था की हमारे द्वारा वाहनों की टैक्स व ओवर लोडिंग की चेकिंग की गई है।
जबकि इतने वाहनों की चैकिंग करने के बाद किसी भी वाहन का किसी भी प्रकार का चालान नहीं किया गया। मजे की बात तो यह है की जब सभी गाडिय़ां अंदरलोड टैक्स पेड थी तो वह बैरियर के नीचे से न निकलकर गर्रोली के चोर रास्ते से होते हुए क्यों निकल रही थी। इससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि चैकिंग के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है।
यह है टोकन का पूरा खेल :
ट्रक चालकों को एंट्री के लिए एक महीने या 15 दिन के लिए एक विशेष टोकन रुपए लेकर दिया जाता है। यह टोकन दिखाने पर ट्रक को चोर रास्ते पर दोबारा नहीं पकड़ा जाता है। टोकन की म्याद खत्म होने के बाद ट्रक चालक को दोबारा से रुपए लेकर टोकन दे दिए जाते हैं।
इनका कहना है :
कल रात गर्रोली में हमारे द्वारा वाहनों से टेक्स व ओवर लोड की चैकिंग की जा रही थी। किसी भी वाहन के चालन नहीं किए गए। सभी वाहनों के कागज दुरुस्त पाए गए। हमारे द्वारा किसी भी वाहनों से अवैध वसूली नहीं की गई है। ट्रक ड्राइवरों के पास टोकन कैसे और कहां से आए पता नहीं।
- एसके अंसारी, प्रभारी आरटीओ पहाड़ीबंधा वैरियर

Neeraj soni Reporting
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